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महाअष्टमी पर गूंजे मां भगवती के जयकारे
अमर उजाला ब्यूरो/ शाहजहांपुर
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:31 AM IST
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मां दुर्गा
- फोटो : अमर उजाला
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महाअष्टमी पर गूंजे मां भगवती के जयकारे
देवी मंडपों में मां महागौरी की हुई पूजा-अर्चना
हवन-पूजन के बाद कन्या भोज भी कराए गए
वासंतिक नवरात्र की महाअष्टमी पर मंगलवार को घर-आंगन और मंदिर मां भगवती के जयकारों से गूंजते रहे। घरों में सजे मंडपों में भक्तों ने मां दुर्गा के अष्टम स्वरूप मां महागौरी का आह्वान किया और उनकी विधि-विधान से स्तुति कर मनौती मांगी। नवरात्र के दौरान उपवास रखने के अलावा अन्य महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने अष्टमी पर उपवास रखा। मंदिरों में देर रात तक मां भगवती के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
नवरात्र की अष्टमी पर महिलाओं और पुरुषों ने घरों में मां भगवती का पूजन कर मंदिरों की ओर रुख किया। मंदिरों में सुबह से देर रात तक भक्तों का सैलाव उमड़ता रहा। शहर के प्रमुख मंदिरों के बाहर हार-फूल के अलावा प्रसाद और पूजन साहित्य-सामग्री की दुकानें सजी रहीं। सुरक्षा के लिहाज से महिला पुलिस भी प्रमुख मंदिरों में तैनात रही। कई बार मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति भी बनी।
वहीं, महिलाओं ने ढोलक की थाप पर मंदिरों और घरों में कीर्तन का भी आयोजन किया। छंदों और गीतों के माध्यम से मां भगवती का गुणगान किया गया। बाद में प्रसाद वितरण किया गया। इधर, कई घरों में परंपरागत ढंग से अष्टमी पर ही हवन कराकर कन्याओं को भोज भी कराया गया। बाद में दान-दक्षिणा और उपहारों से कन्याओं का आशीर्वाद लिया गया।
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देवी मंडपों में मां महागौरी की हुई पूजा-अर्चना
हवन-पूजन के बाद कन्या भोज भी कराए गए
वासंतिक नवरात्र की महाअष्टमी पर मंगलवार को घर-आंगन और मंदिर मां भगवती के जयकारों से गूंजते रहे। घरों में सजे मंडपों में भक्तों ने मां दुर्गा के अष्टम स्वरूप मां महागौरी का आह्वान किया और उनकी विधि-विधान से स्तुति कर मनौती मांगी। नवरात्र के दौरान उपवास रखने के अलावा अन्य महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने अष्टमी पर उपवास रखा। मंदिरों में देर रात तक मां भगवती के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
नवरात्र की अष्टमी पर महिलाओं और पुरुषों ने घरों में मां भगवती का पूजन कर मंदिरों की ओर रुख किया। मंदिरों में सुबह से देर रात तक भक्तों का सैलाव उमड़ता रहा। शहर के प्रमुख मंदिरों के बाहर हार-फूल के अलावा प्रसाद और पूजन साहित्य-सामग्री की दुकानें सजी रहीं। सुरक्षा के लिहाज से महिला पुलिस भी प्रमुख मंदिरों में तैनात रही। कई बार मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति भी बनी।
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वहीं, महिलाओं ने ढोलक की थाप पर मंदिरों और घरों में कीर्तन का भी आयोजन किया। छंदों और गीतों के माध्यम से मां भगवती का गुणगान किया गया। बाद में प्रसाद वितरण किया गया। इधर, कई घरों में परंपरागत ढंग से अष्टमी पर ही हवन कराकर कन्याओं को भोज भी कराया गया। बाद में दान-दक्षिणा और उपहारों से कन्याओं का आशीर्वाद लिया गया।
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