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Shahjahanpur News: बेटी की हत्या कर शव तालाब में फेंकने वाले पिता को उम्रकैद
Wed, 02 Oct 2024 03:35 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 02 Oct 2024 03:35 AM IST
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शाहजहांपुर। सिंधौली थाना क्षेत्र के शिवनगर गांव में बेटी की ईंट मारकर हत्या करने के दोषी पिता को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर साठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गांव के रहने वाले सुखलाल ने 15 जनवरी 2023 को थाने में प्रार्थना पत्र देकर इंटर में पढ़ने वाली बेटी अर्चना की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 24 जनवरी की सुबह उसका शव दियूरिया कल्याणपुर गांव के पास तालाब में पड़ा मिला था। वहीं पर बैग और कापी किताबें पड़ी थी। पुलिस ने बेटी की कॉल डिटेल खंगाली। इसमें सबसे ज्यादा बार मटरू नाम के युवक से बात होना सामने आया। पुलिस ने मटरू से संपर्क साधा तो उसने खुद को इंदौर में होना बताया। पुलिस ने मटरू को बुलाकर बातचीत की तो सारे स्थिति स्पष्ट हो गई। इसके बाद पिता सुखलाल से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया था कि खेत में प्रेमी के साथ बेटी को देखने के बाद उसे कमरे में बंद कर दिया था। काफी समझाने के बाद वह नहीं मानी तो आवेश में आकर ईंट से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में बांधकर तालाब में डाल दिया।
वह मटरू को फंसाना चाहता था। पुलिस ने पिता को जेल भेज दिया था। विवेचना में साक्ष्य के आधार पर सुखलाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा गया। द्वितीय फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश नवेंद्र नाथ पांडेय ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर सुखलाल को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।
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गांव के रहने वाले सुखलाल ने 15 जनवरी 2023 को थाने में प्रार्थना पत्र देकर इंटर में पढ़ने वाली बेटी अर्चना की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 24 जनवरी की सुबह उसका शव दियूरिया कल्याणपुर गांव के पास तालाब में पड़ा मिला था। वहीं पर बैग और कापी किताबें पड़ी थी। पुलिस ने बेटी की कॉल डिटेल खंगाली। इसमें सबसे ज्यादा बार मटरू नाम के युवक से बात होना सामने आया। पुलिस ने मटरू से संपर्क साधा तो उसने खुद को इंदौर में होना बताया। पुलिस ने मटरू को बुलाकर बातचीत की तो सारे स्थिति स्पष्ट हो गई। इसके बाद पिता सुखलाल से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया था कि खेत में प्रेमी के साथ बेटी को देखने के बाद उसे कमरे में बंद कर दिया था। काफी समझाने के बाद वह नहीं मानी तो आवेश में आकर ईंट से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में बांधकर तालाब में डाल दिया।
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वह मटरू को फंसाना चाहता था। पुलिस ने पिता को जेल भेज दिया था। विवेचना में साक्ष्य के आधार पर सुखलाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा गया। द्वितीय फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश नवेंद्र नाथ पांडेय ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर सुखलाल को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।
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