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Shahjahanpur News: पांच वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास
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शाहजहांपुर। पांच वर्ष की मासूम से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। कार्यवाही शुरू होने के 96 दिनों में ही अदालत ने दोषी को सजा सुनाई है।
मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 11 मार्च 2025 को उसकी पांच वर्ष की बेटी गली में खेल रही थी। उसके घर में मेहमान आए हुए थे। 48 वर्षीय पुष्पपाल उर्फ हीरो उसकी बेटी को खिलाने के बहाने बगिया में ले गया। वहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
बेटी किसी तरह घर पहुंची और उसे आपबीती बताई। बेटी की गंभीर हालत देखकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण किया गया। पुलिस ने 16 अप्रैल को पुष्पपाल के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा।
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दो मई से अदालत में मुकदमे की कार्यवाही शुरू हुई। 12 जून से आरोप विरचित किए गए। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने दोषी पुष्पपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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कोर्ट ने कहा-दोषी ने किया जघन्य अपराध
अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि दोषी ने पांच वर्ष की अबोध बच्ची को बहला-फुसलाकर साथ ले जाकर दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध किया है। लैंगिक उत्पीड़न से पीड़ित को शारीरिक व मानसिक रूप से आघात पहुंचता है और उसे अत्यंत पीड़ा का सामना करना पड़ता है। दोषी के अपराध से पीड़िता का जीवन दुष्प्रभावित हुआ है।
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मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 11 मार्च 2025 को उसकी पांच वर्ष की बेटी गली में खेल रही थी। उसके घर में मेहमान आए हुए थे। 48 वर्षीय पुष्पपाल उर्फ हीरो उसकी बेटी को खिलाने के बहाने बगिया में ले गया। वहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
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बेटी किसी तरह घर पहुंची और उसे आपबीती बताई। बेटी की गंभीर हालत देखकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण किया गया। पुलिस ने 16 अप्रैल को पुष्पपाल के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा।
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दो मई से अदालत में मुकदमे की कार्यवाही शुरू हुई। 12 जून से आरोप विरचित किए गए। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने दोषी पुष्पपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने कहा-दोषी ने किया जघन्य अपराध
अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि दोषी ने पांच वर्ष की अबोध बच्ची को बहला-फुसलाकर साथ ले जाकर दुष्कर्म जैसा जघन्य अपराध किया है। लैंगिक उत्पीड़न से पीड़ित को शारीरिक व मानसिक रूप से आघात पहुंचता है और उसे अत्यंत पीड़ा का सामना करना पड़ता है। दोषी के अपराध से पीड़िता का जीवन दुष्प्रभावित हुआ है।