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शाहजहाँपुर: मासूम भांजे के हत्यारे मामा को आजीवन कारावास
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शाहजहांपुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद राय ने फिरौती न मिलने पर पांच वर्ष के बच्चे की हत्या कर शव नाले में फेंक देने के दोषी मामा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के गांव मिश्रीपुर निवासी आरिश उर्फ शानू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 अप्रैल 2019 की शाम करीब पांच बजे उनका मौसेरा साला शहनवाज उर्फ लाला उनके घर आया था। लाला उनके पांच साल के बेटे जुहान को मिश्रीपुर चौराहे पर जूते दिलाने के बहाने ले गया, लेकिन फिर घर नहीं लौटा। काफी तलाशने पर भी उसका कुछ पता नहीं चला। विवेचना के दौरान थाना प्रभारी जयशंकर सिंह ने 13 अप्रैल, 2019 को शहनवाज उर्फ लाला को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर नाले से जुहान का शव बरामद कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक शहनवाज ने बच्चे को छोड़ने की एवज में उसके पिता से फिरौती मांगी थी। न मिलने पर उसने बच्चे को गला दबाकर मार दिया और शव नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने शहनवाज के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान सात गवाहों के बयान और सरकारी वकील आशीष त्रिपाठी व वादी के वकील एजाज हसन खां के तर्कों को सुनकर अपर सत्र न्यायाधीश ने शहनवाज उर्फ लाला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के गांव मिश्रीपुर निवासी आरिश उर्फ शानू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 अप्रैल 2019 की शाम करीब पांच बजे उनका मौसेरा साला शहनवाज उर्फ लाला उनके घर आया था। लाला उनके पांच साल के बेटे जुहान को मिश्रीपुर चौराहे पर जूते दिलाने के बहाने ले गया, लेकिन फिर घर नहीं लौटा। काफी तलाशने पर भी उसका कुछ पता नहीं चला। विवेचना के दौरान थाना प्रभारी जयशंकर सिंह ने 13 अप्रैल, 2019 को शहनवाज उर्फ लाला को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर नाले से जुहान का शव बरामद कर लिया गया।
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पुलिस के मुताबिक शहनवाज ने बच्चे को छोड़ने की एवज में उसके पिता से फिरौती मांगी थी। न मिलने पर उसने बच्चे को गला दबाकर मार दिया और शव नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने शहनवाज के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान सात गवाहों के बयान और सरकारी वकील आशीष त्रिपाठी व वादी के वकील एजाज हसन खां के तर्कों को सुनकर अपर सत्र न्यायाधीश ने शहनवाज उर्फ लाला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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