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Shahjahanpur News: डीएपी की कालाबाजारी में उर्वरक बिक्री का लाइसेंस निलंबित
Sat, 30 Nov 2024 01:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 30 Nov 2024 01:24 AM IST
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कांट। किसान से डीएपी का अधिक मूल्य लिए जाने की शिकायत जांच में सही निकली। इसके बाद कुर्रिया कलां मार्ग पर स्थित मेसर्स महादेव फर्टिलाइजर्स का उर्वरक बिक्री लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर ने दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
मल्हपुर गांव के बलराम दीक्षित उर्फ मनक्के ने जिला कृषि अधिकारी को प्रार्थनापत्र दिया था। बताया था कि सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं मिल रही है। इस पर वह महादेव फर्टिलाइजर्स पर जाकर दुकान मालिक विनीत वर्मा से मिले। दुकान मालिक के कहने पर उन्होंने 1500 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से 10 बोरी के 15 हजार रुपये जमा कर दिए।
बाद में मदनापुर रोड स्थित गोदाम से दूसरे ब्रांड की खाद उन्हें दी गई, जिस पर 1470 रुपये मूल्य अंकित था। गेहूं की बोआई के वक्त खाद भी गुणवत्ता युक्त नहीं निकली। मामले में दुकान मालिक से शिकायत की गई। उन्होंने अनसुना कर दिया। जिला कृषि अधिकारी ने जांच में यह मामला ओवर रेटिंग और कालाबाजारी का पाया। उन्होंने महादेव फर्टिलाइजर्स का उर्वरक निबंधन प्रमाणपत्र निलंबित कर दुकान मालिक को सात दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने दुकान मालिक को जारी नोटिस में चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि तक स्पष्टीकरण नहीं मिलने अथवा असंतोषजनक उत्तर मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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मल्हपुर गांव के बलराम दीक्षित उर्फ मनक्के ने जिला कृषि अधिकारी को प्रार्थनापत्र दिया था। बताया था कि सहकारी समितियों पर डीएपी नहीं मिल रही है। इस पर वह महादेव फर्टिलाइजर्स पर जाकर दुकान मालिक विनीत वर्मा से मिले। दुकान मालिक के कहने पर उन्होंने 1500 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से 10 बोरी के 15 हजार रुपये जमा कर दिए।
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बाद में मदनापुर रोड स्थित गोदाम से दूसरे ब्रांड की खाद उन्हें दी गई, जिस पर 1470 रुपये मूल्य अंकित था। गेहूं की बोआई के वक्त खाद भी गुणवत्ता युक्त नहीं निकली। मामले में दुकान मालिक से शिकायत की गई। उन्होंने अनसुना कर दिया। जिला कृषि अधिकारी ने जांच में यह मामला ओवर रेटिंग और कालाबाजारी का पाया। उन्होंने महादेव फर्टिलाइजर्स का उर्वरक निबंधन प्रमाणपत्र निलंबित कर दुकान मालिक को सात दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने दुकान मालिक को जारी नोटिस में चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि तक स्पष्टीकरण नहीं मिलने अथवा असंतोषजनक उत्तर मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।