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बंडा के गांव में दो शावकों के साथ घुसे तेंदुए का कुत्ते पर हमला
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गांव धर्मापुर के पास तेंदुए के पगमार्क देखती वन विभाग की टीम, साथ में गांव के लोग
- फोटो : POWAYAN
बंडा (शाहजहांपुर)। तेंदुए ने सोमवार रात गांव धर्मापुर में कुत्ते को शिकार बनाने के लिए हमला किया, लेकिन लोगों ने शोर मचाकर और पटाखे चलाकर तेंदुए को भगा दिया। तेंदुआ गांव के पास गन्ने के खेत में दो शावकों के साथ मौजूद है। गांव धर्मापुर के पास 24 मई को तेंदुए ने बंडा के मोहम्मद आसिफ को घायल कर दिया था। आसिफ खेत पर घास काटने गए थे। बाद में तेंदुए को देखने का प्रयास करने के दौरान तेंदुए ने धर्मापुर के विशाल मिश्रा और बंडा के तालिफ को भी घायल कर दिया था। वन विभाग की टीम ने खेत के पास पिंजड़ा लगाया था, लेकिन तेंदुआ नहीं फंसा।
गांव धर्मापुर के ही पास 29 मई को फिर से तेंदुए को देखा गया, लेकिन वन विभाग की टीम पगमार्क कुत्ते के बताकर बिना जांच के लौट गई। सोमवार रात तेंदुआ दो शावकों के साथ गांव में फिर आग गया और सर्वेश कुमार के घर के बाहर कुत्ते पर हमला कर दिया। कुत्ते के चिल्लाने पर गांव के लोगों ने टॉर्च की रोशनी में तेंदुए को देखा। शोर शराबा करना शुरू कर दिया और पटाखे चलाए।
इस पर तेंदुआ कुत्ते को छोड़कर भाग गया। गांव के लोगों ने ट्रैक्टर मौके पर लाकर रोशनी की और ट्रैक्टर गांव के बाहर तक ले जाकर तेंदुए को भगाने का प्रयास किया। इस पर तेंदुआ शावकों के साथ गन्ने के उस खेत में चला गया, जिसमें वह कई दिन से डेरा डाले है। गांव धर्मापुर के रामप्रवेश शुक्ला, मोनू शुक्ला, सर्वेश मिश्रा, मिथिलेश मिश्रा, विपिन मिश्रा, बृजगोपाल, अवनीश, सचिन, अनुराग, कमरुद्दीन, शीतल मिश्रा आदि ने तेंदुए को देखने का दावा किया है। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि जानकारी मिली है, टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।
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सुबह की सूचना पर शाम छह बजे मौके पर पहुंचे रेंजर देवेंद्र यादव ने लोगों से तेंदुआ न होने की बात कही। बोले, जो लोग झूठी सूचना देंगे, उन पर रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी। इससे गांव के लोगों में नाराजगी है। तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हुई है। गांव के लोगों को कहा गया है कि वे अपना ध्यान रखें और झूठी सूचना न दें। -डीएस यादव, रेंजर खुटार रेंज
एक ही खेत में डेरा जमाए है तेंदुआ
गांव धर्मापुर के पास गन्ने के जिस खेत में 24 मई को तेंदुआ तीन लोगों को घायल कर चुका है, वह उस खेत में ही शावकों के साथ मौजूद है। इससे शावकों को खतरा होने के साथ ही खेतों में काम करने वाले किसानों को भी बड़ा खतरा है। वन विभाग के लोगों ने 25 मई की सुबह तेंदुए के कहीं और चले जाने की बात कह दी थी और 30 मई को पगमार्क कुत्ते के बताकर खिसक गए थे। इससे लोगों में रोष है।
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गांव धर्मापुर के ही पास 29 मई को फिर से तेंदुए को देखा गया, लेकिन वन विभाग की टीम पगमार्क कुत्ते के बताकर बिना जांच के लौट गई। सोमवार रात तेंदुआ दो शावकों के साथ गांव में फिर आग गया और सर्वेश कुमार के घर के बाहर कुत्ते पर हमला कर दिया। कुत्ते के चिल्लाने पर गांव के लोगों ने टॉर्च की रोशनी में तेंदुए को देखा। शोर शराबा करना शुरू कर दिया और पटाखे चलाए।
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इस पर तेंदुआ कुत्ते को छोड़कर भाग गया। गांव के लोगों ने ट्रैक्टर मौके पर लाकर रोशनी की और ट्रैक्टर गांव के बाहर तक ले जाकर तेंदुए को भगाने का प्रयास किया। इस पर तेंदुआ शावकों के साथ गन्ने के उस खेत में चला गया, जिसमें वह कई दिन से डेरा डाले है। गांव धर्मापुर के रामप्रवेश शुक्ला, मोनू शुक्ला, सर्वेश मिश्रा, मिथिलेश मिश्रा, विपिन मिश्रा, बृजगोपाल, अवनीश, सचिन, अनुराग, कमरुद्दीन, शीतल मिश्रा आदि ने तेंदुए को देखने का दावा किया है। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि जानकारी मिली है, टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।
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सुबह की सूचना पर शाम छह बजे मौके पर पहुंचे रेंजर देवेंद्र यादव ने लोगों से तेंदुआ न होने की बात कही। बोले, जो लोग झूठी सूचना देंगे, उन पर रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी। इससे गांव के लोगों में नाराजगी है। तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हुई है। गांव के लोगों को कहा गया है कि वे अपना ध्यान रखें और झूठी सूचना न दें। -डीएस यादव, रेंजर खुटार रेंज
एक ही खेत में डेरा जमाए है तेंदुआ
गांव धर्मापुर के पास गन्ने के जिस खेत में 24 मई को तेंदुआ तीन लोगों को घायल कर चुका है, वह उस खेत में ही शावकों के साथ मौजूद है। इससे शावकों को खतरा होने के साथ ही खेतों में काम करने वाले किसानों को भी बड़ा खतरा है। वन विभाग के लोगों ने 25 मई की सुबह तेंदुए के कहीं और चले जाने की बात कह दी थी और 30 मई को पगमार्क कुत्ते के बताकर खिसक गए थे। इससे लोगों में रोष है।