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साढ़े तीन लाख में चारागाह की भूमि नीलाम
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Apr 2017 11:20 PM IST
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गांव चमराबोझी स्थित चारागाह की भूमि पर खड़ी साढ़े सोलह एकड़ गेहूं की फसल शुक्रवार को साढ़े तीन लाख रुपये में नीलाम कर दी गई। पहले यह फसल मात्र 1.06 लाख रुपये में नीलाम हुई थी, लेकिन एसडीएम अजय कुमार तिवारी ने नीलामी को बेहद कम बताते हुए स्वीकृति देने से इंकार कर दिया था।
खुटार के गांव चमराबोझी में चारागाह की भूमि है। चारागाह की साढ़े सोलह एकड़ भूमि पर कई लोगों ने अवैध कब्जा कर गेहूं की फसल बो दी थी। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फसल में झंडी लगवाकर अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद 22 मार्च को फसल की नीलामी की गई, तो नीलामी में भाग लेने वालों ने साठगांठ कर कुल फसल की अधिकतम बोली एक लाख छह हजार रुपये ही लगाई।
इस बीच लोगों ने मामले की शिकायत एसडीएम सहित उच्च अधिकारियों से करते हुए बताया कि साढ़े सोलह एकड़ गेहूं की फसल मात्र 1.06 लाख में नीलाम किया जाना गलत है। गेहूं इससे बहुत अधिक कीमत का है। एसडीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए नीलामी को निरस्त कर दिया था। शुक्रवार को फिर से हुई नीलामी में गांव चमराबोझी के जवाहरलाल ने साढ़े तीन लाख रुपये बोली लगाकर नीलामी अपने नाम कर ली। इस मौके पर उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी संतोष कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, मंडी सचिव बृजभान, लेखपाल चंद्रशेखर आदि मौजूद रहे।
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खुटार के गांव चमराबोझी में चारागाह की भूमि है। चारागाह की साढ़े सोलह एकड़ भूमि पर कई लोगों ने अवैध कब्जा कर गेहूं की फसल बो दी थी। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फसल में झंडी लगवाकर अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद 22 मार्च को फसल की नीलामी की गई, तो नीलामी में भाग लेने वालों ने साठगांठ कर कुल फसल की अधिकतम बोली एक लाख छह हजार रुपये ही लगाई।
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इस बीच लोगों ने मामले की शिकायत एसडीएम सहित उच्च अधिकारियों से करते हुए बताया कि साढ़े सोलह एकड़ गेहूं की फसल मात्र 1.06 लाख में नीलाम किया जाना गलत है। गेहूं इससे बहुत अधिक कीमत का है। एसडीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए नीलामी को निरस्त कर दिया था। शुक्रवार को फिर से हुई नीलामी में गांव चमराबोझी के जवाहरलाल ने साढ़े तीन लाख रुपये बोली लगाकर नीलामी अपने नाम कर ली। इस मौके पर उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी संतोष कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, मंडी सचिव बृजभान, लेखपाल चंद्रशेखर आदि मौजूद रहे।
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