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Shahjahanpur News: धूल फांक रहीं प्रयोगशालाएं, अलमारी में सजे उपकरण
Sun, 19 Jan 2025 01:17 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 19 Jan 2025 01:17 AM IST
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आर्य कन्या पाठशाला में रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में रखे काफी पुराने रसायन व उपकरण। संवाद
शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड की परीक्षा से पहले विद्यालयों में सालभर से बंद पड़ीं प्रयोगशालाएं अब खुलने लगी हैं, लेकिन अब भी उनमें प्रैक्टिकल नहीं हो रहे हैं। वहां प्री बोर्ड की परीक्षाएं कराई जा रही हैं।
उपकरण अलमारी की शोभा बढ़ा रहे हैं। रसायन से भरीं शीशियां धूल फांक रही हैं। ऐसे में प्रयोगात्मक परीक्षाओं के नाम पर इस बार भी सिर्फ औपचारिकता ही निभानी की तैयारी है। जिले में 12 जीआईसी व 41 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। एडेड विद्यालयों की संख्या 37 है और वित्तविहीन विद्यालय 290 हैं।
सभी विद्यालयों में विज्ञान के छात्र-छात्राओं को प्रयोग कराने के लिए प्रयोगशाला का संचालन किया जाना जरूरी है। बोर्ड परीक्षा से पहले छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराए जाने का नियम हैं, लेकिन प्रयोगशालाओं में उपकरण व रसायन तक उपलब्ध नहीं हैं। कहीं-कहीं तो सालभर ताला ही पड़ा रहा। अब कुछ विद्यालयों में प्रयोगशालाएं खोली भी गई हैं, तो उनमें प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराई जा रही हैं।
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आर्य महिला इंटर कॉलेज में जीव विज्ञान की प्रयोगशाला में आर्ट साइड की छात्राएं प्री-बोर्ड परीक्षा देती मिलीं। प्रधानाचार्य पूनम ने बताया कि सामान्य दिनों में समय-सारिणी से प्रयोगशालाएं संचालित होती हैं। आर्य कन्या इंटर कॉलेज में भी प्री-बोर्ड परीक्षाओं चलने के कारण प्रयोगशालाएं बंद थीं।
प्रयोगशाला में रसायन व उपकरणों की उपलब्धता को लेकर प्रधानाचार्य अनुपम मौर्या ने बताया कि विद्यालय के संसाधनों से खरीदारी की जाती है। शासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल पाती।
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उपकरण अलमारी की शोभा बढ़ा रहे हैं। रसायन से भरीं शीशियां धूल फांक रही हैं। ऐसे में प्रयोगात्मक परीक्षाओं के नाम पर इस बार भी सिर्फ औपचारिकता ही निभानी की तैयारी है। जिले में 12 जीआईसी व 41 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। एडेड विद्यालयों की संख्या 37 है और वित्तविहीन विद्यालय 290 हैं।
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सभी विद्यालयों में विज्ञान के छात्र-छात्राओं को प्रयोग कराने के लिए प्रयोगशाला का संचालन किया जाना जरूरी है। बोर्ड परीक्षा से पहले छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराए जाने का नियम हैं, लेकिन प्रयोगशालाओं में उपकरण व रसायन तक उपलब्ध नहीं हैं। कहीं-कहीं तो सालभर ताला ही पड़ा रहा। अब कुछ विद्यालयों में प्रयोगशालाएं खोली भी गई हैं, तो उनमें प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराई जा रही हैं।
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आर्य महिला इंटर कॉलेज में जीव विज्ञान की प्रयोगशाला में आर्ट साइड की छात्राएं प्री-बोर्ड परीक्षा देती मिलीं। प्रधानाचार्य पूनम ने बताया कि सामान्य दिनों में समय-सारिणी से प्रयोगशालाएं संचालित होती हैं। आर्य कन्या इंटर कॉलेज में भी प्री-बोर्ड परीक्षाओं चलने के कारण प्रयोगशालाएं बंद थीं।
प्रयोगशाला में रसायन व उपकरणों की उपलब्धता को लेकर प्रधानाचार्य अनुपम मौर्या ने बताया कि विद्यालय के संसाधनों से खरीदारी की जाती है। शासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल पाती।

आर्य कन्या पाठशाला में रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में रखे काफी पुराने रसायन व उपकरण। संवाद

आर्य कन्या पाठशाला में रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में रखे काफी पुराने रसायन व उपकरण। संवाद