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कोलाघाट पुलः और बढ़ा इंतजार...अभी लगाते रहिए 40 किमी का चक्कर
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कोलाघाट पुल के शुरुआत में दीवार बनाने को आई ईंट
- फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद। कोलाघाट पुल पर यातायात शुरू होने का इंतजार अब और बढ़ गया है। तब तक जलालाबाद और मिर्जापुर जाने के लिए लोगों को फर्रुखाबाद होते हुए 40 किलोमीटर का चक्कर लगाते रहना होगा। जांच एजेंसी से रिपोर्ट मिलने के बाद ही यातायात शुरू किया जाएगा। तब तक आवागमन रोकने के लिए पुल के दूसरी ओर भी पक्की दीवार बनाई जाएगी।
पिछले साल 29 नवंबर को एक पिलर धंसने के बाद तीन टुकड़ों में बंटे कोलाघाट पुल पर आवागमन ठप हो गया था। लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद का गृहक्षेत्र होने के कारण सेतु निगम ने तत्परता दिखाते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से को तोड़कर उसका पुनर्निर्माण पूरा कर लिया। निर्माण पूरा होने के साथ स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए शुरुआत में इस पुल से छोटे वाहनों के लिए 15 सितंबर से खोल दिए जाने की तैयारी थी। इसको लेकर पुल के दोनों तरफ हाइट गेट भी लगना शुरू हो गए थे।
बताया जा रहा है कि सोमवार को सेतु निगम के अधिकारियों की बैठक के बाद इस पर सहमति नहीं बन पाई। अब पुल की तकनीकी परीक्षण की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आवागमन शुरू करने को लेकर निर्णय लिया है। दिल्ली की कंपनी सेंट्रल रोड इन्वेस्टिगेशन (सीआरआई) द्वारा पुल व उसके पिलर आदि के किए जा रहे तकनीकी परीक्षण की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। अधिकारियों के निर्णय के बाद कोलाघाट पुल के दूसरी ओर भी पक्की दीवार खड़ी की जाएगी।
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फिलहाल लोगों को जलालाबाद और मिर्जापुर के बीच की दूरी तय करने के लिए फर्रुखाबाद होकर 40 किमी का चक्कर लगाते रहना होगा। हालांकि पूर्व में लोगों ने पुल के मिर्जापुर क्षेत्र की ओर बनी दीवार को तोड़कर आवागमन शुरू कर दिया था। इसके बाद इस ओर फिर से दीवार बनवा दी गई थी। अब जलालाबाद की ओर भी दीवार बनवाई जाएगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सेतु निगम ने मौके से अपने उपकरण व अन्य सामान को समेटना शुरू कर दिया है। वहीं, माध्यमिक शिक्षा प्रबंधक महासभा के प्रदेश महामंत्री शिवओम वाजपेयी ने डीएम को पत्र लिखकर पुल से दो पहिया वाहनों और पैदल यात्रियों का आवागमन शुरू कराने की मांग की है।
पुल से आवागमन तभी शुरू होगा जब परीक्षण करने वाली कंपनी एनओसी जारी कर देगी। पुल से लोग आना-जाना शुरू न कर दें, इसके लिए पुल के दोनों ओर दीवार रहेगी। -ब्रजेंद्र मौर्य, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम।
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पिछले साल 29 नवंबर को एक पिलर धंसने के बाद तीन टुकड़ों में बंटे कोलाघाट पुल पर आवागमन ठप हो गया था। लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद का गृहक्षेत्र होने के कारण सेतु निगम ने तत्परता दिखाते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से को तोड़कर उसका पुनर्निर्माण पूरा कर लिया। निर्माण पूरा होने के साथ स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए शुरुआत में इस पुल से छोटे वाहनों के लिए 15 सितंबर से खोल दिए जाने की तैयारी थी। इसको लेकर पुल के दोनों तरफ हाइट गेट भी लगना शुरू हो गए थे।
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बताया जा रहा है कि सोमवार को सेतु निगम के अधिकारियों की बैठक के बाद इस पर सहमति नहीं बन पाई। अब पुल की तकनीकी परीक्षण की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आवागमन शुरू करने को लेकर निर्णय लिया है। दिल्ली की कंपनी सेंट्रल रोड इन्वेस्टिगेशन (सीआरआई) द्वारा पुल व उसके पिलर आदि के किए जा रहे तकनीकी परीक्षण की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। अधिकारियों के निर्णय के बाद कोलाघाट पुल के दूसरी ओर भी पक्की दीवार खड़ी की जाएगी।
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फिलहाल लोगों को जलालाबाद और मिर्जापुर के बीच की दूरी तय करने के लिए फर्रुखाबाद होकर 40 किमी का चक्कर लगाते रहना होगा। हालांकि पूर्व में लोगों ने पुल के मिर्जापुर क्षेत्र की ओर बनी दीवार को तोड़कर आवागमन शुरू कर दिया था। इसके बाद इस ओर फिर से दीवार बनवा दी गई थी। अब जलालाबाद की ओर भी दीवार बनवाई जाएगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सेतु निगम ने मौके से अपने उपकरण व अन्य सामान को समेटना शुरू कर दिया है। वहीं, माध्यमिक शिक्षा प्रबंधक महासभा के प्रदेश महामंत्री शिवओम वाजपेयी ने डीएम को पत्र लिखकर पुल से दो पहिया वाहनों और पैदल यात्रियों का आवागमन शुरू कराने की मांग की है।
पुल से आवागमन तभी शुरू होगा जब परीक्षण करने वाली कंपनी एनओसी जारी कर देगी। पुल से लोग आना-जाना शुरू न कर दें, इसके लिए पुल के दोनों ओर दीवार रहेगी। -ब्रजेंद्र मौर्य, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम।