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Shahjahanpur News: सिद्धि योग और कृतिका नक्षत्र में रखा जाएगा करवाचौथ का व्रत
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शाहजहांपुर। करवाचौथ का पर्व दस अक्तूबर को मनाया जाएगा। महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखेंगी। पुरोहितों के अनुसार, करवाचौथ पर सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। साथ ही चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान रहेंगे। इस वर्ष त्योहार व्रत सिद्धि योग और कृत्तिका नक्षत्र में है।
श्री रुद्र बालाजी धाम के पुजारी पंडित केके शुक्ला ने बताया कि कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर हर वर्ष करवाचौथ मनाया जाता है। स्त्रियों के सौभाग्य का व्रत करवाचौथ शुक्रवार को है। इस व्रत में महिलाएं दिन भर निर्जल रहकर शाम को कथा सुनती हैं और रात में चंद्र देव के दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए यह नियम लागू नहीं है। उन्हें आवश्यकता अनुसार, फलाहार कर लेना चाहिए।
करवाचौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
महावीर पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि नौ अक्तूबर को रात 2:49 पर प्रारंभ होगी। यह दस अक्तूबर को रात 12:24 मिनट पर समाप्त होगी। करवाचौथ पूजा मुहूर्त दस अक्तूबर को शाम को सूरज ढलने के बाद से प्रारंभ होगी। शाम चांद निकलने से पहले 07:58 तक रहेगी। व्रत का समय सुबह 06:12 से शाम 07:58 बजे तक है।
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पूजन विधि
पंडित केके शुक्ला के अनुसार, सुबह सूर्य उदय से पहले स्नान करें। घर में मंदिर की साफ-सफाई कर दीपक जलाएं। इसके साथ ही देवी- देवताओं की पूजा-अर्चना करें। उसके बाद निर्जला व्रत का संकल्प लें। इस पावन दिन शिव परिवार की पूजा-अर्चना की जाती है। पहले भगवान श्रीगणेश की पूजा करें। फिर माता पार्वती, भगवान शिव और भगवान कार्तिकेय की पूजा करें। व्रत में चंद्रमा की पूजा भी की जाती है। चंद्र दर्शन के बाद पति को छलनी से देखें। पति, पत्नी को पानी पिलाकर व्रत का परायण कराएं।
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श्री रुद्र बालाजी धाम के पुजारी पंडित केके शुक्ला ने बताया कि कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर हर वर्ष करवाचौथ मनाया जाता है। स्त्रियों के सौभाग्य का व्रत करवाचौथ शुक्रवार को है। इस व्रत में महिलाएं दिन भर निर्जल रहकर शाम को कथा सुनती हैं और रात में चंद्र देव के दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए यह नियम लागू नहीं है। उन्हें आवश्यकता अनुसार, फलाहार कर लेना चाहिए।
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करवाचौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
महावीर पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि नौ अक्तूबर को रात 2:49 पर प्रारंभ होगी। यह दस अक्तूबर को रात 12:24 मिनट पर समाप्त होगी। करवाचौथ पूजा मुहूर्त दस अक्तूबर को शाम को सूरज ढलने के बाद से प्रारंभ होगी। शाम चांद निकलने से पहले 07:58 तक रहेगी। व्रत का समय सुबह 06:12 से शाम 07:58 बजे तक है।
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पूजन विधि
पंडित केके शुक्ला के अनुसार, सुबह सूर्य उदय से पहले स्नान करें। घर में मंदिर की साफ-सफाई कर दीपक जलाएं। इसके साथ ही देवी- देवताओं की पूजा-अर्चना करें। उसके बाद निर्जला व्रत का संकल्प लें। इस पावन दिन शिव परिवार की पूजा-अर्चना की जाती है। पहले भगवान श्रीगणेश की पूजा करें। फिर माता पार्वती, भगवान शिव और भगवान कार्तिकेय की पूजा करें। व्रत में चंद्रमा की पूजा भी की जाती है। चंद्र दर्शन के बाद पति को छलनी से देखें। पति, पत्नी को पानी पिलाकर व्रत का परायण कराएं।