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ज्येष्ठ पूर्णिमाः श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
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गंगा जी में स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। मिर्जापुर ढाईघाट में ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने तपती धूप और लू के थपेड़ों की परवाह किए बिना गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। तमाम श्रद्धालुओं ने गंगा पुरोहितों से सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी। कई श्रद्धालुओं ने मनौती पूरी होने पर गंगा मैया की छावनी कर वस्त्र दान किया।
ढाईघाट गंगातट पर ज्येष्ठ पूर्णिमा पर्व पर ब्रह्ममुहूर्त में शुरू होने वाले गंगास्नान का क्रम दोपहर तक चलता रहा। कोलाघाट पर लगे जाम में फंसे जिले के अलावा लखीमपुर-खीरी, पीलीभीत, बदायूं, हरदोई, फर्रुखाबाद आदि के श्रद्धालु तपती धूप के बीच काफी देर में गंगातट पर पहुंचे। छाया के नाम पर सिर्फ गंगा पर बने पक्के पुल के नीचे ही ठंडक महसूस हो रही थी। गर्मी से बेहाल श्रद्धालुओं के लिए पुल के नीचे ही आश्रय स्थल बन गया।
इससे पुल की छाया में श्रद्धालुओं की भीड़ से तिल रखने की जगह नहीं बची थी। तमाम श्रद्धालुओं ने भीषण गर्मी में घंटों गंगास्नान का आनंद लिया। गंगास्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा पुरोहितों को अन्न, वस्त्र, मिष्ठान और नकद मुद्रा दानकर सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण कर पुण्यलाभ अर्जित किया। कई श्रद्धालुओं ने मनौती पूरी होने पर गंगा मैया को वस्त्र दान (गंगा छावनी) किया। इस दौरान गंगातट पर लगे मेले में महिला श्रद्धालुओं ने प्रसाद के रूप में शृंगार और पूजा पाठ की सामग्री की खरीदारी की। मेले में महिलाओं और बच्चों ने जलेबी और चाट-पकौड़ी का आनंद लिया।
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ढाईघाट गंगातट पर ज्येष्ठ पूर्णिमा पर्व पर ब्रह्ममुहूर्त में शुरू होने वाले गंगास्नान का क्रम दोपहर तक चलता रहा। कोलाघाट पर लगे जाम में फंसे जिले के अलावा लखीमपुर-खीरी, पीलीभीत, बदायूं, हरदोई, फर्रुखाबाद आदि के श्रद्धालु तपती धूप के बीच काफी देर में गंगातट पर पहुंचे। छाया के नाम पर सिर्फ गंगा पर बने पक्के पुल के नीचे ही ठंडक महसूस हो रही थी। गर्मी से बेहाल श्रद्धालुओं के लिए पुल के नीचे ही आश्रय स्थल बन गया।
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इससे पुल की छाया में श्रद्धालुओं की भीड़ से तिल रखने की जगह नहीं बची थी। तमाम श्रद्धालुओं ने भीषण गर्मी में घंटों गंगास्नान का आनंद लिया। गंगास्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा पुरोहितों को अन्न, वस्त्र, मिष्ठान और नकद मुद्रा दानकर सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण कर पुण्यलाभ अर्जित किया। कई श्रद्धालुओं ने मनौती पूरी होने पर गंगा मैया को वस्त्र दान (गंगा छावनी) किया। इस दौरान गंगातट पर लगे मेले में महिला श्रद्धालुओं ने प्रसाद के रूप में शृंगार और पूजा पाठ की सामग्री की खरीदारी की। मेले में महिलाओं और बच्चों ने जलेबी और चाट-पकौड़ी का आनंद लिया।
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