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स्वैच्छिक बंदी से सराफा कारोबार को 15 करोड़ का नुकसान

Mon, 19 Apr 2021 11:58 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 19 Apr 2021 11:58 PM IST
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jwellery market closed
शाहजहांपुर में सोमवार को सदर बाजार में सराफा बाजार बंद रहा । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। प्रदेश सरकार की ओर से लागू साप्ताहिक बंदी के बाद जनपद के बाजार सोमवार को सुबह खुले तो जनजीवन पटरी पर लौटने लगा, लेकिन सदर बाजार सराफा एसोसिएशन द्वारा स्वेच्छा से सोमवार को सराफा प्रतिष्ठान बंद रखे गए। इससे सदर क्षेत्र में करीब 15 करोड़ रुपये का सराफा कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। हालांकि, स्वैच्छिक बंदी से हुए कारोबारी नुकसान को लेकर सराफों को कोई मलाल नहीं है। उनका कहना है कि व्यवसाय से ज्यादा जरूरी है कि कोरोना से जीवन की सुरक्षा के जरूरी उपाय किए जाएं। उधर, जलालनगर के कारोबारियों ने स्वैच्छिक बंदी पर सामूहिक निर्णय करने के लिए सोमवार देर शाम बैठक बुलाई है।
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बता दें कि शहर में तीन सराफा यूनियनों से छोटे-बड़े लगभग तीन सौ आभूषण प्रतिष्ठान जुड़े हैं। चौक सराफा यूनियन से करीब 125 आभूषण शोरूम जुड़े हैं। इसी तरह सदर सराफा एसोसिएशन से 120 और जलालनगर सराफा व्यापार मंडल से करीब 60 कारोबारी जुड़े हैं। सामान्य दिनों में इन सभी आभूषण प्रतिष्ठानों पर 40 से 45 करोड़ रुपये की दैनिक बिक्री होती है। अब चूंकि, सहालगी सीजन आ रहा है। इसलिए जिन घरों में शादियां होनी हैं, उनसे जुड़े लोगों ने आभूषणों की खरीदारी शुरू कर दी है।
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इसके बावजूद कोरोना संक्रमण रोकने को कारोबारी नुकसान की परवाह किए बगैर प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय लिया। सदर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद गुप्ता सराफ ने गत शनिवार को पदाधिकारियों से विचार विमर्श करने के बाद सोमवार को भी संगठन से जुड़े सभी प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय किया था। इसी के तहत सोमवार को जनपद के सभी बाजार खुलने के बावजूद सदर क्षेत्र के सराफा प्रतिष्ठानों के शटर दिन भर गिरे रहे। सदर सराफा एसोसिएशन से जुड़े धीरज वर्मा सराफ उर्फ धीरू भाई का कहना है कि कोरोना के खतरे को देखते एक दिन की बंदी से हुआ नुकसान कोई मायने नहीं रखता। एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद सराफ के अनुसार जीवन को सुरक्षित रखना कारोबार से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है और कारोबारी नुकसान की भरपाई बाद में भी हो जाएगी।
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जलालनगर में इसलिए खुले रहे सराफा प्रतिष्ठान
शहर में कई ऐसे कारोबारी हैं, जिनके सदर बाजार सहित जलालनगर में भी सराफा प्रतिष्ठान हैं। सदर क्षेत्र मेें सोमवार को एक दिवसीय अतिरिक्त बंदी का निर्णय होने के बाद दोहरे प्रतिष्ठान वाले कारोबारियों को उम्मीद थी कि सदर क्षेत्र में सोमवार को दुकानें बंद रहने पर उन्हें बिक्री में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति जलालनगर के प्रतिष्ठान से हो जाएगी। बीती शाम जलालनगर सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज वर्मा सराफ ने संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों से विचार विमर्श कर सोमवार को जलालनगर के आभूषण प्रतिष्ठान बंद रखने की घोषणा की, लेकिन इसका उन व्यापारियों ने विरोध किया, जिनके सदर क्षेत्र में प्रतिष्ठान थे। संगठन अध्यक्ष के अनुसार दो दिवसीय बाजार बंदी पर आम राय बनाने के लिए क्षेत्र के सराफा कारोबारियों की सोमवार शाम होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय होगा।
कंछल गुट ने दो दिवसीय लॉकडाउन बताया जरूरी
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल कंछल गुट की जिला एवं महानगर कमेटी की सोमवार को हुई संयुक्त बैठक मेें कोरोना की चेन तोड़ने के लिए प्रत्येक सप्ताह रविवार और सोमवार को दो दिवसीय लॉकडाउन किए जाने पर जोर दिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता ने इसी आशय का प्रस्ताव पारित कर उसकी प्रति डीएम को भेजी है। इस मौके पर प्रांतीय मंत्री सुरेंद्र सिंह सेठ, महानगर अध्यक्ष सचिन बाथम, नारायण दास अग्रवाल, अमित शर्मा, हनी सिंह, राजीव खन्ना आदि मौजूद रहे।
सराफा कारोबारियों की बात
दुकान किसी भी व्यवसाय की हो, बंदी से बिक्री प्रभावित होना स्वाभाविक है। यह हम सभी का जनहित में लिया गया सामूहिक निर्णय है क्योंकि सरकार ने लॉकडाउन घोषित नहीं किया है। - बनवारी लाल, सदर बाजार
सोने-चांदी की खरीद के लिए ग्राहक उन्हीं प्रतिष्ठानों पर पहुंचते हैं, जिन्हें लेकर उनमें पहले से भरोसा कायम होता है। जिन्हें आज खरीदारी करनी थी, वह कल जरूर आएंगे। - मोती लाल, सदर बाजार
आभूषणों के ग्राहक तयशुदा प्रतिष्ठानों पर ही पहुंचते हैं। कई बार ग्राहकों को आर्डर पर माल बनवाकर देना पड़ता है। इसके लिए ग्राहक इंतजार करते हैं, लेकिन दुकान नहीं बदलते। - मोहित गुप्ता, सदर बाजार
जान है तो जहान है और जिंदगी बची रहेगी तो कारोबार भी चलता रहेगा। सरकार लॉकडाउन में उदारता बरत रही है। इसलिए हमारा भी फर्ज बनता है कि कोरोना को हराने के प्रयास करें। - विनीत गुप्ता, सदर बाजार

सोमवार को बंदी बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से लागू रही। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने जिंदगी और व्यापार में किसी एक को चुनने का प्रस्ताव देकर अन्य व्यापारियों को भी सोमवार को बंदी रखने को प्रेरित किया है। - रोहित गुप्ता, सदर बाजार
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