{"_id":"67f969902c3bab14790a8f2c","slug":"janaki-maharajs-fair-starts-today-in-kilapur-shops-decorated-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-141475-2025-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: कीलापुर में जानकी महाराज का मेला आज से, सजीं दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: कीलापुर में जानकी महाराज का मेला आज से, सजीं दुकानें
Sat, 12 Apr 2025 12:42 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 12 Apr 2025 12:42 AM IST
विज्ञापन
मिर्जापुर के ग्राम कीलापुर में मेला के लिए लगाई जा रहीं दुकाने। संवाद
मिर्जापुर। कीलापुर में जानकी महाराज का प्रसिद्ध मेला शनिवार चैत्र पूर्णिमा से आरंभ हाेगा। दस दिन तक लगने वाले मेला के लिए बड़ी संख्या में बाहर से आए दुकानदार शुक्रवार को दिन भर अपनी दुकानें सजाने में जुटे रहे।
शनिवार को मुख्य पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। कीलापुर के जानकी महाराज की दूर-दूर तक ख्याति है। मेले में मुख्य पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराते हैं। मेला के दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन के लिए बाहर से साधु-संतों की मंडली भी आने लगी हैं। यह मेला लकड़ी के सामान के लिए बहुत प्रसिद्ध है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश लोग अपनी बेटियों की शादी के लिए दहेज का सामान मेले से ही खरीदते हैं।
मेले में पत्थर के सिल बट्टे, लकड़ी के तख्त, लाठी व मच्छरदानी की छड़ी आदि की दुकानें लग रही हैं। मंदिर के महंत महेश दास ने बताया कि जानकी महाराज मंदिर दो बार रामगंगा से कट चुका है। इस समय तीसरे स्थान पर जानकी महाराज का मेला लग रहा है। उन्होंने बताया कि जानकी महाराज बीसलपुर पीलीभीत के निवासी थे। वह मां गंगा के परम भक्त थे। जानकी महाराज प्रत्येक पूर्णिमा को गंगा स्नान के लिए ढाई घाट जाते थे। गंगा स्नान को जाते समय लुटेरों ने उनके आभूषण लूटकर उनकी हत्या कर दी थी। उन्होंने अपनी मां को स्वप्न देकर अपने साथ हुई घटना के बारे मे बताया। इसके बाद कीलापुर में उनकी समाधि बनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को मुख्य पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। कीलापुर के जानकी महाराज की दूर-दूर तक ख्याति है। मेले में मुख्य पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराते हैं। मेला के दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन के लिए बाहर से साधु-संतों की मंडली भी आने लगी हैं। यह मेला लकड़ी के सामान के लिए बहुत प्रसिद्ध है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश लोग अपनी बेटियों की शादी के लिए दहेज का सामान मेले से ही खरीदते हैं।
विज्ञापन
मेले में पत्थर के सिल बट्टे, लकड़ी के तख्त, लाठी व मच्छरदानी की छड़ी आदि की दुकानें लग रही हैं। मंदिर के महंत महेश दास ने बताया कि जानकी महाराज मंदिर दो बार रामगंगा से कट चुका है। इस समय तीसरे स्थान पर जानकी महाराज का मेला लग रहा है। उन्होंने बताया कि जानकी महाराज बीसलपुर पीलीभीत के निवासी थे। वह मां गंगा के परम भक्त थे। जानकी महाराज प्रत्येक पूर्णिमा को गंगा स्नान के लिए ढाई घाट जाते थे। गंगा स्नान को जाते समय लुटेरों ने उनके आभूषण लूटकर उनकी हत्या कर दी थी। उन्होंने अपनी मां को स्वप्न देकर अपने साथ हुई घटना के बारे मे बताया। इसके बाद कीलापुर में उनकी समाधि बनाई गई।

मिर्जापुर के ग्राम कीलापुर में मेला के लिए लगाई जा रहीं दुकाने। संवाद
विज्ञापन