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Shahjahanpur News: कोर्ट की शरण में पहुंचा जगवीर, अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
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शाहजहांपुर। पुलिस के गिरफ्तारी के प्रयासों को धता बताते हुए सड़क उधेड़ने का आरोपी जगवीर अदालत की शरण में पहुंच गया। उसने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की लेकिन पर्याप्त आधार न होने पर अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
दो अक्तूबर की रात को जैतीपुर क्षेत्र में जेसीबी से निर्माणाधीन करीब 370 मीटर सड़क उधाड़ने का मामला प्रकाश में आया था। ठेकेदार की ओर से खुद को विधायक का प्रतिनिधि बताने वाले जगवीर समेत 15 से 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। शासन तक मामला पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन मुख्य आरोपी जगवीर तक नहीं पहुंच पाई।
अफसरों के मुताबिक एसओजी समेत तीन पुलिस टीमों को लगाया गया, लेकिन जगवीर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। वहीं जगवीर ने अपने वकील के माध्यम से जिला जज भानुदेव शर्मा की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। याचिका में उसने खुद को बेकसूर बताया और कहा कि उसे द्वेषवश फंसाया जा रहा है।
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उसका इस घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है। घटना में शामिल होने का उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। अग्रिम जमानत अर्जी का जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनुज सिंह ने विरोध किया। इसके बाद अदालत ने अग्रिम जमानत के लिए पर्याप्त आधार न मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
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दो अक्तूबर की रात को जैतीपुर क्षेत्र में जेसीबी से निर्माणाधीन करीब 370 मीटर सड़क उधाड़ने का मामला प्रकाश में आया था। ठेकेदार की ओर से खुद को विधायक का प्रतिनिधि बताने वाले जगवीर समेत 15 से 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। शासन तक मामला पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन मुख्य आरोपी जगवीर तक नहीं पहुंच पाई।
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अफसरों के मुताबिक एसओजी समेत तीन पुलिस टीमों को लगाया गया, लेकिन जगवीर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। वहीं जगवीर ने अपने वकील के माध्यम से जिला जज भानुदेव शर्मा की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। याचिका में उसने खुद को बेकसूर बताया और कहा कि उसे द्वेषवश फंसाया जा रहा है।
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उसका इस घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है। घटना में शामिल होने का उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। अग्रिम जमानत अर्जी का जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनुज सिंह ने विरोध किया। इसके बाद अदालत ने अग्रिम जमानत के लिए पर्याप्त आधार न मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया।