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बिना काम 18 लाख रुपये का भुगतान, जांच करने पंचायती राज उप निदेशक पहुंचे कलान
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शाहजहांपुर। विकास खंड कलान की ग्राम पंचायत गुल्लाह व कलान में प्रस्तावित कार्य कराए बगैर डोंगल से 18 लाख रुपये का भुगतान ले लिए जाने के मामले में जांच करने के लिए देवीपाटन मंडल के उप निदेशक (पंचायती राज) आरएस चौधरी कर्मचारियों की टीम के साथ सोमवार को कलान पहुंचे। उन्होंने करीब चार घंटे तक ब्लॉक कार्यालय में अभिलेखों की छानबीन करने के साथ संबंधित कर्मचारियों के बयान कलमबंद किए और कंप्यूटर ऑपरेटर का लैपटॉप अपने कब्जे में ले लिया।
इस मामले में भारत परिषद के अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने अधिकारियों से कलान और वहां की गुल्लाह ग्राम पंचायत की ग्राम निधि खाते से लगभग 18 लाख रुपए का फर्जी तरीके से धन आंवटन करा लिए जाने की शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि गुल्लाह के ग्राम पंचायत अधिकारी ने किसी अन्य अधिकारी का डोंगल इस्तेमाल कर लाखों रुपये निकाल लिए हैं, जबकि वहां प्रस्तावित कार्य कराए ही नहीं गए। मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी सतीश चंद्र निलंबित भी हो चुके हैं, लेकिन बाद में जांच ठहर गई।
भारत परिषद के अध्यक्ष ने शिकायत शासन स्तर पर उच्चधिकारियों से की। इसी की जांच के लिए पंचायती राज उप निदेशक चौधरी कई कर्मचारियों की टीम के साथ दिन में 11 बजे कलान ब्लॉक पहुंचे और तीन बजे तक अभिलेखों की पड़ताल करते रहे। उन्होंने पंचायत सचिव अरुण निगम, पूर्व पंचायत सचिव गिरीश यादव और डोंगल प्राप्त करने वाले लिपिक केसरी नंदन आदि कर्मचारियों के बयान लिए। उप निदेशक ने यह कहकर जांच का ब्यौरा देने से मना कर दिया कि अभी जांच जारी है और जांच पूरी होने पर अपनी रिपोर्ट सीधे शासन को भेजेंगे। दोनों पंचायत सचिवों के अनुसार ग्राम पंचायतों में काम कराए जाने के बाद ही भुगतान किया गया है और उन्होंने इसी आशय के बयान दिए हैं।
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इस मामले में भारत परिषद के अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने अधिकारियों से कलान और वहां की गुल्लाह ग्राम पंचायत की ग्राम निधि खाते से लगभग 18 लाख रुपए का फर्जी तरीके से धन आंवटन करा लिए जाने की शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि गुल्लाह के ग्राम पंचायत अधिकारी ने किसी अन्य अधिकारी का डोंगल इस्तेमाल कर लाखों रुपये निकाल लिए हैं, जबकि वहां प्रस्तावित कार्य कराए ही नहीं गए। मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी सतीश चंद्र निलंबित भी हो चुके हैं, लेकिन बाद में जांच ठहर गई।
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भारत परिषद के अध्यक्ष ने शिकायत शासन स्तर पर उच्चधिकारियों से की। इसी की जांच के लिए पंचायती राज उप निदेशक चौधरी कई कर्मचारियों की टीम के साथ दिन में 11 बजे कलान ब्लॉक पहुंचे और तीन बजे तक अभिलेखों की पड़ताल करते रहे। उन्होंने पंचायत सचिव अरुण निगम, पूर्व पंचायत सचिव गिरीश यादव और डोंगल प्राप्त करने वाले लिपिक केसरी नंदन आदि कर्मचारियों के बयान लिए। उप निदेशक ने यह कहकर जांच का ब्यौरा देने से मना कर दिया कि अभी जांच जारी है और जांच पूरी होने पर अपनी रिपोर्ट सीधे शासन को भेजेंगे। दोनों पंचायत सचिवों के अनुसार ग्राम पंचायतों में काम कराए जाने के बाद ही भुगतान किया गया है और उन्होंने इसी आशय के बयान दिए हैं।
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