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एक मोबाइल नंबर से संबद्घ कई गन्ना सट्टों की फिर शुरू हुई जांच

Fri, 18 Feb 2022 01:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 18 Feb 2022 01:35 AM IST
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Investigation of many sugarcane bets related to one mobile number started again
शाहजहांपुर। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग) संजय आर भूसरेड्डी के निर्देश पर एक ही नाम के मोबाइल नंबर से संचालित दस और इससे अधिक गन्ना सट्टों की जांच फिर से शुरू हो गई है। गन्ना समितियों और चीनी मिलों की गन्ना विकास परिषदों से सम्बद्ध सभी सदस्य किसानों के सट्टे जांच के दायरे में शामिल किए हैं। इसके लिए सहकारी गन्ना विकास समिति और चीनी मिल क्षेत्रवार राजकीय गन्ना पर्यवेक्षकों और मिल कर्मियों की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं।
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गन्ना खरीद में माफिया का हस्तक्षेप रोकने के लिए गत जनवरी में अपर मुख्य सचिव भूसरेड्डी ने एक ही मोबाइल नम्बर पर दस से अधिक पर्चियों के एसएमएस जारी होने के मामलों की जांच के निदेश दिए थे। इसके अनुपालन में गन्ना विभाग के अधिकारियों ने पहले चरण की जांच में ऐसे करीब 400 किसान चिह्नित किए, जिन्हें कैलेंडर से ज्यादा पर्चियां जारी हुईं। चूंकि, गत पेराई सत्रों में भी जनपद में इस तरह की धोखाधड़ी के तमाम मामले पकड़े जा चुके हैं। इसलिए संदिग्ध माने गए किसानों का स्थलीय सत्यापन कराने से पता चला कि एक ही मोबाइल नंबर से एक परिवार के कई सदस्य अपनी गन्ना पर्चियां मंगा रहे हैं।
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बाद में निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो जाने से अन्य विभागों की तरह गन्ना विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी चुुनाव से संबंधित कार्यों में व्यस्त हुए तो एक मोबाइल नंबर से संबद्घ कई गन्ना सट्टों की जांच का काम रोकना पड़ा। अब फिर से शुरू हुई जांच में ऐसे किसान शामिल किए जा रहे हैं, जिन्होंने समय से अपने घोषणा पत्र जमा नहीं किए थे। बता दें पेराई सत्र 2021-22 में जिले में एक लाख 60 हजार 661 गन्ना किसानों के सट्टे संचालित हैं, लेकिन गत वर्ष दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक केवल एक लाख छह हजार 315 किसानों ने ही घोषणा पत्र भरे थे। लगातार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी तमाम किसान घोषणा पत्र भरने से कतराते रहे।
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नियमानुसार हर किसान के सट्टा अभिलेख पर उसका व्यक्तिगत मोबाइल नंबर दर्ज होना चाहिए। चुनाव से पहले हुई जांच में एक मोबाइल नंबर पर दस और इससे अधिक पर्चियां जारी होने के सभी प्रकरणों में केवल किसान ओर उनके पारिवारिक सदस्य सत्यापित हुए हैं, किसी बाहरी व्यक्ति के नाम से किसानों के मोबाइल पर पर्ची जारी नहीं हुई। दूसरे चरण की जांच में ऐसे किसान शामिल किए हैं, जिन्हें पांच अलग-अलग नामों से पर्चियां एक मोबाइल नंबर पर जारी हुई हैं। किसानों से कहा है कि वह अपने सट्टा पर अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर दर्ज कराएं। -डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
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