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Shahjahanpur News: कहीं ताले में बंद डिजिटल एक्सरे मशीन, कहीं तकनीशियन का इंतजार
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जैतीपुर सीएचसी में बंद एक्स-रे मशीन। संवाद
- फोटो : Samvad
शाहजहांपुर। जिले के 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में लगाई गईं एक्सरे मशीनें देखरेख के अभाव में कई जगह बंद पड़ी हैं। कहीं कई महीनों से ताले में बंद हैं तो कुछ जगह पर तकनीकी कमियों के कारण एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। यही नहीं तकनीशियन नहीं आने के कारण भी दिक्कत आ रही है। ऐसे में मरीजों को राजकीय मेडिकल कॉलेज या निजी सेंटर पर भेजा जा रहा है।
जैतीपुर सीएचसी में दिसंबर 2023 में एक्सरे मशीन लगाई गई थी। तब विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस ने उद्घाटन किया था। तीन साल के बाद भी अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। यहां एक्सरे मशीन बंद पड़ी है और कमरे में कबाड़ हो रही है। एक्सरे कराने की आस लेकर आने वाले मरीजों को लौटाया जा रहा है।
कांट सीएचसी में चिकित्सा प्रभारी के कक्ष के सामने एक्सरे कक्ष बनाते हुए डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई, यह अब तक शुरू नहीं हो सकी है। मशीन कमरे में बंद है और धूल फांक रही हैं। मरीजों को एक्सरे के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।
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सिंधौली सीएचसी पर एक्सरे मशीन करीब चार दिनों से तकनीकी कारणों से बंद है तो अल्हागंज सीएचसी में एक्सरे मशीन चल रही है, लेकिन करीब तीन वर्ष पहले लगा प्रिंटर करीब चार माह से खराब पड़ा है। जिसके चलते मरीजों को जांच की रिपोर्ट का फोटो मोबाइल के जरिये खिंचवा दिया जाता है।
मिर्जापुर में वर्ष 2024 में लगाई गई एक्सरे मशीन बिजली जाने पर नहीं चलती है। यहां पर जनरेटर की व्यवस्था नहीं होने से आपूर्ति बाधित होने पर मशीन शोपीस बन जाती है।
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तकनीशियन अवकाश पर...एक्सरे का कार्य बंद
जलालाबाद में डिजिटल एक्सरे मशीन के संचालन में तकनीशियन के अवकाश पर जाने की वजह बाधा बन रही है। पिछले बुधवार से एक्सरे का काम बंद पड़ा है। चिकित्साधीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि करीब दो माह पहले तक यहां एक सहायक नियुक्त थे। उनकी पदोन्नति हो जाने के बाद तकनीशियन ही अकेले पूरा कार्य देखते हैं। उनके छुट्टी से लौटने पर शनिवार से काम सुचारु रूप से शुरू हो पाएगा।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में होते हैं प्रतिदिन करीब सौ एक्सरे
सीएचसी पर मरीजों को एक्सरे की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण राजकीय मेडिकल कॉलेज पर भार बढ़ रहा है। आसपास के मरीज मेडिकल कॉलेज ही आते हैं। ऐसे में यहां पर रोजाना सौ से ज्यादा लोगों के एक्सरे किए जाते हैं। यहां पर तीन डिजिटल एक्सरे मशीन, एक फिक्स और छह मोबाइल एक्सरे मशीनें हैं।
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वर्ष 2024 में लगाई गईं थी 11 सीएचसी में डिजिटल एक्सरे मशीनें
वर्ष 2024 में 11 सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे मशीनें लगाई गईं थी। शुरुआती दिनों में तकनीशियन की कमी के कारण ये मशीनें संचालित नहीं हो सकीं, बाद में कुछ जगह शुरू हुईं, लेकिन सभी जगह यह शुरू नहीं हो पाईं। जहां शुरू भी हुईं वहां भी कई जगह अन्य कारणों से इनका पूरी तरह अब तक इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। बता दें कि प्रत्येक मशीन की कीमत लगभग 17.86 लाख रुपये है।
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चार सीएचसी पर पूरी तरह से ठप हैं मशीनें
जिले में भावलखेड़ा, ददरौल, निगोही, तिलहर, मीरानपुर कटरा, पुवायां, बंडा, मदनापुर, खुटार में एक्स-रे मशीनें संचालित हो रही है। जैतीपुर, कांट, जलालाबाद, सिंधौली में एक्स-रे नहीं हो रहे। अल्हागंज में प्रिंटर खराब है। मिर्जापुर में लाइट आने पर ही मशीन संचालित हो पाती है।
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क्षय रोग विभाग की भी एक एक्स-रे मशीन खराब
जिला क्षय रोग विभाग के पास भी पांच एक्स-रे मशीनें हैं। इन्हें मोबाइल यूनिट के रूप में उपयोग किया जाता है। इनमें एक मशीन खराब पड़ी है। नोडल अधिकारी डॉ. करन सिंह ने बताया कि मशीन को सही कराने के लिए संबंधित एजेंसी से पत्राचार किया है।
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सीएचसी पर लगाई गईं एक्सरे मशीनों के लिए अधिकतर जगह पर तकनीशियन हैं। मशीनों की देखरेख सेवा प्रदाता कंपनी देखती है। यदि कहीं पर दिक्कत है तो समस्या का समाधान कराया जाएगा।
-डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ
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जैतीपुर सीएचसी में दिसंबर 2023 में एक्सरे मशीन लगाई गई थी। तब विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस ने उद्घाटन किया था। तीन साल के बाद भी अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। यहां एक्सरे मशीन बंद पड़ी है और कमरे में कबाड़ हो रही है। एक्सरे कराने की आस लेकर आने वाले मरीजों को लौटाया जा रहा है।
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कांट सीएचसी में चिकित्सा प्रभारी के कक्ष के सामने एक्सरे कक्ष बनाते हुए डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई, यह अब तक शुरू नहीं हो सकी है। मशीन कमरे में बंद है और धूल फांक रही हैं। मरीजों को एक्सरे के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।
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सिंधौली सीएचसी पर एक्सरे मशीन करीब चार दिनों से तकनीकी कारणों से बंद है तो अल्हागंज सीएचसी में एक्सरे मशीन चल रही है, लेकिन करीब तीन वर्ष पहले लगा प्रिंटर करीब चार माह से खराब पड़ा है। जिसके चलते मरीजों को जांच की रिपोर्ट का फोटो मोबाइल के जरिये खिंचवा दिया जाता है।
मिर्जापुर में वर्ष 2024 में लगाई गई एक्सरे मशीन बिजली जाने पर नहीं चलती है। यहां पर जनरेटर की व्यवस्था नहीं होने से आपूर्ति बाधित होने पर मशीन शोपीस बन जाती है।
तकनीशियन अवकाश पर...एक्सरे का कार्य बंद
जलालाबाद में डिजिटल एक्सरे मशीन के संचालन में तकनीशियन के अवकाश पर जाने की वजह बाधा बन रही है। पिछले बुधवार से एक्सरे का काम बंद पड़ा है। चिकित्साधीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि करीब दो माह पहले तक यहां एक सहायक नियुक्त थे। उनकी पदोन्नति हो जाने के बाद तकनीशियन ही अकेले पूरा कार्य देखते हैं। उनके छुट्टी से लौटने पर शनिवार से काम सुचारु रूप से शुरू हो पाएगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में होते हैं प्रतिदिन करीब सौ एक्सरे
सीएचसी पर मरीजों को एक्सरे की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण राजकीय मेडिकल कॉलेज पर भार बढ़ रहा है। आसपास के मरीज मेडिकल कॉलेज ही आते हैं। ऐसे में यहां पर रोजाना सौ से ज्यादा लोगों के एक्सरे किए जाते हैं। यहां पर तीन डिजिटल एक्सरे मशीन, एक फिक्स और छह मोबाइल एक्सरे मशीनें हैं।
वर्ष 2024 में लगाई गईं थी 11 सीएचसी में डिजिटल एक्सरे मशीनें
वर्ष 2024 में 11 सीएचसी पर डिजिटल एक्सरे मशीनें लगाई गईं थी। शुरुआती दिनों में तकनीशियन की कमी के कारण ये मशीनें संचालित नहीं हो सकीं, बाद में कुछ जगह शुरू हुईं, लेकिन सभी जगह यह शुरू नहीं हो पाईं। जहां शुरू भी हुईं वहां भी कई जगह अन्य कारणों से इनका पूरी तरह अब तक इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। बता दें कि प्रत्येक मशीन की कीमत लगभग 17.86 लाख रुपये है।
चार सीएचसी पर पूरी तरह से ठप हैं मशीनें
जिले में भावलखेड़ा, ददरौल, निगोही, तिलहर, मीरानपुर कटरा, पुवायां, बंडा, मदनापुर, खुटार में एक्स-रे मशीनें संचालित हो रही है। जैतीपुर, कांट, जलालाबाद, सिंधौली में एक्स-रे नहीं हो रहे। अल्हागंज में प्रिंटर खराब है। मिर्जापुर में लाइट आने पर ही मशीन संचालित हो पाती है।
क्षय रोग विभाग की भी एक एक्स-रे मशीन खराब
जिला क्षय रोग विभाग के पास भी पांच एक्स-रे मशीनें हैं। इन्हें मोबाइल यूनिट के रूप में उपयोग किया जाता है। इनमें एक मशीन खराब पड़ी है। नोडल अधिकारी डॉ. करन सिंह ने बताया कि मशीन को सही कराने के लिए संबंधित एजेंसी से पत्राचार किया है।
सीएचसी पर लगाई गईं एक्सरे मशीनों के लिए अधिकतर जगह पर तकनीशियन हैं। मशीनों की देखरेख सेवा प्रदाता कंपनी देखती है। यदि कहीं पर दिक्कत है तो समस्या का समाधान कराया जाएगा।
-डॉ. विवेक मिश्रा, सीएमओ

जैतीपुर सीएचसी में बंद एक्स-रे मशीन। संवाद- फोटो : Samvad

जैतीपुर सीएचसी में बंद एक्स-रे मशीन। संवाद- फोटो : Samvad