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बंधा गांव में एसडीएम ने हटवाए अवैध कब्जे
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 03 Jul 2015 11:42 PM IST
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घरों के दरवाजे खेत की ओर मोड़कर कृषि भूमि पर कब्जा किए जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तिलहर की एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने मौके पर जाकर पुलिस के जरिए अवैध कब्जे हटवाने के साथ खेत की ओर खोले गए दरवाजे बंद करा दिए। दूसरी ओर कार्रवाई के घेरे में आए ग्रामीणों ने शुक्रवार को डीएम के नाम ज्ञापन देकर पुलिस पर घरेलू संपत्ति तोड़फोड़ कर नष्ट कर देने और विरोध करने पर पीटने की शिकायत करके मामले की किसी सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की गुहार की।
बंधा गांव के मजरा की पश्चिम दिशा में आबादी से मिले हुए द्रगपाल सिंह के खेत हैं। पिछले दिनों द्रगपाल ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि गांव के कुछ अनुसूचित परिवारों के लोगों ने उनके खेत की जमीन दबाने के लिए अपने दरवाजे पश्चिम दिशा में खोल लिए, जबकि निकास के लिए गली का रास्ता आबादी से पूर्व दिशा में है। द्रगपाल ने यह भी बताया कि खेत की ओर से दरवाजे हटाने को कहने पर दूसरे पक्ष के लोग झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं।
बृहस्पतिवार को एसडीएम ने बंधा जाकर मौका मुआयना किया तो शिकायत सही पाई। एसडीएम त्रिवेदी ने बताया कि मौके पर पता चला कि अनुसूचित परिवारों ने खेत की जमीन पर कब्जा करने के लिए उसी दिशा में दरवाजे लगाने के साथ वहां मिट्टी डालकर चबूतरे बना लिए, जबकि पूर्व दिशा में निकास वाली गली की ओर अपने घर टाट की फट्टियां डालकर बंद कर रखे हैं। यह भी पता चला कि घरों में लगे हैंडपंप से निकला पानी नाली बनाकर खेत की ओर बहाया जा रहा है।
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एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने खेत स्वामी को दबाई गई जमीन दिलाने के लिए पिछले दरवाजों की चौखट और किवाड़ तोड़कर वहां दीवारें खड़ी करा दीं। साथ ही खेत की ओर डाले गए टिन शेड उखाड़कर हैंड पंप भी तोड़ दिया। इसी के विरोध में बंधा निवासी कप्तान, गंगाराम, बृजेश, सावित्री, पातीराम, भद्रपाल आदि ने डीएम के नाम प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर नाइंसाफी की जांच कराने की गुहार की है। हालांकि, एसडीएम त्रिवेदी ने ग्रामीणों की शिकायत को बचाव में पेशबंदी का प्रयास बताते हुए कहा कि बंधा गांव में पुलिस ने कोई ज्यादती करने के बजाय केवल अपनी ड्यूटी निभाई।
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बंधा गांव के मजरा की पश्चिम दिशा में आबादी से मिले हुए द्रगपाल सिंह के खेत हैं। पिछले दिनों द्रगपाल ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि गांव के कुछ अनुसूचित परिवारों के लोगों ने उनके खेत की जमीन दबाने के लिए अपने दरवाजे पश्चिम दिशा में खोल लिए, जबकि निकास के लिए गली का रास्ता आबादी से पूर्व दिशा में है। द्रगपाल ने यह भी बताया कि खेत की ओर से दरवाजे हटाने को कहने पर दूसरे पक्ष के लोग झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं।
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बृहस्पतिवार को एसडीएम ने बंधा जाकर मौका मुआयना किया तो शिकायत सही पाई। एसडीएम त्रिवेदी ने बताया कि मौके पर पता चला कि अनुसूचित परिवारों ने खेत की जमीन पर कब्जा करने के लिए उसी दिशा में दरवाजे लगाने के साथ वहां मिट्टी डालकर चबूतरे बना लिए, जबकि पूर्व दिशा में निकास वाली गली की ओर अपने घर टाट की फट्टियां डालकर बंद कर रखे हैं। यह भी पता चला कि घरों में लगे हैंडपंप से निकला पानी नाली बनाकर खेत की ओर बहाया जा रहा है।
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एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने खेत स्वामी को दबाई गई जमीन दिलाने के लिए पिछले दरवाजों की चौखट और किवाड़ तोड़कर वहां दीवारें खड़ी करा दीं। साथ ही खेत की ओर डाले गए टिन शेड उखाड़कर हैंड पंप भी तोड़ दिया। इसी के विरोध में बंधा निवासी कप्तान, गंगाराम, बृजेश, सावित्री, पातीराम, भद्रपाल आदि ने डीएम के नाम प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर नाइंसाफी की जांच कराने की गुहार की है। हालांकि, एसडीएम त्रिवेदी ने ग्रामीणों की शिकायत को बचाव में पेशबंदी का प्रयास बताते हुए कहा कि बंधा गांव में पुलिस ने कोई ज्यादती करने के बजाय केवल अपनी ड्यूटी निभाई।