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अमृत सरोवर योजनाः तालाबों की खूबसूरती पर अवैध कब्जों के दाग
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भावल खेडा के बाड़ी गांव में तालाब पर लोगो ने किया। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
भावलखेड़ा। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई अमृत सरोवर योजना में चयनित विकासखंड भावलखेड़ा की तीन ग्रामपंचायतों के तालाबों पर कब्जेदारी का ग्रहण लगा हुआ है। ग्राम पंचायत चौढेरा और बेहटी का तालाब एक कंपनी की चाहरदीवारी के अंदर है, जबकि बाड़ीगांव के तालाब पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। बीडीओ ने सीडीओ और एसडीएम सदर को कब्जा मुक्त कराने के लिए पत्राचार किया है।
प्रशासन की ओर से जनपद में 78 तालाबों को अमृत सरोवर योजना के तहत चयनित किया है। इसमें से तीन तालाब विकासखंड भावलखेड़ा में आते हैं। अहम बात यह है कि चयनित ग्राम पंचायत चौढेरा, बेहटी और बाड़ी गांव के तालाब कब्जेदारी का ग्रहण लगने के बाद अस्तित्वहीन हो चुके हैं। बाड़ीगांव का तालाब का तो नामोनिशान मिट चुका है। यहां लोगों ने मकान बना रखे हैं। इसके अलावा कुछ लोगों ने पेड़ लगाकर कब्जा कर रखा है।
30 अप्रैल को योजना में चयन का पत्र आने के बाद जब खंड विकास अधिकारी ने टीम भेजकर भौतिक सत्यापन कराया तो यह असलियत सामने आई। बीडीओ ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उन्होंने इस आशय से एक पत्र एसडीएम सदर को भी लिखा है, जिसमें तालाबों को कब्जा मुक्त करने की बात कही है। संवाद
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यह है अमृत सरोवर योजना
शासन द्वारा वर्षा का जल संचय करने एवं गांवों से खत्म हो चुके तालाबों-पोखरों को फिर से जीवित करने के लिए अमृत सरोवर योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत सभी जनपदों में खत्म हो चुके तालाबों की खोदाई कराकर उनके किनारे पेड़-पौधे लगाकर उन्हें सुंदर बनाया जाएगा। वहीं पर गांव वालों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट व बैठने आदि के लिए बेंच की व्यवस्था की जाएगी। सुबह-शाम वहां टहलने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। तालाब और उसके आसपास एक एकड़ भूमि पर कार्य कराया जाएगा।
विकास खंड की तीन ग्राम पंचायतों चौढेरा, बेहटी और बाड़ी गांव के तालाब अमृत सरोवर योजना के तहत चयनित हुए हैं। तीनों तालाब पर कब्जा है। इन्हें कब्जा मुक्त कराने के लिए सीडीओ व एसडीएम सदर को पत्राचार किया है। कब्जा मुक्त होने के बाद योजना के तहत कार्य कराया जाएगा। -अजय श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारी, भावलखेड़ा।
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प्रशासन की ओर से जनपद में 78 तालाबों को अमृत सरोवर योजना के तहत चयनित किया है। इसमें से तीन तालाब विकासखंड भावलखेड़ा में आते हैं। अहम बात यह है कि चयनित ग्राम पंचायत चौढेरा, बेहटी और बाड़ी गांव के तालाब कब्जेदारी का ग्रहण लगने के बाद अस्तित्वहीन हो चुके हैं। बाड़ीगांव का तालाब का तो नामोनिशान मिट चुका है। यहां लोगों ने मकान बना रखे हैं। इसके अलावा कुछ लोगों ने पेड़ लगाकर कब्जा कर रखा है।
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30 अप्रैल को योजना में चयन का पत्र आने के बाद जब खंड विकास अधिकारी ने टीम भेजकर भौतिक सत्यापन कराया तो यह असलियत सामने आई। बीडीओ ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उन्होंने इस आशय से एक पत्र एसडीएम सदर को भी लिखा है, जिसमें तालाबों को कब्जा मुक्त करने की बात कही है। संवाद
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यह है अमृत सरोवर योजना
शासन द्वारा वर्षा का जल संचय करने एवं गांवों से खत्म हो चुके तालाबों-पोखरों को फिर से जीवित करने के लिए अमृत सरोवर योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत सभी जनपदों में खत्म हो चुके तालाबों की खोदाई कराकर उनके किनारे पेड़-पौधे लगाकर उन्हें सुंदर बनाया जाएगा। वहीं पर गांव वालों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट व बैठने आदि के लिए बेंच की व्यवस्था की जाएगी। सुबह-शाम वहां टहलने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। तालाब और उसके आसपास एक एकड़ भूमि पर कार्य कराया जाएगा।
विकास खंड की तीन ग्राम पंचायतों चौढेरा, बेहटी और बाड़ी गांव के तालाब अमृत सरोवर योजना के तहत चयनित हुए हैं। तीनों तालाब पर कब्जा है। इन्हें कब्जा मुक्त कराने के लिए सीडीओ व एसडीएम सदर को पत्राचार किया है। कब्जा मुक्त होने के बाद योजना के तहत कार्य कराया जाएगा। -अजय श्रीवास्तव, खंड विकास अधिकारी, भावलखेड़ा।