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मॉकड्रिलः भूकंप के दौरान मेज और चौखटों के नीचे छिपकर करें बचाव
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शाहजहांपुर की सिटी पार्क कॉलोनी में शुक्रवार को मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप से पत्थर के मलबे में दबे
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। यदि आप किसी बहुमंजिली इमारत में रहते हैं और अचानक उच्च तीव्रता का भूकंप आने से बाहर निकलना संभव नहीं हो तो दीवारों की आड़ लेने के बजाए मेजों या चौखटों के नीचे छिपकर अपना बचाव करें। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचक दल) की टीम ने भूकंप की आशंकित आपदा से जन सामान्य को सचेत करने के लिए शुक्रवार को लोधीपुर की सिटी पार्क कालोनी में भूकंप विषयक मॉकड्रिल कर ऐसे मौकों पर बचाव के उपाय बताए।
एनडीआरएफ की आठवीं वाहिनी के टीम लीडर असिस्टेंट कमांडर संजय सिंह रावत चार अधीनस्थ अधिकारियों और लगभग 50 कर्मचारियों के साथ सिटी पार्क पहुंचे। टीम अपने साथ खोजी स्वान दस्ता और दीवारें, पत्थर काटने वाली मशीन, प्रेशर मशीन आदि साथ लेकर आए थे। मॉकड्रिल की शुरुआत में बताया गया कि रिक्टर पैमाने पर 7.3 तीव्रता का भूकंप आने से कॉलोनी की आठ मंजिला बिल्डिंग के कुछ हिस्से ढहकर मलबे में बदल जाने से उसके नीचे कई लोग दब चुके हैं। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दस्ता मौके पर पहुंच गया।
पुलिस और दमकल यूनिट के अधिकारियों ने मलबे में कई लोग दबे होने की जानकारी पाकर तत्काल एनडीआरएफ की बरेली यूनिट को सूचना भेजी, लेकिन उसके आने में करीब डेढ़ घंटा लगने का अनुमान लगाते हुए अधिकारियों ने अपने स्तर से बचाव के प्रयास के तहत कॉलोनी के लोगों को सचेत करना शुरू कर दिया। बाद में पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने तत्परताके साथ बचाव कार्य शुरू। एक जवान ने ढहे भवन की आठवीं मंजिल से नीचे रस्सी लटकाई और कमर में सेफ्टी बेल्ट बांधकर रस्सी के सहारे लोगों को नीचे उतारा। कटर मशीन से मलबे में बदले पत्थर काटकर लोगों को बाहर निकाला।
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इसी क्रम में एक भारी पत्थर के नीचे दबकर तड़प रहे युवक को बचाने के लिए एनडीआरएफ ने प्रेशर मशीन का सहारा लिया। इस तरह मॉकड्रिल में कुल छह लोगों की जान बचाने का प्रदर्शन किया गया। बाद में हुई गोष्ठी में टीम लीडर संजय सिंह रावत समेत इंस्पेक्टर संजीव मीना, सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार व गुलशन कुमार, मीडिया प्रभारी अरुण कुमार तिवारी, सिपाही डी संदीप आदि ने कॉलोनी के लोगों को समझाया कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा में जीवन रक्षा के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इस दौरान एसडीएम सदर सुप्रिया गुप्ता, जिला आपूर्ति अधिकारी ओमहरि उपाध्याय, चिकित्सा विभाग आदि से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
भूकंप आने पर यह करें
- मकान अथवा कमरे से तत्काल बाहर खुले स्थान पर जाने का प्रयास करें।
- भूकंप के दौरान बिजली की लाइन अथवा पानी के ओवरहेड टैंक से दूरी बनाए रखें।
- किसी ऊंची बिल्डिंग में फंस गए हैं तो किसी मेज के नीचे अथवा दरवाजे की चौखट की आड़ लेकर खड़े हो जाएं।
- मलबा बिखरने से बाहर निकलना संभव नहीं हो तो कमरे में ही फर्नीचर के नीचे बैठे रहें।
- मलबे में लोगों के दबे होने की जानकारी मिलने पर बिना देर किए 108, 112 आदि आपातकालीन नंबर डायल कर सक्षम अधिकारियों को सूचित करें।
- आपदा से राहत और सुरक्षा के लिए आपातकालीन नंबर हर समय याद रखने चाहिए।
- जहां लोगों के दबे होने की आशंका हो, वहां का मलबा प्रशिक्षित कर्मचारी की निगरानी में ही हटाने का प्रयास करें।
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एनडीआरएफ की आठवीं वाहिनी के टीम लीडर असिस्टेंट कमांडर संजय सिंह रावत चार अधीनस्थ अधिकारियों और लगभग 50 कर्मचारियों के साथ सिटी पार्क पहुंचे। टीम अपने साथ खोजी स्वान दस्ता और दीवारें, पत्थर काटने वाली मशीन, प्रेशर मशीन आदि साथ लेकर आए थे। मॉकड्रिल की शुरुआत में बताया गया कि रिक्टर पैमाने पर 7.3 तीव्रता का भूकंप आने से कॉलोनी की आठ मंजिला बिल्डिंग के कुछ हिस्से ढहकर मलबे में बदल जाने से उसके नीचे कई लोग दब चुके हैं। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दस्ता मौके पर पहुंच गया।
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पुलिस और दमकल यूनिट के अधिकारियों ने मलबे में कई लोग दबे होने की जानकारी पाकर तत्काल एनडीआरएफ की बरेली यूनिट को सूचना भेजी, लेकिन उसके आने में करीब डेढ़ घंटा लगने का अनुमान लगाते हुए अधिकारियों ने अपने स्तर से बचाव के प्रयास के तहत कॉलोनी के लोगों को सचेत करना शुरू कर दिया। बाद में पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने तत्परताके साथ बचाव कार्य शुरू। एक जवान ने ढहे भवन की आठवीं मंजिल से नीचे रस्सी लटकाई और कमर में सेफ्टी बेल्ट बांधकर रस्सी के सहारे लोगों को नीचे उतारा। कटर मशीन से मलबे में बदले पत्थर काटकर लोगों को बाहर निकाला।
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इसी क्रम में एक भारी पत्थर के नीचे दबकर तड़प रहे युवक को बचाने के लिए एनडीआरएफ ने प्रेशर मशीन का सहारा लिया। इस तरह मॉकड्रिल में कुल छह लोगों की जान बचाने का प्रदर्शन किया गया। बाद में हुई गोष्ठी में टीम लीडर संजय सिंह रावत समेत इंस्पेक्टर संजीव मीना, सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार व गुलशन कुमार, मीडिया प्रभारी अरुण कुमार तिवारी, सिपाही डी संदीप आदि ने कॉलोनी के लोगों को समझाया कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा में जीवन रक्षा के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इस दौरान एसडीएम सदर सुप्रिया गुप्ता, जिला आपूर्ति अधिकारी ओमहरि उपाध्याय, चिकित्सा विभाग आदि से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
भूकंप आने पर यह करें
- मकान अथवा कमरे से तत्काल बाहर खुले स्थान पर जाने का प्रयास करें।
- भूकंप के दौरान बिजली की लाइन अथवा पानी के ओवरहेड टैंक से दूरी बनाए रखें।
- किसी ऊंची बिल्डिंग में फंस गए हैं तो किसी मेज के नीचे अथवा दरवाजे की चौखट की आड़ लेकर खड़े हो जाएं।
- मलबा बिखरने से बाहर निकलना संभव नहीं हो तो कमरे में ही फर्नीचर के नीचे बैठे रहें।
- मलबे में लोगों के दबे होने की जानकारी मिलने पर बिना देर किए 108, 112 आदि आपातकालीन नंबर डायल कर सक्षम अधिकारियों को सूचित करें।
- आपदा से राहत और सुरक्षा के लिए आपातकालीन नंबर हर समय याद रखने चाहिए।
- जहां लोगों के दबे होने की आशंका हो, वहां का मलबा प्रशिक्षित कर्मचारी की निगरानी में ही हटाने का प्रयास करें।

शाहजहांपुर की सिटी पार्क कॉलोनी में शुक्रवार को मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप की आपदा से सचेत करता एनड- फोटो : SHAHJAHANPUR