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आवास न मिलने पर भूख हड़ताल पर बैठा परिवार
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कलक्ट्रेट में बच्चों समेत धरने पर बैठा दंपती। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र होने के बाद भी परिवार को आवास नहीं मिल पाया। तीन साल पहले पात्र सूची में आने के बाद भी परिवार टूटी झोंपड़ी में रहने को मजबूर है। सोमवार को पीड़ित पत्नी और दो बच्चों के साथ कलक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गया। पीड़ित ने डीएम को प्रार्थना पर देकर आवास दिलाने की मांग की है।
ब्लॉक मदनापुर के पहुरा गांव निवासी रक्षपाल मौर्य की पत्नी रीना देवी के नाम से वर्ष 2018 में आवास स्वीकृत हुआ था। सचिव से संपर्क करने पर वर्ष 2019 में आवास देने के लिए कहा गया। उसके बाद सारी कागजी कार्रवाई को पूरा किया गया। वर्ष 2020 में पीड़ित ने ग्राम विकास अधिकारी से संपर्क किया तो पता चला कि सूची में सात नंबर पर उसका नाम दर्ज है। सूची मांगने पर ग्राम विकास अधिकारी ने इनकार कर दिया। पीड़ित ने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित के अनुसार उसके पास शौचालय भी नहीं है। परिवार खुले में शौच को मजबूर है। आरोप है कि आवास न मिलने पर जब पीड़ित ने ब्लॉक अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तो उनको एक रोजगार सेवक के माध्यम से झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी। कहीं से कोई कार्रवाई न होने पर सोमवार को पीड़ित अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कलक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गया। जहां पीड़ित ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर धमकी देने वालों पर कार्रवाई और उसको आवास दिलाने की मांग की।
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ब्लॉक मदनापुर के पहुरा गांव निवासी रक्षपाल मौर्य की पत्नी रीना देवी के नाम से वर्ष 2018 में आवास स्वीकृत हुआ था। सचिव से संपर्क करने पर वर्ष 2019 में आवास देने के लिए कहा गया। उसके बाद सारी कागजी कार्रवाई को पूरा किया गया। वर्ष 2020 में पीड़ित ने ग्राम विकास अधिकारी से संपर्क किया तो पता चला कि सूची में सात नंबर पर उसका नाम दर्ज है। सूची मांगने पर ग्राम विकास अधिकारी ने इनकार कर दिया। पीड़ित ने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पीड़ित के अनुसार उसके पास शौचालय भी नहीं है। परिवार खुले में शौच को मजबूर है। आरोप है कि आवास न मिलने पर जब पीड़ित ने ब्लॉक अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तो उनको एक रोजगार सेवक के माध्यम से झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी। कहीं से कोई कार्रवाई न होने पर सोमवार को पीड़ित अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कलक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गया। जहां पीड़ित ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर धमकी देने वालों पर कार्रवाई और उसको आवास दिलाने की मांग की।
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