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भीषण युद्ध में पेट की भूख शांत नहीं, बम धमाके से पड़ोस की बिल्डिंग ढहने से सहमा सानी

Wed, 02 Mar 2022 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 02 Mar 2022 12:42 AM IST
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Hunger is not pacified in the fierce war, the neighboring building collapsed due to the bomb blast.
मोहम्मद सानी - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। अब्बू-अम्मी यहां के हालात बिल्कुल ठीक नहीं हो रहे। भीषण युद्ध छिड़ गया। पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया। लाइट भी काट दी गई। मोाबइल की बैट्री चार्ज नहीं रह गई। महमंद हद्दफ निवासी मोहम्मद सानी ने पिता मोहम्मद आसिफ को मंगलवार दोपहर फोन किया तो उसकी आवाज में बेचैनी और घबराहट थीं। बोला-अब तो भरपेट खाना तक नहीं मिल रहा। उसने अपनी तकलीफ बयान करने के साथ ही अपने अब्बू और अम्मी सबिहा बेगम को हौसला दिया। बोला-आप फिक्र नहीं करना। हम बंकर में छिपे हुए हैं। बेटे के मुश्किल में होने से दंपत्ती के आंसू नहीं रुक रहे।
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मोहल्ला महमंद जंगला निवासी आसिफ का बेटा मोहम्मद सानी तीन महीने पहले ही खारकीव गया था। 24 फरवरी को हालात खराब होने के बाद मोहम्मद सानी अपने साथियों के साथ नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के बंकर में चले गए। कच्चे बंकर में माइनस में तापमान होने के चलते मोहम्मद सानी समेत कई छात्रों को सर्दी ने परेशान कर रखा है। खारकीव के हालात में सुधार न होने के कारण सानी बंकर में फंसे हुए हैं। लगातार भीषण युद्ध होने की वजह से उनके निकलने की रास्ता नहीं बन पा रही।
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बिगड़ती स्थिति और परमाणु हमले की धमकी के बीच मंगलवार दोपहर सानी ने अपने पिता को फोन कर जो बयान किया, उसे सुनकर मोहम्मद आसिफ और उनकी बेगम का कलेजा मुंह को आ गया। सानी ने बताया कि लगातार बम और मिसाइल से हमले हो रहे हैं। हम लोग बंकर में छिपे हुए हैं। अभी कुछ देर पहले ही एक बम पड़ोस की बिल्डिंग पर गिरा। पूरी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गईं।
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बम का धमाका इतना तेज था कि कान तक सुन्न पड़ गए। सभी छात्र डर गए, पर आप घबराना नहीं। हम बंकर में छिपे हैं। इतनी बात कहने के बाद सानी का फोन कट गया। बेटे की बातें सुनकर आसिफ की आंसू निकलने लगे, पास में खड़ी पत्नी सबिहा भी बिलख पड़े। बेटी अफीफा और छोटा बेटा कनम दानिश के आंसू भी निकल आए। आसिफ ने खुद को संभाला। पत्नी और बच्चों को हौसला दिया। कहा-अल्लाह पर भरोसा रखें, सब ठीक होगा।
भरपेट खाना भी नहीं, पानी भी खत्म होने वाला
-सानी की बातों को याद कर आसिफ की आवाज भर्रा गईं। फोन पर बात करते हुए आसिफ सही से बात नहीं कर पा रहे थे। लड़खड़ाती जुबान से बोले-बेटे ने बताया कि बंकर में 100 छात्र छिपे हैं। बाहर निकलने के हालात नहीं बन रहे। लगातार मार्केट बंद होने के चलते हास्टल में राशन भी खत्म होने लगा। दो दिन से भरपेट खाना तक नहीं मिल रहा। सिर्फ जीने के लिए खाना दिया जा रहा। पानी भी खत्म होने वाला है।
आसिफ और उनकी बेगम बेटे सानी के लिए परेशान थे। दोपहर हो गई थी। सुबह से किसी ने खाने का निवाला मुंह में नहीं रखा था। इस बीच सबिहा बेगम खाना निकाल लाईं। आसिफ को खाना दिया। रोटी को तोड़कर मुंह में रखा था, लेकिन बेटे की बातों को याद कर रोटी हलक से नहीं उतरी। उन्होंने खाना वापस कर दिया। आसिफ ने बताया कि कई रोज से कुछ भी खाने का मन नहीं हो रहा।
दूतावास सुन नहीं रहा, मौका मिलते ही निकलेंगे
-लगातार बमबारी होने से सानी की हिम्मत भी टूटने लगी है। लाइट कट होने के चलते उसके मोबाइल की चार्जिंग भी खत्म होने लगी है। उसने फोन कर बताया कि बमबारी के रुकते ही जान जोखिम में डालकर यहां से निकलेंगे। दूतावास में लगातार फोन करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। सानी ने बताया कि समूह के साथ छात्र निकलकर ट्रेन से पोलैंड या रोमानिया जाएंगे। इधर, आसिफ के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। रिश्तेदार से लेकर शुभचिंतक तक पहुंचकर उन्हें हौसला बढ़ा रहे हैं।
अल्लाह का शुक्र, बेटियां युद्धग्रस्त क्षेत्र से निकल गईं
-शहर की तीन बेटियां युद्धग्रस्त क्षेत्र यूक्रेन से तमाम दुश्वारियों से जूझते हुए रोमानिया पहुंच गईं। दो दिन के बाद उनके भारत लौटने की संभावना हैं। खलीगर्वी निवासी डॉ.अब्दुल मजीद की बेटी इंतेसाम उर्फ जिया, रंगीन चौपाल निवासी सलीमुद्दीन की बेटी सदफ और मोहम्मद जई निवासी रहबर की बेटी एंजिला सोमवार को यूक्रेन के बॉर्डर से निकलकर रोमानिया पहुंच गईं। पूरा दिन टेंट में गुजारने के बाद बस के जरिये आठ घंटे का सफर कर स्टेडियम में पहुंच गईं।
डॉ. मजीद ने बताया कि जहां बच्चियों को ठहराया गया है, वहां का माहौल बेहतर है। खाने-पीने की काफी अच्छी व्यवस्था है। तीनों बेटियां आराम कर रही हैं। उम्मीद है कि दो दिन के बाद उनका नंबर आएगा। तब उनकी वापसी इंडिया हो जाएगी। बेटियों के युद्धग्रस्त क्षेत्र से बाहर आने के बाद डॉ. मजीद ने अल्लाह का शुक्र अदा किया है। बिजलीपुरा निवासी दिलशाद और नूर फातिमा की बेटी इफरा खान भी रोमानिया पहुंच गईं। एयरपोर्ट के पास ही उन्हें ठहरा दिया गया।
हंगरी की राजधानी बुखारेस्ट जा रहा सकलैन
-पशुपालन विभाग के कर्मचारी जियाउद्दीन के बेटे सकलैन जिया अंसारी भी कीव से सोमवार को ट्रेन के जरिये निकल गए। मंगलवार को उसने फोन कर बताया कि यूक्रेन का बॉर्डर पार कर हंगरी की राजधानी बुखारेस्ट जा रहे हैं। यहां पर भारतीय बच्चों के लिए कैंप लगा है। यहीं से भारत आने का रास्ता साफ होगा।
शिवरात्रि पर खारकीव से निकला हर्ष, पिता बोले- भोले बाबा ने बचा लिया
-आनंदपुरम कॉलोनी निवासी मेडिकल स्टोर स्वामी गिरीश अवस्थी के लिए शिवरात्रि के दिन अच्छी खबर आई। उनका बेटा हर्ष अवस्थी मंगलवार को खारकीव से निकल गया। इसके बाद पूरे परिवार ने राहत की सांस ली। भगवान शिव का शिवार्चन करने के बाद बताया कि भोले बाबा ने बेटे को बचा लिया। खारकीव में भीषण युद्ध के दौरान सोमवार शाम को हर्ष अवस्थी अपने 20 दोस्तों के साथ निकला था। फंसे हुए छात्रों के लिए चलाई ट्रेन पर सवार होकर ट्रेन से कीव से आगे निकल गया था। मोबाइल की बैट्री बचाने के लिए मैसेज से बात हो रही है। गिरीश अवस्थी ने बताया कि हर्ष पोलैंड या हंगरी बॉर्डर को पार कर टेंट में पहुंचेगा।
हवाई जहाज में सवार हुई अंशिका, परिजन की चेहरे पर लौटी मुस्कान
-स्वामी धर्मानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अमीर सिंह यादव व वंदना यादव की बेटी अंशिका यादव मंगलवार शाम चार बजे बुखारेस्ट से हवाई जहाज में सवार हो गईं। वह बुधवार सुबह तक घर आ जाएगी। बेटी के आने की खुशी में दंपती के चेहरे की चमक लौट आई है। वंशिका के परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।
बृज बिहार कॉलोनी निवासी डॉ. अमीर सिंह यादव की बेटी यूक्रेन में एमबीबीएस कर रही है। हालात बिगड़ने के बाद अमीर सिंह ने 26 फरवरी को एयर टिकट बुक करा दिया था। लेकिन, वहां की स्थिति हर दिन बिगड़ती चली गई। हवाई यात्रा रोके जाने के कारण अंशिका भी फंस गई थी। बेटी को मुश्किल में फंसने से पूरा परिवार काफी परेशान था। अंशिका यूक्रेन से बस के जरिये रोमानिया पहुंची। बर्फबारी और ठंड को सहन करने के बाद किसी तरह रोमानिया पहुंची।
वहां टेंट में रुकने के बाद सोमवार को वॉलीबॉल स्टेडियम में रोका गया। वहां बहुत अच्छी व्यवस्था थी। मंगलवार शाम चार बजे कैपिटल्स ऑफ रोमानिया से हवाई जहाज में सवार हो गईं। उसके हवाई जहाज में सवार होने से पूरा परिवार काफी खुश है। डॉ. अमीर, उनकी पत्नी वंदना यादव व भाई मीर सिंह यादव लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। हवाई जहाज पर सवार होने के बाद अंशिका ने तस्वीर भी साझा की है। इसमें वह काफी खुश नजर आ रही है। अमीर सिंह ने बताया कि अंशिका मंगलवार रात दस बजे तक दिल्ली आ जाएगी।
यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजन के लिए प्रशासन ने बनाया व्हाट्सएप ग्रुप
-यूक्रेन में फंसे बच्चों के परिजन से सूचनाओं को साझा करने के लिए प्रशासन ने व्हाट्सएप ग्रुप बना दिया। ग्रुप के जरिये गाइडलाइन जारी की जा रही है। वहां हालात तनावपूर्ण होने के बाद प्रशासन ने सभी बच्चों का विवरण जुटाकर एक व्हाट्सएप ग्रुप बना दिया। इसका नाम एसपीएन यूपी स्टूडेंट इन यूक्रेन रखा गया। ग्रुप के एडमिन तहसील सदर के लेखपाल हैं। ग्रुप के माध्यम से सरकार की गाइडलाइन और जरूरी सूचनाओं को साझा किया जा रहा।
ट्वीट कर छात्रों की वापसी की मांग
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष कुमार पांडे ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की सकुशल वापसी की मांग की है। उन्होंने ट्वीट कर पर्याप्त संख्या में एयर परिवहन की व्यवस्था करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है।
यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजन ने दिया स्टॉप वार का संदेश
-यूक्रेन में युद्ध के दौरान गोली लगने से दम तोड़ने वाले कर्नाटक के युवक की आत्मा की शांति के लिए मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राओं के परिजन ने शहीद उद्यान पर मोमबत्ती में एकजुट होकर युद्ध को रोकने का अपील की। मोहल्ला महमंद जंगला निवासी मोहम्मद आसिफ, आनंदपुरम कॉलोनी निवासी संजय वर्मा और पशुपालन विभाग के कर्मचारी जियाउद्दीन अंसारी के परिवार के लोगों ने शांति बनाए रखने और यूक्रेन में फंसे छात्रों को वापस लाने की भारत सरकार से गुहार लगाई।

मोमिन अंसार समाज ने दिया ज्ञापन
-यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र-छात्राओं को वापस लाने की मांग को लेकर मोमिन अंसार समाज ने मंगलवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया। ज्ञापन में यूक्रेन सेना द्वारा छात्रों से मारपीट, मानसिक उत्पीड़न किए जाने का विरोध किया गया। इस दौरान ऑपरेशन गंगा के तहत बच्चों को लाने में तेजी दिखाने की मांग की गई। ज्ञापन में शफीकुद्दीन अंसारी, मोहम्मद इमरान, जुल्फिकार अली अंसारी आदि मौजूद रहे।

यूक्रेन से लौटी तिलहर के बहिल्लागंज निवासी जया मां राधारानी और अन्य रिश्तेदारों के साथ लखनऊ में?

यूक्रेन से लौटी तिलहर के बहिल्लागंज निवासी जया मां राधारानी और अन्य रिश्तेदारों के साथ लखनऊ में?- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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