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बंडा सीएचसी पर वैक्सीन लगवाने आए युवक और स्टाफ के बीच जमकर मारपीट
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बंडा सीएचसी पर प्रदर्शन करते गांव रसूलपुर गढ़िया के लोग
- फोटो : POWAYAN
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पुवायां। बंडा सीएचसी पर वैक्सीन लगवाने गए एक युवक और अस्पताल के स्टाफ के बीच जमकर मारपीट होने से सीएचसी पर अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल कर्मियों पर युवक को बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगाते हुए गांव के लोगों ने सीएचसी पर प्रदर्शन किया है। उधर, सीएचसी के मेडिकल ऑफिसर और अन्य कर्मचारियों ने युवक पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, पिटाई करने का आरोप लगा तहरीर दी है।
गांव रसूलपुर गढ़िया निवासी अखिलेश कुमार बुधवार को सीएचसी पर कोरोना वैक्सीन लगवाने आया था। उसकी एक डॉक्टर और कर्मचारियों से कहासुनी होने पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। जानकारी पाकर रसूलपुर गढ़िया के तमाम लोग सीएचसी पहुंचे और डॉक्टर सहित कर्मचारियों पर अखिलेश की पिटाई करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस के समझाने पर गांव के लोग सीएचसी से थाने पहुंचे और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान अंबिका प्रसाद, लौंगश्री, ब्रजेश पांडे, बागीश पांडे, रजनीश पाल, रामशंकर, सत्यवीर सिंह चौहान, अमित दीक्षित, रमाकांत मौजूद रहे। डॉक्टर और कर्मचारियों ने भी पुलिस को तहरीर दी है। बंडा पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों में वार्ता चल रही है। समझौता नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
दोनों पक्षों ने लगाए एक दूसरे पर आरोप
गांव रसूलपुर गढ़िया निवासी विष्णु दयाल की पत्नी लक्ष्मी देवी ने पुलिस को बताया कि उसका पुत्र अखिलेश मानसिक मंदित है। उसे सुबह बंडा सीएचसी पर वैक्सीन लगवाने भेजा था। नहीं लगाने पर एक डॉक्टर से कहासुनी हो गई थी। डॉक्टर ने कर्मचारियों के साथ अखिलेश को कमरे में बंद कर जमकर पीटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अखिलेश को छुड़ाया। उधर, वार्ड ब्वॉय सतीश चंद्र ने पुलिस को बताया कि वैक्सीन न होने पर लोगों की लंबी लाइन लग गई थी। लाइन में खड़ा अखिलेश डॉक्टर व कर्मियों को गाली देने लगा। उसने हाथापाई कर दी। बचाने आए चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी मनोज कुमार और डॉ. अभिनव गौतम को भी पीटा। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। युवक के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, स्टाफ की पिटाई करने, सरकारी रजिस्टर फाड़ने और जान से मारने की धमकी के आरोप में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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बुधवार सुबह वैक्सीन नहीं थी। वैक्सीन दोपहर 12 बजे मिल सकी। इससे पहले युवक ने अस्पताल में हंगामा काटना शुरू कर दिया और कर्मचारियों से गाली गलौज करने लगा। डॉक्टर अभिनव गौतम ने शांत करना चाहा तो युवक डॉक्टर से भी भिड़ गया। युवक को कमरे में बंद पिटाई करने की बात निराधार है।
- डॉ. मनोज मिश्रा, अधीक्षक सीएचसी बंडा
सीएचसी पर मारपीट की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बीएस वीरकुमार, सीओ पुवायां
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गांव रसूलपुर गढ़िया निवासी अखिलेश कुमार बुधवार को सीएचसी पर कोरोना वैक्सीन लगवाने आया था। उसकी एक डॉक्टर और कर्मचारियों से कहासुनी होने पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। जानकारी पाकर रसूलपुर गढ़िया के तमाम लोग सीएचसी पहुंचे और डॉक्टर सहित कर्मचारियों पर अखिलेश की पिटाई करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस के समझाने पर गांव के लोग सीएचसी से थाने पहुंचे और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान अंबिका प्रसाद, लौंगश्री, ब्रजेश पांडे, बागीश पांडे, रजनीश पाल, रामशंकर, सत्यवीर सिंह चौहान, अमित दीक्षित, रमाकांत मौजूद रहे। डॉक्टर और कर्मचारियों ने भी पुलिस को तहरीर दी है। बंडा पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों में वार्ता चल रही है। समझौता नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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दोनों पक्षों ने लगाए एक दूसरे पर आरोप
गांव रसूलपुर गढ़िया निवासी विष्णु दयाल की पत्नी लक्ष्मी देवी ने पुलिस को बताया कि उसका पुत्र अखिलेश मानसिक मंदित है। उसे सुबह बंडा सीएचसी पर वैक्सीन लगवाने भेजा था। नहीं लगाने पर एक डॉक्टर से कहासुनी हो गई थी। डॉक्टर ने कर्मचारियों के साथ अखिलेश को कमरे में बंद कर जमकर पीटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अखिलेश को छुड़ाया। उधर, वार्ड ब्वॉय सतीश चंद्र ने पुलिस को बताया कि वैक्सीन न होने पर लोगों की लंबी लाइन लग गई थी। लाइन में खड़ा अखिलेश डॉक्टर व कर्मियों को गाली देने लगा। उसने हाथापाई कर दी। बचाने आए चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी मनोज कुमार और डॉ. अभिनव गौतम को भी पीटा। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। युवक के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, स्टाफ की पिटाई करने, सरकारी रजिस्टर फाड़ने और जान से मारने की धमकी के आरोप में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
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बुधवार सुबह वैक्सीन नहीं थी। वैक्सीन दोपहर 12 बजे मिल सकी। इससे पहले युवक ने अस्पताल में हंगामा काटना शुरू कर दिया और कर्मचारियों से गाली गलौज करने लगा। डॉक्टर अभिनव गौतम ने शांत करना चाहा तो युवक डॉक्टर से भी भिड़ गया। युवक को कमरे में बंद पिटाई करने की बात निराधार है।
- डॉ. मनोज मिश्रा, अधीक्षक सीएचसी बंडा
सीएचसी पर मारपीट की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बीएस वीरकुमार, सीओ पुवायां