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Shahjahanpur News: उमस-गर्मी ने किया परेशान, 26 को हो सकती है बारिश
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धूप से बचने के लिए धूप का चश्मा और ग्लब्स पहन कर जाती स्कूटी सवार युवती। संवाद
शाहजहांपुर। कई दिन से बारिश न होने से गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा है। वहीं धान की फसल में नमी समाप्त हो रही है। मौसम वैज्ञानिक ने अब 26 जुलाई को बारिश होने की संभावना जताई है।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. मनमोहन सिंह ने बताया कि शनिवार को अधिकतम 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को अधिकतम 36.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को अधिकतम में 0.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 26 जुलाई को बारिश हो सकती है।
डिहाइड्रेशन का बढ़ा खतरा
राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि उमस और गर्मी के सीजन में सबसे अधिक शरीर के निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। पसीना अधिक निकलने की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। वहीं मौसम में नमी होने और गर्मी से भोजन जल्द खराब होने की आशंका होती है। दूषित खाद्य पदार्थ खाने या पानी पीने से डायरिया की चपेट में आने की आशंका रहती है। इसके अलावा पेट से संबंधित बीमारियां, त्वचा रोग भी तेजी से फैल रहे हैं। इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का काफी ध्यान रखना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और पानी की कमी शरीर में न होने दें।
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ऐसे करें बचाव
- अधिक से अधिक पानी पीयें। बाहर जाएं तो पानी की बोतल लेकर निकलें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। ताजा भोजन करें। कटे-फटे फल न खाएं। चिकनाई युक्त चीजों को खाने से बचें।
खेत में नमी न होने पर सिंचाई करें
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि बारिश न होने की वजह से धान पीला पड़ रहा है। धान की खेती में समय-समय से सिंचाई करते रहें। जिन खेतों में नमी है, उसमें अभी सिंचाई की जरूरत नहीं है। बाकी अन्य फसलों को अभी कोई खास नुकसान नहीं है।
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गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. मनमोहन सिंह ने बताया कि शनिवार को अधिकतम 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को अधिकतम 36.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को अधिकतम में 0.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 26 जुलाई को बारिश हो सकती है।
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डिहाइड्रेशन का बढ़ा खतरा
राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि उमस और गर्मी के सीजन में सबसे अधिक शरीर के निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। पसीना अधिक निकलने की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। वहीं मौसम में नमी होने और गर्मी से भोजन जल्द खराब होने की आशंका होती है। दूषित खाद्य पदार्थ खाने या पानी पीने से डायरिया की चपेट में आने की आशंका रहती है। इसके अलावा पेट से संबंधित बीमारियां, त्वचा रोग भी तेजी से फैल रहे हैं। इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का काफी ध्यान रखना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और पानी की कमी शरीर में न होने दें।
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ऐसे करें बचाव
- अधिक से अधिक पानी पीयें। बाहर जाएं तो पानी की बोतल लेकर निकलें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। ताजा भोजन करें। कटे-फटे फल न खाएं। चिकनाई युक्त चीजों को खाने से बचें।
खेत में नमी न होने पर सिंचाई करें
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि बारिश न होने की वजह से धान पीला पड़ रहा है। धान की खेती में समय-समय से सिंचाई करते रहें। जिन खेतों में नमी है, उसमें अभी सिंचाई की जरूरत नहीं है। बाकी अन्य फसलों को अभी कोई खास नुकसान नहीं है।