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Shahjahanpur News: संक्रमण की चिंता भुला एक बेड पर भर्ती कर लिए दो-दाे मरीज
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की लगी भीड़। संवाद
शाहजहांपुर। जिले में बाढ़ आने के बाद वायरल बुखार ने पैर पसारना शुरू कर दिए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होने पर बेड को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाकर उपचार हो रहा है। संक्रमण की भी चिंता नहीं है।
जनपद में शहरी व ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का कई दिन तक प्रकोप रहा है। पानी उतरने के बाद बीमारियों ने लोगों को आगोश में लेना शुरू कर दिया है। सीएचसी-पीएचसी पर संसाधन कम होने के चलते अधिकतर मरीज राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे हैं।
बुधवार को दोपहर राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंचे तो वहां की स्थिति पटरी से उतरी हुई थी। ट्रॉमा में पड़े बेड मरीजों से भरे हुए थे। एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाकर उनका परीक्षण किया जा रहा था। इसमें अधिकतर मरीज वायरल बुखार, शरीर में ऐंठन व सिरदर्द से पीड़ित थे।
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कांट के रावतपुर से आईं सलोनी देवी ने बताया कि बेटे को बुखार आ रहा है। एक घंटे के बाद भी मरीज को बेड नहीं मिल पाया है। स्टाफ से कहने पर हर बार आश्वासन दे रहे हैं। इसी तरह सिंधौली के जमुनिया से आईं मेहरुनिशा भी बेड नहीं मिलने से परेशान थीं। बेड नहीं मिलने से मरीजों को काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ रहा था।
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ओपीडी में उमड़ी भीड़, इंतजार के बाद आया नंबर
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाना आसान काम नहीं है। मरीजों को पहले पर्चा बनवाने के लिए जूझना पड़ रहा है। पर्चे के लिए लंबी लाइन लग रही है। काफी इंतजार के बाद उनका नंबर आ रहा है।
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ट्रॉमा में भीड़, वार्ड में बेड खाली
मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा में मरीजों की भीड़ लगी है। जबकि अंदर बेड खाली पड़े हैं। 430 बेड के अस्पताल में मात्र 181 बेड पर मरीज भर्ती हैं। डॉक्टर का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर में अधिकतर बुखार पीड़ित स्लाइन चढ़वाने आते हैं। भर्ती कर वार्ड में शिफ्ट होने से इन्कार कर देते हैं। इस वजह से उन्हें ट्राॅमा सेंटर में रखा जा रहा है।
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अस्पताल में पर्याप्त संख्या में बेड खाली पड़े हैं। ट्रॉमा सेंटर में ड्रिप लगवाने वालों की संख्या ज्यादा रहती है। वायरल बुखार के मरीजों को देखकर स्टाफ की ड्यूटी लगाकर निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल काॅलेज
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जनपद में शहरी व ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का कई दिन तक प्रकोप रहा है। पानी उतरने के बाद बीमारियों ने लोगों को आगोश में लेना शुरू कर दिया है। सीएचसी-पीएचसी पर संसाधन कम होने के चलते अधिकतर मरीज राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे हैं।
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बुधवार को दोपहर राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंचे तो वहां की स्थिति पटरी से उतरी हुई थी। ट्रॉमा में पड़े बेड मरीजों से भरे हुए थे। एक बेड पर दो-दो मरीज लिटाकर उनका परीक्षण किया जा रहा था। इसमें अधिकतर मरीज वायरल बुखार, शरीर में ऐंठन व सिरदर्द से पीड़ित थे।
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कांट के रावतपुर से आईं सलोनी देवी ने बताया कि बेटे को बुखार आ रहा है। एक घंटे के बाद भी मरीज को बेड नहीं मिल पाया है। स्टाफ से कहने पर हर बार आश्वासन दे रहे हैं। इसी तरह सिंधौली के जमुनिया से आईं मेहरुनिशा भी बेड नहीं मिलने से परेशान थीं। बेड नहीं मिलने से मरीजों को काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ रहा था।
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ओपीडी में उमड़ी भीड़, इंतजार के बाद आया नंबर
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाना आसान काम नहीं है। मरीजों को पहले पर्चा बनवाने के लिए जूझना पड़ रहा है। पर्चे के लिए लंबी लाइन लग रही है। काफी इंतजार के बाद उनका नंबर आ रहा है।
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ट्रॉमा में भीड़, वार्ड में बेड खाली
मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा में मरीजों की भीड़ लगी है। जबकि अंदर बेड खाली पड़े हैं। 430 बेड के अस्पताल में मात्र 181 बेड पर मरीज भर्ती हैं। डॉक्टर का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर में अधिकतर बुखार पीड़ित स्लाइन चढ़वाने आते हैं। भर्ती कर वार्ड में शिफ्ट होने से इन्कार कर देते हैं। इस वजह से उन्हें ट्राॅमा सेंटर में रखा जा रहा है।
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अस्पताल में पर्याप्त संख्या में बेड खाली पड़े हैं। ट्रॉमा सेंटर में ड्रिप लगवाने वालों की संख्या ज्यादा रहती है। वायरल बुखार के मरीजों को देखकर स्टाफ की ड्यूटी लगाकर निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल काॅलेज