{"_id":"657df63ea4d78742680d1797","slug":"houses-coming-under-industrial-corridor-villagers-met-sdm-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-9926-2023-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: औद्योगिक गलियारे की जद में आ रहे मकान, एसडीएम से मिले ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: औद्योगिक गलियारे की जद में आ रहे मकान, एसडीएम से मिले ग्रामीण
Sun, 17 Dec 2023 12:40 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 17 Dec 2023 12:40 AM IST
विज्ञापन
जलालाबाद। गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे गांव गुलड़िया में शासन की ओर से प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित की गई जमीन में कई मकान आ रहे हैं। इससे परेशान ग्रामीण शनिवार को एसडीएम से मिले। उस गाटा संख्या को संरेखण (अलाइनमेंट) से अलग कराने की मांग की है।
गांव गुलड़िया के मंझरा बिरियातारा से जगदीश, गंगाराम, आशाराम, रामरतन, बबलू, चोखेलाल आदि ने एसडीएम रविंद्र कुमार को बताया कि औद्योगिक गलियारे के लिए जो जमीन ली जानी है, उसके पूरे रकबे का संरेखण अधिग्रहण के लिए प्रकाशित हुआ था। गांव बिरियातारा की बस्ती से लगे एक गाटा संख्या में उन लोगों के पक्के घर बने हुए हैं। उस गाटा संख्या की जमीन भी उसमें शामिल है।
बताया कि उन लोगों के मकानों में काफी लागत लगी हुई है। उनके अधिग्रहण से वे लोग बेघर हो जाएंगे। पीड़ितों ने उन गाटा संख्या को अधिग्रहण के दायरे से बाहर निकलवाने की मांग की है। एसडीएम ने लेखपाल से जांच कर कराने का आश्वासन दिया है। गांव गुलड़िया में गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए 15 सौ बीघा जमीन चिह्नित की जा चुकी है। कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने रोड किनारे खेत खरीदे थे, लेकिन बैनामा नहीं करवाया और मकान व दुकान बनवा लिए हैं। ऐसे लोगों के खेत व मकानों का अधिग्रहण होने के बाद मुआवजे की धनराशि अभिलेखों में दर्ज नाम वाले खातों में जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव गुलड़िया के मंझरा बिरियातारा से जगदीश, गंगाराम, आशाराम, रामरतन, बबलू, चोखेलाल आदि ने एसडीएम रविंद्र कुमार को बताया कि औद्योगिक गलियारे के लिए जो जमीन ली जानी है, उसके पूरे रकबे का संरेखण अधिग्रहण के लिए प्रकाशित हुआ था। गांव बिरियातारा की बस्ती से लगे एक गाटा संख्या में उन लोगों के पक्के घर बने हुए हैं। उस गाटा संख्या की जमीन भी उसमें शामिल है।
विज्ञापन
बताया कि उन लोगों के मकानों में काफी लागत लगी हुई है। उनके अधिग्रहण से वे लोग बेघर हो जाएंगे। पीड़ितों ने उन गाटा संख्या को अधिग्रहण के दायरे से बाहर निकलवाने की मांग की है। एसडीएम ने लेखपाल से जांच कर कराने का आश्वासन दिया है। गांव गुलड़िया में गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए 15 सौ बीघा जमीन चिह्नित की जा चुकी है। कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने रोड किनारे खेत खरीदे थे, लेकिन बैनामा नहीं करवाया और मकान व दुकान बनवा लिए हैं। ऐसे लोगों के खेत व मकानों का अधिग्रहण होने के बाद मुआवजे की धनराशि अभिलेखों में दर्ज नाम वाले खातों में जाएगी।
विज्ञापन