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‘अरे भैया, पहले हमें सौदा दे दो, बहुत देर से खड़े हैं’
शाहजहांपुर
Updated Thu, 05 Mar 2015 11:39 PM IST
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- होली पर दुकानदारों से कुछ इस तरह बोलते रहे ग्राहक
- पिचकारी, रंग-गुलाल, आखत एवं कपड़ों की हुई बिक्री
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। होली पर अगर आप बाजारों में कुछ खरीदने के लिए गए हाेंगे या उधर से गुजरेंगे होंगे, तो आपको यह लाइन जरूर सुनने को मिलीं होगी कि ‘अरे भैया, पहले हमें सौदा दे दो, बहुत देर से खड़े हैं’। होली से संबंधित वस्तुएं खरीदने के लिए बाजारों में हो रही भीड़ दुकानदारों से अक्सर यही कहती नजर आई।
शहर के अधिकांश बाजारों में लोग होली की तैयारियों से संबंधित तमाम वस्तुएं खरीद रहे हैं। इनमें से किराना की दुकानों पर घी, मैदा, रवा, चीनी, गोला-गरी, काजू, किशमिश आदि चीजों की खूब बिक्री हुई। वहीं पिचकारी, रंग-गुलाल, रंग-बिरंगी टोपियां, मुखौटे, कलर स्प्रे, रंगों की आतिशबाजी की बिक्री भी खूब हो रही है। बच्चों को सबसे ज्यादा डिजायनर पिचकारियां भा रहीं हैं। पुराने स्टाइल की पिचकारी खरीदने वालों की संख्या बहुत कम है।
रेडीमेड गारमेंट्स की दुकानों पर सबसे ज्यादा बिक्री जींस और लूज शर्टों की हो रही है। वहीं, जींस के साथ टीशर्ट की बिक्री भी खूब हुई। साथ ही मोदी के स्टाइल वाले कपड़े भी लोगों ने खूब खरीदें। वहीं महिलाओं ने भी रेडीमेड कपड़ों को खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। शू स्टोरों पर भी खरीददारी करने वालों की खासी भीड़ रही।
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खूब बिके आखत और रंग-गुलाल
होलिका दहन होने पर आखत डालने का रिवाज है। इसके लिए लोगों ने जौ की बाली से बंडलों की बिक्री खूब हो रही है। बृहस्पतिवार सुबह से ही गांवों से आने वाले तमाम लोग गलियों में आखत बेचते नजर आए। वहीं चौक, चौराहों और बाजारों में भी दो रुपये से लेकर पांच रुपये तक बाली के बंडलों की बिक्री खूब हुई। वहीं, रंग-गुलाल और पिचकारी की दुकानों में तो बच्चों से लेकर बड़ों तक ग्राहकों की भारी भीड़ रही।
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- पिचकारी, रंग-गुलाल, आखत एवं कपड़ों की हुई बिक्री
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। होली पर अगर आप बाजारों में कुछ खरीदने के लिए गए हाेंगे या उधर से गुजरेंगे होंगे, तो आपको यह लाइन जरूर सुनने को मिलीं होगी कि ‘अरे भैया, पहले हमें सौदा दे दो, बहुत देर से खड़े हैं’। होली से संबंधित वस्तुएं खरीदने के लिए बाजारों में हो रही भीड़ दुकानदारों से अक्सर यही कहती नजर आई।
शहर के अधिकांश बाजारों में लोग होली की तैयारियों से संबंधित तमाम वस्तुएं खरीद रहे हैं। इनमें से किराना की दुकानों पर घी, मैदा, रवा, चीनी, गोला-गरी, काजू, किशमिश आदि चीजों की खूब बिक्री हुई। वहीं पिचकारी, रंग-गुलाल, रंग-बिरंगी टोपियां, मुखौटे, कलर स्प्रे, रंगों की आतिशबाजी की बिक्री भी खूब हो रही है। बच्चों को सबसे ज्यादा डिजायनर पिचकारियां भा रहीं हैं। पुराने स्टाइल की पिचकारी खरीदने वालों की संख्या बहुत कम है।
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रेडीमेड गारमेंट्स की दुकानों पर सबसे ज्यादा बिक्री जींस और लूज शर्टों की हो रही है। वहीं, जींस के साथ टीशर्ट की बिक्री भी खूब हुई। साथ ही मोदी के स्टाइल वाले कपड़े भी लोगों ने खूब खरीदें। वहीं महिलाओं ने भी रेडीमेड कपड़ों को खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। शू स्टोरों पर भी खरीददारी करने वालों की खासी भीड़ रही।
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खूब बिके आखत और रंग-गुलाल
होलिका दहन होने पर आखत डालने का रिवाज है। इसके लिए लोगों ने जौ की बाली से बंडलों की बिक्री खूब हो रही है। बृहस्पतिवार सुबह से ही गांवों से आने वाले तमाम लोग गलियों में आखत बेचते नजर आए। वहीं चौक, चौराहों और बाजारों में भी दो रुपये से लेकर पांच रुपये तक बाली के बंडलों की बिक्री खूब हुई। वहीं, रंग-गुलाल और पिचकारी की दुकानों में तो बच्चों से लेकर बड़ों तक ग्राहकों की भारी भीड़ रही।