फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Heavy arrival of wheat in the market, silence at government purchasing centers

मंडी में गेहूं की भारी आवक, सरकारी केंद्रों पर पसरा सन्नाटा

Wed, 06 Apr 2022 01:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2022 01:36 AM IST
विज्ञापन
Heavy arrival of wheat in the market, silence at government purchasing centers
मंडी परिसर में आरएफसी गेहूं खरीद केंद्र पर पसरा सन्नाटा - फोटो : SHAHJAHANPUR
तिलहर। नगर की मंडी समिति परिसर में 14 सरकारी गेहूं खरीद केंद्र खुलने के पांच दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक खरीद शून्य है। खुले बाजार में गेहूं का भाव सरकारी के समकक्ष होने के कारण किसान केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। वहीं, सरकारी प्रयास भी बेअसर साबित हो रहे हैं।
विज्ञापन

नगर मंडी समिति परिसर में आरएफसी के तीन, पीसीएफ के छह, यूपीएसएस के चार और एफसीआई का एक केंद्र स्थापित किया है। सभी केंद्र एक अप्रैल से संचालित हैं। मंडी में गेहूं की आवक तेजी से हो रही है। प्रतिदिन लगभग 4 से 5 हजार कुंटल गेहूं की आवक होने का अनुमान है, लेकिन क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। मंगलवार को आरएफसी के एक केंद्र पर केंद्र प्रभारी अजीत कुमार सिंह मौजूद मिले लेकिन दो अन्य केंद्रों पर बैनर और कुर्सी लगी पाईं गईं। 14 केंद्रों में से 10 केंद्र मंडी में लगे पाए गए अन्य केंद्रों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
विज्ञापन

मैं मंगलवार को 80 क्विंटल गेहूं मंडी में बेचने के लिए लाया। गेहूं में 15 प्रतिशत नमी बताई गई। खुले बाजार में मेरा गेहूं 1965 रुपये में खरीदा गया। सरकारी खरीद केंद्र पर ले जाने से कोई फायदा नहीं है। केंद्र पर डेढ़ सौ से दो सौ रुपये प्रति कुंतल का खर्चा भी आता है। -परमजीत सिंह, गांव महियावर।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंगलवार को मैं 35 क्विंटल गेहूं मंडी में बेचने आया हूं। मंडी में मुझे 1970 रुपये का रेट मिल गया है इसलिए मैंने मंडी में व्यापारी के हाथ अपना माल बेच दिया है। सरकारी खरीद केंद्र पर 2015 रुपये का रेट है। डेढ़ सौ रुपए कुंटल का खर्चा भी आ जाता है। -बबलू, गांव ढकिया शोभा।
खुले बाजार में दो हजार रुपये तक गेहूं का भाव चल रहा है। ऐसे में किसान अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर न ले जाकर खुले बाजार में बेच रहा है। मैंने भी अपना गेहूं सरकारी दुकान पर तुलवा दिया है। सरकारी केंद्रों पर खर्चा भी अधिक है लेकिन प्राइवेट दुकानों का खर्चा नहीं लिया जा रहा है। - छोटेलाल, गांव मोहनपुर।
खुले बाजार में रेट अधिक होने के कारण किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं नहीं ला रहा है। मेरे केंद्र पर अभी तक कोई तौल नहीं हुई है। बाजार में नम गेहूं भी व्यापारी खरीद रहे हैं। लेकिन केंद्र पर अभी तक कोई किसान गेहूं लेकर नहीं आया। -प्रदीप कुमार, केंद्र प्रभारी भारतीय खाद्य निगम।

मैं लगातार मंडी गेट पर तैनात हूं। किसानों से लगातार केंद्र पर गेहूं बेचने की सलाह दे रहा हूं लेकिन किसान कहने के बावजूद गेहूं सरकारी केंद्र पर नहीं ला रहे हैं। बाजार में दो हजार रुपये का मूल्य होने के कारण अभी तक किसी भी केंद्र पर कोई खरीद नहीं हुई है। -पंकज कुमार मिश्रा, मंडी निरीक्षक।

आढत पर गेहूं की तुलाई करते पल्लेदार

आढत पर गेहूं की तुलाई करते पल्लेदार- फोटो : SHAHJAHANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed