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40 डिग्री तक पहुंचा पारा, बढ़ गई तपिश
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:51 PM IST
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40 डिग्री तक पहुंचा पारा, बढ़ गई तपिश
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अप्रैल माह अभी आधा बीत पाया है, लेकिन पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। शुक्रवार को भीषण गर्मी के दौरान गर्म हवा के थपेड़े चलने के कारण माहौल में तपिश बढ़ गई। इस कारण दोपहर से शाम तक सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। गन्ना शोध परिषद के मौसम अनुभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने का अनुमान व्यक्त किया है।
मई और जून माह गर्मी के पर्याय माने जाते हैं। इन दोनों माह में तापमान चरम पर पहुंच जाता है, लेकिन का पारा 43-44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जाता। इस बार अप्रैल आधा बीतने को बाकी है, लेकिन पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से लोग गर्मी से बेहाल होने लगे हैं। शुक्रवार को सुबह सूर्योदय के बाद दिन चढ़ने के साथ ही लोगों को तीखी धूप आग के गोले जैसा अहसास कराने लगी।
तपिश बढ़ने के साथ लोगों को सड़कों पर निकलना कठिन होने लगा। नौकरीपेशा लोग रामनवमी अवकाश होने के कारण बाजार के काम जल्दी निपटाकर घरों की ओर मुड़ने लगे। बच्चों को घरों के अंदर ही रखने में लोगों ने भलाई समझी। जरूरी कामों से जो महिलाएं बाहर निकलीं, उन्होंने छातों का सहारा लिया। तमाम युवतियां चेहरों पर स्कार्फ लपेटकर और हाथों में दस्ताने पहनकर बाहर निकलीं।
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तापमान में बढ़ोतरी बारिश कम होने का नतीजा
पिछले दो साल से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले साल मई के पहले सप्ताह में तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा था। इस वर्ष अधिकतम तापमान में रिकार्ड बढ़ोतरी होने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान बढ़ना तय है।
-डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद
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मई और जून माह गर्मी के पर्याय माने जाते हैं। इन दोनों माह में तापमान चरम पर पहुंच जाता है, लेकिन का पारा 43-44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जाता। इस बार अप्रैल आधा बीतने को बाकी है, लेकिन पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने से लोग गर्मी से बेहाल होने लगे हैं। शुक्रवार को सुबह सूर्योदय के बाद दिन चढ़ने के साथ ही लोगों को तीखी धूप आग के गोले जैसा अहसास कराने लगी।
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तपिश बढ़ने के साथ लोगों को सड़कों पर निकलना कठिन होने लगा। नौकरीपेशा लोग रामनवमी अवकाश होने के कारण बाजार के काम जल्दी निपटाकर घरों की ओर मुड़ने लगे। बच्चों को घरों के अंदर ही रखने में लोगों ने भलाई समझी। जरूरी कामों से जो महिलाएं बाहर निकलीं, उन्होंने छातों का सहारा लिया। तमाम युवतियां चेहरों पर स्कार्फ लपेटकर और हाथों में दस्ताने पहनकर बाहर निकलीं।
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तापमान में बढ़ोतरी बारिश कम होने का नतीजा
पिछले दो साल से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले साल मई के पहले सप्ताह में तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा था। इस वर्ष अधिकतम तापमान में रिकार्ड बढ़ोतरी होने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान बढ़ना तय है।
-डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद