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निजी अस्पतालों को लिमिट में मिलेगी आक्सीजन
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शाहजहांपुर। जमाखोरी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने एजेंसी मालिक को निजी अस्पतालों के लिए सीमित ऑक्सीजन देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने यह निर्देश मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ज्यादा ऑक्सीजन की आवश्यकता के मद्देनजर दिया है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के तीमारदार सबसे ज्यादा ऑक्सीजन न मिलने की शिकायत कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन की ओर से ऑक्सीजन सप्लायर करने वाली एजेंसी को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन सिलिंडर दिए जाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि किसी भी कीमत पर निजी अस्पतालों और घरों में ऑक्सीजन का भंडारण नहीं होने दिया जाएगा। बृहस्पतिवार सुबह से अफवाह थी कि राजकीय मेडिकल कॉलेज को छोड़कर किसी भी प्राइवेट अस्पताल को ऑक्सीजन नही बेची जाएगी। इस पर एक डॉक्टर और आक्सीजन सप्लायर के बीच बातचीत का आडियो वायरल हुआ था। इसमें सप्लायर ऑक्सीजन देने से इंकार कर रहे हैं। इसके बाद आईएमए की सेक्रेटरी दीपा दीक्षित ने मामले में डीएम से वार्ता की। इसके बाद नया आदेश जारी किया गया। आईएमए ने जिला प्रशासन के फैसले का स्वागत किया है। वहीं राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने जिला प्रशासन के इस फैसले पर नाराजगी भी जताई है। प्रदेश अध्यक्ष की मांग है कि जो होम आईसोलेट हैं। उनको आक्सीजन कैसे मिलेगी। इस पर जिला प्रशासन को विचार करना चाहिए।
आवश्यकतानुसार आक्सीजन निजी अस्पतालों को लेना चाहिए। इस वक्त हालात ऐसे हैं। जिसमें सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के बारे में भी सोचना पड़ेगा। आईएमए जिला प्रशासन के फैसले का स्वागत करता है।
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विजेंद्र सक्सेना, अध्यक्ष आईएमए
आईएमए से बात हुई है। सभी निजी अस्पतालों से आक्सीजन की आवश्यकता के बारे में पूछा गया है। आक्सीजन सभी को दी जाएगी। लेकिन लिमिट में दी जाएगी। लोगों द्वारा घरों और निजी अस्पतालों में भंडारण करने की सूचना मिली थी। दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
राजेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
जिला प्रशासन के फैसले का स्वागत करते हैं। लेकिन उन मरीजों का क्या होगा जो कोरोना संक्रमित होने के बाद होम आईसोलेट हैं। जिला प्रशासन नीजी तौर पर आक्सीजन को घरों पर ले जाने पर पावंदी लगा रहा है। मांग है कि घरों पर आक्सीजन ले जाने पर पावंदी न लगाई जाए।
किशोर कुमार गुप्ता, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के तीमारदार सबसे ज्यादा ऑक्सीजन न मिलने की शिकायत कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन की ओर से ऑक्सीजन सप्लायर करने वाली एजेंसी को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन सिलिंडर दिए जाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि किसी भी कीमत पर निजी अस्पतालों और घरों में ऑक्सीजन का भंडारण नहीं होने दिया जाएगा। बृहस्पतिवार सुबह से अफवाह थी कि राजकीय मेडिकल कॉलेज को छोड़कर किसी भी प्राइवेट अस्पताल को ऑक्सीजन नही बेची जाएगी। इस पर एक डॉक्टर और आक्सीजन सप्लायर के बीच बातचीत का आडियो वायरल हुआ था। इसमें सप्लायर ऑक्सीजन देने से इंकार कर रहे हैं। इसके बाद आईएमए की सेक्रेटरी दीपा दीक्षित ने मामले में डीएम से वार्ता की। इसके बाद नया आदेश जारी किया गया। आईएमए ने जिला प्रशासन के फैसले का स्वागत किया है। वहीं राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने जिला प्रशासन के इस फैसले पर नाराजगी भी जताई है। प्रदेश अध्यक्ष की मांग है कि जो होम आईसोलेट हैं। उनको आक्सीजन कैसे मिलेगी। इस पर जिला प्रशासन को विचार करना चाहिए।
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आवश्यकतानुसार आक्सीजन निजी अस्पतालों को लेना चाहिए। इस वक्त हालात ऐसे हैं। जिसमें सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों के बारे में भी सोचना पड़ेगा। आईएमए जिला प्रशासन के फैसले का स्वागत करता है।
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विजेंद्र सक्सेना, अध्यक्ष आईएमए
आईएमए से बात हुई है। सभी निजी अस्पतालों से आक्सीजन की आवश्यकता के बारे में पूछा गया है। आक्सीजन सभी को दी जाएगी। लेकिन लिमिट में दी जाएगी। लोगों द्वारा घरों और निजी अस्पतालों में भंडारण करने की सूचना मिली थी। दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
राजेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
जिला प्रशासन के फैसले का स्वागत करते हैं। लेकिन उन मरीजों का क्या होगा जो कोरोना संक्रमित होने के बाद होम आईसोलेट हैं। जिला प्रशासन नीजी तौर पर आक्सीजन को घरों पर ले जाने पर पावंदी लगा रहा है। मांग है कि घरों पर आक्सीजन ले जाने पर पावंदी न लगाई जाए।
किशोर कुमार गुप्ता, राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन