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नियम विरुद्ध रसोइयों के चयन पर प्रधानाध्यापक निलंबित
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Mon, 24 Oct 2016 11:51 PM IST
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दो महिलाओं की रसोईया पद पर नियम विरुद्ध नियुक्ति के मामले में जांच के वाद बीएसए ने गंाव खिरिया सकटू के प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को निलंबित करते हुए बीआरसी से संबद्ध कर दिया है। वहीं पात्र आवेदक महिला चयन न हो पाने के कारण वह अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रही है। खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि शासनादेश के अनुसार जिस महिला के बच्चे सरकारी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल में पढ़ते हैं, उन्हीं का रसोइया पद पर चयन होना चाहिए। बताते हैं गांव की विमला पत्नी रमेश की पुत्री सरिता उच्च प्राथमिक स्कूल में कक्षा 7 में पढ़ती है, इस कारण उसका रसोइया पद पर चयन हुआ था, लेकिन स्कूल में मात्र 18 बच्चे रह जाने के कारण दोबारा विमला का चयन नहीं हो सका।
विमला ने बताया कि गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में उसकी दो पुत्रियां शिवा कक्षा 2 में तो कृष्णा कक्षा 4 में पढ़ती हैं। इसी वजह से उसने प्राथमिक स्कूल में आवेदन किया था। आरोप है कि स्कूल के प्रधानाध्यापक ने उसे अपात्र दर्शाकर गांव की ही दो महिलाओं मुन्नी देवी व इंद्रेशा देवी का चयन कर दिया, जिनके बच्चे इस स्कूल में पढ़ते ही नहीं है। बीईओ ने बताया कि विभागीय जांच में पाया गया कि चयनित रसोइया मुन्नी देवी के दो बच्चों अरुण व वरुण को फर्जी ढंग से दर्शाया गया है। जबकि दोनों बच्चे गांव के ही अहिवरन के हैं। अहिवरन ने साक्ष्य में विभाग को शपथपत्र भी दिया है। दूसरी चयनित रसोइया इंद्रेशा देवी का चयन भी दूर के रिश्तेदारों के बच्चे शिवानी, गुंजन, गायत्री व अंकुश को दर्शाकर किया गया है।
बीईओ ने बताया कि विमला देवी की शिकायत पर कराई जांच में शिकायत सही पाई गई। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक चंद्रपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए बीआरसी से संबद्ध कर दिया है। निलंबित शिक्षक चंद्रपाल ने अभी बीआरसी पर ज्वाइन नहीं किया है, बीईओ सदर राजेश चतुर्वेदी को दोबारा जंाच सौंपी है।
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विमला ने बताया कि गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में उसकी दो पुत्रियां शिवा कक्षा 2 में तो कृष्णा कक्षा 4 में पढ़ती हैं। इसी वजह से उसने प्राथमिक स्कूल में आवेदन किया था। आरोप है कि स्कूल के प्रधानाध्यापक ने उसे अपात्र दर्शाकर गांव की ही दो महिलाओं मुन्नी देवी व इंद्रेशा देवी का चयन कर दिया, जिनके बच्चे इस स्कूल में पढ़ते ही नहीं है। बीईओ ने बताया कि विभागीय जांच में पाया गया कि चयनित रसोइया मुन्नी देवी के दो बच्चों अरुण व वरुण को फर्जी ढंग से दर्शाया गया है। जबकि दोनों बच्चे गांव के ही अहिवरन के हैं। अहिवरन ने साक्ष्य में विभाग को शपथपत्र भी दिया है। दूसरी चयनित रसोइया इंद्रेशा देवी का चयन भी दूर के रिश्तेदारों के बच्चे शिवानी, गुंजन, गायत्री व अंकुश को दर्शाकर किया गया है।
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बीईओ ने बताया कि विमला देवी की शिकायत पर कराई जांच में शिकायत सही पाई गई। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक चंद्रपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए बीआरसी से संबद्ध कर दिया है। निलंबित शिक्षक चंद्रपाल ने अभी बीआरसी पर ज्वाइन नहीं किया है, बीईओ सदर राजेश चतुर्वेदी को दोबारा जंाच सौंपी है।
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