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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   He had sold the doors and windows of his house for drugs, he used to fight for money everyday

Shahjahanpur News: नशे के लिए बेच दिए थे घर के खिड़की-दरवाजे, रुपयों के लिए आए दिन करता था झगड़ा

Tue, 15 Jul 2025 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jul 2025 12:47 AM IST
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He had sold the doors and windows of his house for drugs, he used to fight for money everyday
तिलहर। ओमकार गंगवार अपने तीसरे नंबर के बेटे हर्षवर्धन की गलत संगत से तंग आ चुके थे। नशे का आदी होने के कारण वह आए दिन रुपये देेने के लिए झगड़ा करता था। शराब की लत पूरी करने के लिए उसने मकान के खिड़की-दरवाजे समेत अन्य सामान बेच दिया था। सोमवार को पिता व मां पर हमलावर हुआ तो ओमकार बंदूक निकाल लाए। फिर जो कुछ हुआ, उसमें हर्षवर्धन की जान चली गई।
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चीनी मिल में सहायक लेखाकार पद पर रहे ओमकार मूलत: तिलहर से करीब तीन किलोमीटर दूर गांव रज्जाकपुर के रहने वाले हैं। नौकरी लगने के बाद उन्होंने निजामगंज में मकान बनवा लिया था। वह यहां पत्नी कलावती व चार बेटों के साथ रहने लगे थे। बड़ा बेटा नीरज कहीं बाहर नौकरी करता है। दूसरा बेटा नीरज पीआरडी जवान है और सबसे छोटा आलोक चीनी मिल में ही कार्यरत हैं।
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तीसरे नंबर का हर्षवर्धन गलत संगत में पड़ा तो उससे छुड़ाना मुश्किल हो गया। शराब पीने के साथ ही अन्य तरह के नशे भी करने लगा। लत को पूरी करने के लिए उसने परिवार वालों से रुपये मांगना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, रोजाना खर्चा देने से परिजन ने इन्कार किया तो हर्षवर्धन ने मकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उसने मकान के दरवाजे और खिड़की तक तोड़कर बेच दिए। सोमवार सुबह से रुपयों के लिए हर्षवर्धन हंगामा कर रहा था। शाम को बात काफी ज्यादा बढ़ गई। बताते हैं कि वह बेल्चे से मकान को तोड़ने लगा। ओमकार व कलावती ने मना किया तो बेल्चे के साथ वहां पड़ी हथौड़ी लेकर हमलावर हो गया। माता-पिता को दौड़ा लिया। परेशान होकर ओमकार लाइसेंसी बंदूक निकाल लाए। बंदूक को देखकर हर्षवर्धन भी भिड़ गया। इस बीच चली गोली सीने में लगने से हर्षवर्धन की मौत हो गई। बताते हैं कि इससे पहले भी दो बार हर्षवर्धन अपने पिता के सिर पर हमला कर चुका था, जिससे उन्हें काफी चोट आई थी।
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परिजन के नहीं थम रहे आंसू
-हर्षवर्धन की मौत से कलावती के आंसू नहीं थम रहे हैं। उनके ऊपर दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा है। बेटे के जान से जाने के साथ ही पति भी जेल जाएंगे। वारदात की सूचना पर बेटी शिल्पी भी आ गई। उसने परिजन को किसी तरह संभालने का प्रयास किया।
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