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महाविद्यालयों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया,आधी सीटें भी नहीं भर पाईं

Tue, 22 Aug 2017 10:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,शाहजहांपुर
अमर उजाला ब्यूरो,शाहजहांपुर Updated Tue, 22 Aug 2017 10:40 PM IST
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Half of the seats still vacant even after online admission process

विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक कक्षाओं में आॅनलाइन प्रवेश प्रक्रिया क्या शुरू की गई, छात्र-छात्राओं का भविष्य ही दांव पर लग गया। वहीं, जनपद के सभी महाविद्यालयों में सन्नाटा पसरा है। वह भी तब, जब दूसरी प्रवेश सूची की अंतिम तिथि भी निकल चुकी है। एक ओर विद्यार्थियों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि उनका इस साल प्रवेश हो पाएगा या नहीं। वहीं, कॉलेज प्राचार्य अपने स्टाफ के साथ हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। हालत यह है कि अभी तक आधी सीटें भी नहीं भर पाई हैं। कुछेक कक्षाओं में तो 25 फीसदी सीटें भी नहीं भर पाई हैं। यहां बतादें कि जनपद में नगर के प्रमुख तीन महाविद्यालय एसएस कॉलेज, जीएफ कॉलेज और आर्य महिला महाविद्यालय समेत चार दर्जन से भी अधिक डिग्री कॉलेज हैं, जिनमें स्नातक कला वर्ग की करीब 26,700 सीटें हैं। जानकारी के अनुसार आज तक मात्र 7526 सीटों पर ही प्रवेश हो पाए हैं। यानी बीए में अभी भी 19,174 सीटें खाली हैं। इस तरह बीए में लगभग 28 प्रतिशत सीटों पर ही प्रवेश हो सके हैं। इसी तरह बीकॉम की बात करें तो जनपद में करीब 2800 सीटें हैं, जिनपर मात्र 592 प्रवेश हो सके हैं। अभी 2208 सीटें खाली हैं। यानी बीकॉम में 21.14 फीसदी ही प्रवेश हो सके हैं। बीएससी प्रथम वर्ष मैथ्स की 3080 सीटों के सापेक्ष मात्र 1097 प्रवेश हुए ।1983 सीटों पर प्रवेश होने बाकी हैं। इस तरह बीएससी मैथ्स में 35.62 प्रतिशत ही प्रवेश हुए हैं। बीएससी बायो की कुल 3160 सीटों के सापेक्ष 1481 प्रवेश हुए और 1679 सीटें रिक्त हैं, यानी प्रवेशार्थियों का प्रतिशत 46.86 प्रतिशत है। हालत यह है कि आर्य महिला महाविद्यालय में बीकॉम की 160 साटों के सापेक्ष मात्र 24 प्रवेश ही हुए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस हद तक सीटें खाली पड़ी हैं। 

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अब प्राचार्यों की स्थिति यह है कि वह प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं का इंतजार करते रहे, प्रवेश प्रक्रिया के लिए रविवार समेत अन्य सार्वजनिक अवकाशों में भी कॉलेज खोले गए, लेकिन सीटें नहीं भर पाईं। वह विश्वविद्यालय से प्राप्त सूची के हटकर प्रवेश ले नहीं सकते और छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की सूची के अनुरूप प्रवेश लेना नहीं चाहते। 

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