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किसानों को झटका देगा जीएसटी
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:10 AM IST
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प्रदेश में अन्न उत्पादन के मामले में अग्रणी रहने वाली ‘मिनी पंजाब’ पुवायां तहसील के किसानों को जीएसटी जोर का झटका धीरे से देगा। अब तक ट्रॉली पर सिर्फ पांच प्रतिशत टैक्स था, जिसे अब 12 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके साथ ही हैरो, कल्टीवेटर, करहा, रोटावेटर, रीपर आदि कृषि यंत्रों पर बिल्कुल टैक्स नहीं था, जिस पर जीएसटी पांच प्रतिशत लागू कर दिया गया है। जिस कारण उनके रेट बढ़ जाएंगे। इससे व्यापारियों के साथ-साथ किसानों के ऊपर भी सुविधाओं के लिए अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
खास बात यह है कि देश में जीएसटी एक जुलाई से लागू तो हो गया है, लेकिन पुवायां में तमाम व्यापारियों को इसके बारे में पूरी जानकारी भी नहीं हो सकी है। व्यापार मंडल की ओर से कुछ दिन पूर्व एक कैंप का आयोजन किया था, जिसमें व्यापार कर विभाग के अधिकारियों ने जानकारियां दी थीं, लेकिन वह व्यापारियों के समझ में नहीं आ सकी है। इससे जीएसटी लगने के बाद माल के नए रेट को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लगाने और जमा करने के लिए उन्हें किस तरह से कार्य करना होगा, इसकी पूरी जानकारी के बाद भी इस पर काम शुरू किया जा सकता है। इसलिए अब तक बाजार में पुराने रेट के आधार पर ही माल की सप्लाई चल रही है।
पहले होती तैयारी, फिर लागू करते जीएसटी
सरकार को जीएसटी लागू करने से पहले अपनी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए थी। जिससे व्यापारियों के सामने मुसीबत नहीं होती। अभी तक तमाम लोगों के रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो सके है तो जीएसटी कैसे अदा करेंगे। अभी तक लोहे की प्रमुख मंडी कानपुर में भी जीएसटी के बाद नए रेट तय नहीं हो पाए हैं। इससे व्यापार रुक जाएगा और व्यापारी के साथ साथ किसानों को भी परेशानी होगी।
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धीरज शर्मा (कृषि यंत्रों के विक्रेता-पुवायां)
व्यापारियों के प्रति बढ़ेगी सकारात्मक सोच
जब कोई नई चीज आती है तो शुरुआत में थोड़ी परेशानी मालूम पड़ती है, लेकिन जैसे जैसे समय गुजरता जाएगा किसानों की व्यापारियों के प्रति सकारात्मक सोच बढ़ेगी। कृषि से संबंधित कीटनाशक पूरे मानक के साथ उपलब्ध होगी। पेस्टीसाइड्स पर जीएसटी लगना किसानों के हित में साबित होगा। कीटनाशक दवाओं पर जीएसटी लगने से सभी दुकानों पर मूल्यों में भी कोई अंतर नहीं रह जाएगा।
अमित मिश्रा (पेस्टीसाइड व्यापारी-पुवायां)
आने वाले समय में होगा फायदा
सरकार ने अभी-अभी जीएसटी लागू किया है, इसको लेकर लोगों को जानकारियां कम हैं और अफवाह ज्यादा फैला रहे हैं। जीएसटी लगने से जब सरकार को फायदा होगा तो समाज के हर तबके को भी सरकार से लाभ मिल सकेगा। अभी तक बर्तनों पर पांच प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब 12 प्रतिशत हो गया है। इससे बर्तनों के दाम बढ़ने तय है। नया माल आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
महेश गुप्ता (बर्तन व्यापारी-पुवायां)
दामों में आएगी स्थिरता
अभी तक कॉस्मेटिक के सामान पर अलग अलग स्थिति रहती थी, लेकिन अब जीएसटी लागू होने से एक समान रेट हो जाएंगे और दामों के घटने बढ़ने में स्थिरता आएगी। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी और ग्राहकों को भी हर बार नए रेट नहीं चुकाने पड़ेंगे। कुल मिलाकर जीएसटी से आम जनता को फायदा मिलना तय है। लोगों को इसके प्रति सकारात्मक सोच रखते हुए अपना काम करना चाहिए।
आशुतोष शुक्ला (कास्मेटिक दुकानदार-पुवायां)
नया माल खरीदने पर ही साफ होगी स्थिति
जीएसटी लागू हुए अभी दो दिन ही हुए हैं। अभी कपड़े के पुराने स्टाक की ही बिक्री चल रही है। नया माल खरीदकर लाएंगे इसके बाद ही नये रेट के बारे में जानकारी हो सकेगी। यह जानकारी नहीं हो सकी है कि कपड़ों की कीमतों में कमी आएगी या बढ़ेंगे। फिर भी आम लोगों के साथ ही व्यापारियों को भी अपने कारोबार पर ध्यान देना चाहिए। सरकार ने जो निर्णय दिया है काम तो सभी को उसके आधार पर ही करना है।
राजीव अग्रवाल (कपड़ा व्रिकेता-पुवायां)
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खास बात यह है कि देश में जीएसटी एक जुलाई से लागू तो हो गया है, लेकिन पुवायां में तमाम व्यापारियों को इसके बारे में पूरी जानकारी भी नहीं हो सकी है। व्यापार मंडल की ओर से कुछ दिन पूर्व एक कैंप का आयोजन किया था, जिसमें व्यापार कर विभाग के अधिकारियों ने जानकारियां दी थीं, लेकिन वह व्यापारियों के समझ में नहीं आ सकी है। इससे जीएसटी लगने के बाद माल के नए रेट को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लगाने और जमा करने के लिए उन्हें किस तरह से कार्य करना होगा, इसकी पूरी जानकारी के बाद भी इस पर काम शुरू किया जा सकता है। इसलिए अब तक बाजार में पुराने रेट के आधार पर ही माल की सप्लाई चल रही है।
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पहले होती तैयारी, फिर लागू करते जीएसटी
सरकार को जीएसटी लागू करने से पहले अपनी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए थी। जिससे व्यापारियों के सामने मुसीबत नहीं होती। अभी तक तमाम लोगों के रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो सके है तो जीएसटी कैसे अदा करेंगे। अभी तक लोहे की प्रमुख मंडी कानपुर में भी जीएसटी के बाद नए रेट तय नहीं हो पाए हैं। इससे व्यापार रुक जाएगा और व्यापारी के साथ साथ किसानों को भी परेशानी होगी।
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धीरज शर्मा (कृषि यंत्रों के विक्रेता-पुवायां)
व्यापारियों के प्रति बढ़ेगी सकारात्मक सोच
जब कोई नई चीज आती है तो शुरुआत में थोड़ी परेशानी मालूम पड़ती है, लेकिन जैसे जैसे समय गुजरता जाएगा किसानों की व्यापारियों के प्रति सकारात्मक सोच बढ़ेगी। कृषि से संबंधित कीटनाशक पूरे मानक के साथ उपलब्ध होगी। पेस्टीसाइड्स पर जीएसटी लगना किसानों के हित में साबित होगा। कीटनाशक दवाओं पर जीएसटी लगने से सभी दुकानों पर मूल्यों में भी कोई अंतर नहीं रह जाएगा।
अमित मिश्रा (पेस्टीसाइड व्यापारी-पुवायां)
आने वाले समय में होगा फायदा
सरकार ने अभी-अभी जीएसटी लागू किया है, इसको लेकर लोगों को जानकारियां कम हैं और अफवाह ज्यादा फैला रहे हैं। जीएसटी लगने से जब सरकार को फायदा होगा तो समाज के हर तबके को भी सरकार से लाभ मिल सकेगा। अभी तक बर्तनों पर पांच प्रतिशत टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब 12 प्रतिशत हो गया है। इससे बर्तनों के दाम बढ़ने तय है। नया माल आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
महेश गुप्ता (बर्तन व्यापारी-पुवायां)
दामों में आएगी स्थिरता
अभी तक कॉस्मेटिक के सामान पर अलग अलग स्थिति रहती थी, लेकिन अब जीएसटी लागू होने से एक समान रेट हो जाएंगे और दामों के घटने बढ़ने में स्थिरता आएगी। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी और ग्राहकों को भी हर बार नए रेट नहीं चुकाने पड़ेंगे। कुल मिलाकर जीएसटी से आम जनता को फायदा मिलना तय है। लोगों को इसके प्रति सकारात्मक सोच रखते हुए अपना काम करना चाहिए।
आशुतोष शुक्ला (कास्मेटिक दुकानदार-पुवायां)
नया माल खरीदने पर ही साफ होगी स्थिति
जीएसटी लागू हुए अभी दो दिन ही हुए हैं। अभी कपड़े के पुराने स्टाक की ही बिक्री चल रही है। नया माल खरीदकर लाएंगे इसके बाद ही नये रेट के बारे में जानकारी हो सकेगी। यह जानकारी नहीं हो सकी है कि कपड़ों की कीमतों में कमी आएगी या बढ़ेंगे। फिर भी आम लोगों के साथ ही व्यापारियों को भी अपने कारोबार पर ध्यान देना चाहिए। सरकार ने जो निर्णय दिया है काम तो सभी को उसके आधार पर ही करना है।
राजीव अग्रवाल (कपड़ा व्रिकेता-पुवायां)