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Shahjahanpur News: शादी के घर में पसरा मातम, गमगीन माहौल में निभाई गईं विवाह की रस्में

Tue, 05 May 2026 01:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 01:34 AM IST
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Grief engulfs the wedding home; marriage rituals performed amidst a somber atmosphere.
कांट (शाहजहांपुर)। खपटी गांव में रविवार को दोपहर दूल्हे के पांच वर्षीय मासूम चचेरे भाई कनिष्क की श्वास नली में गुब्बारा फटने के बाद उसका टुकड़ा फंसने से मौत के बाद परिवार में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। सोमवार को गमगीन माहौल में जैसे-तैसे शादी की रस्में पूरी की गईं।
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खपटी गांव के रहने वाले राम सिंह के घर उनके पुत्र सूरज की शादी की तैयारियां चल रही थीं। सोमवार को वधू पक्ष के घर बरात जानी थी। सजावट के लिए घर को गुब्बारों से सजाया जा रहा था। इसी दौरान राम सिंह के छोटे भाई श्यामा कुमार का बेटा कनिष्क भी गुब्बारा फुलाने की कोशिश करने लगा।
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उसी समय अचानक गुब्बारा फटने से उसका एक टुकड़ा हवा के साथ उसके मुंह के अंदर जाकर उसकी सांस की नली में फंस गया। घरवालों ने कनिष्क के मुंह से गुब्बारे का टुकड़ा निकालने की कोशिश की। बाद में परिजन उसे पास के गांव में एक डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन वहां कुछ देर बाद उसकी सांसें थम गईं।
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कनिष्क की मौत से उसके पिता और मां राजमा देवी समेत परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सोमवार को सुबह घरवालों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया और किसी तरह विवाह के रस्मो-रिवाज निभाए।
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अभिभावकों की सतर्कता ही सुरक्षा की मजबूत दीवार

शाहजहांपुर। छोटे बच्चों को रंग-बिरंगी टॉफियां, गुब्बारे या कोई भी छोटी और चमकदार वस्तु बेहद लुभाती हैं। अक्सर बच्चे इन्हें खेल-खेल में मुंह में रख लेते हैं, जो उनके लिए जानलेवा बन सकता है। ऐसे में सावधानी बरतें। अभिभावकों की सतर्कता ही इन दुर्घटनाओं से सुरक्षा की पहली और सबसे मजबूत दीवार है।
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि गुब्बारे, छोटे खिलौने और रबर की वस्तुएं बच्चों के लिए बेहद खतरनाक होती हैं। ये चीजें आसानी से सांस की नली को पूरी तरह बंद कर सकती हैं, जिससे कुछ ही सेकंड में जान का खतरा पैदा हो जाता है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अभिभावकों की सतर्कता ही बच्चों को ऐसे हादसे से बचा सकती है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ईएनटी विभाग की चिकित्सक पूनम ओमर ने बताया कि ऐसी चीजों को बच्चों से दूर रखें। यदि कोई वस्तु बच्चे के गले में फंस जाए तो बिना समय गंवाए डॉक्टर को दिखाएं।
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ये बरतें सावधानियां
- कम उम्र के बच्चों को बिना फुलाए गुब्बारे से न खेलने दें।
- फटे गुब्बारों को तुरंत फेकें और बच्चों पर नजर रखें।

- बच्चों को गुब्बारा चबाने या मुंह में रखकर फुलाने से रोकें।
- गुब्बारा गले में दिखाई दे रहा है, तो ही उंगली डालकर निकालने की कोशिश करें।

- अंदर धकेलने से बचें, इससे दम घुट सकता है।
(जैसा कि डॉ. पूनम ओमर ने बताया)
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