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घास-पत्तियों से इलाज के ज्ञान का होना चाहिए पेटेंट
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 18 Aug 2015 12:12 AM IST
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जमीनी स्तर पर होने वाले नए आविष्कारों को प्रोत्साहित करने के लिए जिला विज्ञान क्लब की ओर से सोमवार को निगोही स्थित खंड विकास कार्यालय के सभागार में नव प्रवर्तन जागरूकता बैठक हुई। इस मौके पर वक्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में घास-पत्तियों से शर्तिया इलाज करने वालों के ज्ञान को पेटेंट कराए जाने पर बल दिया।
इस अवसर पर सुभद्रा देवी मुलाराम कृषक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तरुण प्रकाश ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में घास-पत्ती वाले ऐसे तमाम बिरवा हैं, जिनका इस्तेमाल ग्रामीण विभिन्न व्याधियों से निजात पाने में करते हैं। इलाज करने वाले ऐसे ग्रामीणों के ज्ञान को पेटेंट करा लिया जाए तो खोजकर्ता को आर्थिक लाभ मिलने के साथ इलाज की घरेलू पद्धति से समाज भी लाभान्वित होगा।
जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. इरफान ह्यूमन ने कहा कि नवाचार की खोज के तहत ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है जो कि जुगाड़ के संसाधन और प्राकृतिक वनस्पतियां घरेलू दैनिक उपयोग में अपनाकर अपना और दूसरों का जीवन आसान बना रहे हैं। सहायक खंड विकास अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि नव प्रवर्तन कार्यक्रम से संबंधित जानकारी और नामांकन कराने के लिए फार्म उनके कार्यालय से नि:शुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। इस मौके पर इंजीनियर अजीम इकबाल ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आए ग्राम प्रधान और समाजसेवी शामिल रहे।
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इस अवसर पर सुभद्रा देवी मुलाराम कृषक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तरुण प्रकाश ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में घास-पत्ती वाले ऐसे तमाम बिरवा हैं, जिनका इस्तेमाल ग्रामीण विभिन्न व्याधियों से निजात पाने में करते हैं। इलाज करने वाले ऐसे ग्रामीणों के ज्ञान को पेटेंट करा लिया जाए तो खोजकर्ता को आर्थिक लाभ मिलने के साथ इलाज की घरेलू पद्धति से समाज भी लाभान्वित होगा।
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जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. इरफान ह्यूमन ने कहा कि नवाचार की खोज के तहत ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है जो कि जुगाड़ के संसाधन और प्राकृतिक वनस्पतियां घरेलू दैनिक उपयोग में अपनाकर अपना और दूसरों का जीवन आसान बना रहे हैं। सहायक खंड विकास अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि नव प्रवर्तन कार्यक्रम से संबंधित जानकारी और नामांकन कराने के लिए फार्म उनके कार्यालय से नि:शुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। इस मौके पर इंजीनियर अजीम इकबाल ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आए ग्राम प्रधान और समाजसेवी शामिल रहे।
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