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आधी-अधूरी तैयारियों के साथ आज से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद
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शाहजहांपुर। रबी विपणन वर्ष 2022 के तहत शुक्रवार से जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होनी है। इसके लिए विभिन्न विभागों को 164 क्रय केंद्र स्वीकृत किए हैं, लेकिन अभी तक ग्रामीण क्षेत्र की कौन कहे, कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसरों में स्वीकृत क्रय केंद्र स्थापित नहीं हो सके हैं। खास यह है कि दो दिन पहले मंडलीय खाद्य नियंत्रक जोगिंदर सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें 30 मार्च तक सभी क्रय केंद्र व्यवस्थित कर लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन जिले की मंडियों में सिर्फ दिखावे के लिए क्रय केंद्रों के बैनर टांग दिए हैं। कई क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे भी नहीं पहुंचे हैं।
रोजा मंडी में विभिन्न एजेंसियों के 12 क्रय केंद्रों पर खरीद होनी है। इनमें पीसीएफ के दो, पीसीयू के तीन, यूपीएसएस के चार, एफसीआई का एक और मार्केटिंग विभाग के छह क्रय केंद्र शामिल हैं, लेकिन अभी तक वहां के अधिकांश क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, छलना आदि सामान नहीं पहुंचा है। कहीं सिर्फ बैनर टंगा है तो कहीं बारदाना (बोरों) का ढेर लगा है। जरूरी तैयारियों के नाम पर वहां कोई केंद्र प्रभारी अथवा उनके सहायक नहीं दिखे। अधिकारियों का मानना है कि शुरुआती सप्ताह में गेहूं की आवक कम होगी और इसीलिए केंद्र प्रभारी अधूरी तैयारियों को लेकर बेफिक्र बने हुए हैं।
तिलहर। सरकारी गेहूं खरीद की अभी तक यहां कोई तैयारी नहीं हुई है। मंडी समिति परिसर में विभिन्न एजेंसियों के 14 खरीद केंद्र और मंडी से बाहर चार केंद्र स्थापित होने हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को किसी भी केंद्र प्रभारी ने केंद्र खोले जाने को लेकर तैयारी नहीं की। मंडी समिति परिसर में आरएफसी के तीन केंद्र, पीसीएफ के छह, यूपीएसएस के चार और एफसीआई का एक केंद्र खोला जाना है। पीसीएफ के दो केंद्र बरखेड़ा जैपाल और ढकिया शोभा में तथा यूपीएसएस के दो केंद्र जोधपुर नवदिया और ककरौआ में स्थापित किए हैं।
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बृहस्पतिवार को मंडी परिसर में कोई भी केंद्र प्रभारी सामान आदि व्यवस्थाओं को लेकर नहीं आया। मंडी में कहीं कोई बैनर तथा मशीन आदि लगी नहीं पाई गई। मंडी समिति कार्यालय की बाउंड्री के अंदर केंद्र प्रभारियों को दी जाने वाली चलना रखे हुए नजर आए, लेकिन उनकी भी कोई सफाई व्यवस्था नहीं हुई। मंडी कर्मचारियों ने बताया कि शुक्रवार को केंद्र प्रभारी अपना सामान लेने आएंगे।
पुवायां। खरीद के लिए प्रशासन की ओर से पुवायां तहसील क्षेत्र में कुल 56 क्रय केंद्रों को अनुमति दी है। इसमें से पुवायां मंडी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 29, बंडा मंडी और ग्रामीण क्षेत्र में कुल 16, खुटार में चार, सिंधौली में सात क्रय केंद्र लगाए जाएंगे। मंडी सचिव सुमन भारती ने बताया कि तैयारियां पूरी हो गई है। अभी तक गेहूं की आवक शुरू नहीं हो सकी है। खुटार ब्लाक क्षेत्र में मात्र चार क्रय केंद्र स्वीकृत होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जनपद को इस वर्ष 3.11 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य प्राप्त हो गया है।
केंद्र प्रभारियों ने बृहस्पतिवार शाम तक अधिकांश क्रय केंद्र व्यवस्थित कर लिए हैं। उन्हें बारदाना, कांटा, चलना आदि सामान पहले ही मुहैया कराया जा चुका है। रोजा मंडी का शाम को निरीक्षण किया है। वहां क्रय केंद्रों के लिए बिजली कनेक्शन लिए जा चुके हैं। इस वर्ष मंडी के क्रय केंद्र स्थापित नहीं होंगे। मंडी समितियों में स्टाफ की कमी के कारण वहां के अधिकारियों ने एफपीओ (किसान समूहों) के माध्यम से गेहूं की सरकारी खरीद करने का निर्णय किया है। -कमलेश पांडेय, प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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रोजा मंडी में विभिन्न एजेंसियों के 12 क्रय केंद्रों पर खरीद होनी है। इनमें पीसीएफ के दो, पीसीयू के तीन, यूपीएसएस के चार, एफसीआई का एक और मार्केटिंग विभाग के छह क्रय केंद्र शामिल हैं, लेकिन अभी तक वहां के अधिकांश क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, छलना आदि सामान नहीं पहुंचा है। कहीं सिर्फ बैनर टंगा है तो कहीं बारदाना (बोरों) का ढेर लगा है। जरूरी तैयारियों के नाम पर वहां कोई केंद्र प्रभारी अथवा उनके सहायक नहीं दिखे। अधिकारियों का मानना है कि शुरुआती सप्ताह में गेहूं की आवक कम होगी और इसीलिए केंद्र प्रभारी अधूरी तैयारियों को लेकर बेफिक्र बने हुए हैं।
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तिलहर। सरकारी गेहूं खरीद की अभी तक यहां कोई तैयारी नहीं हुई है। मंडी समिति परिसर में विभिन्न एजेंसियों के 14 खरीद केंद्र और मंडी से बाहर चार केंद्र स्थापित होने हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को किसी भी केंद्र प्रभारी ने केंद्र खोले जाने को लेकर तैयारी नहीं की। मंडी समिति परिसर में आरएफसी के तीन केंद्र, पीसीएफ के छह, यूपीएसएस के चार और एफसीआई का एक केंद्र खोला जाना है। पीसीएफ के दो केंद्र बरखेड़ा जैपाल और ढकिया शोभा में तथा यूपीएसएस के दो केंद्र जोधपुर नवदिया और ककरौआ में स्थापित किए हैं।
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बृहस्पतिवार को मंडी परिसर में कोई भी केंद्र प्रभारी सामान आदि व्यवस्थाओं को लेकर नहीं आया। मंडी में कहीं कोई बैनर तथा मशीन आदि लगी नहीं पाई गई। मंडी समिति कार्यालय की बाउंड्री के अंदर केंद्र प्रभारियों को दी जाने वाली चलना रखे हुए नजर आए, लेकिन उनकी भी कोई सफाई व्यवस्था नहीं हुई। मंडी कर्मचारियों ने बताया कि शुक्रवार को केंद्र प्रभारी अपना सामान लेने आएंगे।
पुवायां। खरीद के लिए प्रशासन की ओर से पुवायां तहसील क्षेत्र में कुल 56 क्रय केंद्रों को अनुमति दी है। इसमें से पुवायां मंडी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 29, बंडा मंडी और ग्रामीण क्षेत्र में कुल 16, खुटार में चार, सिंधौली में सात क्रय केंद्र लगाए जाएंगे। मंडी सचिव सुमन भारती ने बताया कि तैयारियां पूरी हो गई है। अभी तक गेहूं की आवक शुरू नहीं हो सकी है। खुटार ब्लाक क्षेत्र में मात्र चार क्रय केंद्र स्वीकृत होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जनपद को इस वर्ष 3.11 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य प्राप्त हो गया है।
केंद्र प्रभारियों ने बृहस्पतिवार शाम तक अधिकांश क्रय केंद्र व्यवस्थित कर लिए हैं। उन्हें बारदाना, कांटा, चलना आदि सामान पहले ही मुहैया कराया जा चुका है। रोजा मंडी का शाम को निरीक्षण किया है। वहां क्रय केंद्रों के लिए बिजली कनेक्शन लिए जा चुके हैं। इस वर्ष मंडी के क्रय केंद्र स्थापित नहीं होंगे। मंडी समितियों में स्टाफ की कमी के कारण वहां के अधिकारियों ने एफपीओ (किसान समूहों) के माध्यम से गेहूं की सरकारी खरीद करने का निर्णय किया है। -कमलेश पांडेय, प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी

मंडी समिति कार्यालय की बाउंड्री के अंदर गेहूं छानने की रखी हुई मशीनें। संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR