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साठगांठ कर सरकारी भूमि करा ली अपने नाम
पुवायां।
Updated Wed, 01 Apr 2015 11:53 PM IST
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राजस्वकर्मियों की साठगांठ के चलते गांव कुरैया खानपुर के मुखबिंदर सिंह ने सरकारी भूमि अपने नाम करा ली। शिकायत पर जांच हुई तो मामलस खुल गया। अब राजस्व कर्मी सरकारी भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल कटवाने की तैयारी कर रहे हैं।
गांव कुरैया खानपुर में खाता संख्या 102 की गाटा संख्या 207 रकबा पांच एकड़ भूमि को लेखपाल ने लगभग 30 वर्ष पूर्व फर्जी इंद्राज कर मुखबिंदर सिंह के नाम कर दिया। मुखबिंदर ने यह जमीन जोगेंद्र सिंह को बेंच दी। बाद में जोगेंद्र ने इसे अन्य लोगों को बेंच दी। इस मामले में शिकायत मिलने पर एसडीएम ने सरकारी वकील अरविंद मिश्र से आख्या मांगी थी।
मिश्र ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि लेखपाल ने कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी रूप से खाता कायम कर दिया। उक्त भूमि की बिक्री शून्य मानी जानी चाहिए। जमीन पर काबिज लोगों ने कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया। तहसीलदार और कानूनगो ने उक्त भूमि को नवीन परती में दर्ज करने की संस्तुति की। तब 15 फरवरी को एसडीएम ने आदेश कर जमीन पर काबिज लोगों के नाम निरस्त कर भूमि नवीन परती में दर्ज करने के निर्देश दिए। उस समय भूमि पर गेहूं की फसल खड़ी थी।
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एसडीएम ने 20 फरवरी, 2015 को तहसीलदार को जमीन पर खड़ी फसल की नीलामी की कार्रवाई कराने को कहा। मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, गेहूं की फसल काटे जाने की तैयारी की जा रही है। गांव के हरदीप सिंह सहित तमाम लोगों ने फसल की नीलामी कराने की मांग की है।
फसल काटी तो होगी कार्रवाई
मामले की फाइल नायब तहसीलदार संजय कुमार के पास है। वह इलाहाबाद गए हैं। उनके वापस आने पर मामले की जानकारी कराई जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। नवीन परती की भूमि पर फसल काटी गई तो कार्रवाई होगी।
- विजय कुमार यादव तहसीलदार पुवायां
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गांव कुरैया खानपुर में खाता संख्या 102 की गाटा संख्या 207 रकबा पांच एकड़ भूमि को लेखपाल ने लगभग 30 वर्ष पूर्व फर्जी इंद्राज कर मुखबिंदर सिंह के नाम कर दिया। मुखबिंदर ने यह जमीन जोगेंद्र सिंह को बेंच दी। बाद में जोगेंद्र ने इसे अन्य लोगों को बेंच दी। इस मामले में शिकायत मिलने पर एसडीएम ने सरकारी वकील अरविंद मिश्र से आख्या मांगी थी।
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मिश्र ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि लेखपाल ने कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी रूप से खाता कायम कर दिया। उक्त भूमि की बिक्री शून्य मानी जानी चाहिए। जमीन पर काबिज लोगों ने कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया। तहसीलदार और कानूनगो ने उक्त भूमि को नवीन परती में दर्ज करने की संस्तुति की। तब 15 फरवरी को एसडीएम ने आदेश कर जमीन पर काबिज लोगों के नाम निरस्त कर भूमि नवीन परती में दर्ज करने के निर्देश दिए। उस समय भूमि पर गेहूं की फसल खड़ी थी।
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एसडीएम ने 20 फरवरी, 2015 को तहसीलदार को जमीन पर खड़ी फसल की नीलामी की कार्रवाई कराने को कहा। मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, गेहूं की फसल काटे जाने की तैयारी की जा रही है। गांव के हरदीप सिंह सहित तमाम लोगों ने फसल की नीलामी कराने की मांग की है।
फसल काटी तो होगी कार्रवाई
मामले की फाइल नायब तहसीलदार संजय कुमार के पास है। वह इलाहाबाद गए हैं। उनके वापस आने पर मामले की जानकारी कराई जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। नवीन परती की भूमि पर फसल काटी गई तो कार्रवाई होगी।
- विजय कुमार यादव तहसीलदार पुवायां