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हाईवे पर घूम रहे गोवंशीय पशु बने खतरा
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पुवायां में हाईवे पर बैठे पशु
- फोटो : POWAYAN
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पुवायां (शाहजहांपुर)। गली-मोहल्लों और खेतों के अलावा हाईवे पर खुलेआम विचरण कर रहे आवारा पशु अब जानलेवा होने लगे हैं। पशुओं के हमले में अब तक कई लोगों की जान भी जा चुकी है। हादसे का भी हर समय डर बना रहता है। इसके बाद भी संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गांव, कस्बे, खेत, खलिहान सें लेकर हाईवे तक आवारा पशु बहुतायत में घूमते मिल जाएंगे। पुवायां तहसील क्षेत्र में केवल पुवायां नगर में कान्हा पशु आश्रय बनवाया गया है, इसके अलावा खुटार में राजकीय गोसदन है और गांवों में भी अस्थाई गोशाला बनाई गई है, लेकिन इसके बाद भी आवारा पशुओं की भरमार है। गांवों में बनी गोशालाएं ठप हो चुकी हैं।
सांड़ों को गोशाला में नहीं रखते लोग
स्थाई और अस्थाई गोशालाओं में ग्वाले किसी भी सांड़ को नहीं रखकर केवल गायों को ही रखते हैं। राजकीय गोसदन से लेकर पुवायां की कान्हा पशु आश्रय तक का सही हाल है। ग्वाले बताते हैं कि अधिकारियों के निर्देश हैं कि सांड़ गोशाला में न रखे जाएं। ऐसे में सांड़ों के साथ ही तमाम गाएं भी खुलेआम घूम रही हैं।
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किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हाइवे पर हादसों का सबब बन रहे हैं। रात में दोनों तरफ से वाहन आ जाने पर तेज रोशनी के कारण पशु नहीं दिख पाते और वाहन इनसे टकरा जाते हैं। पुवायां क्षेत्र में रोजाना ही एक न एक पशु की हादसे में मोत हो रही है और लोग भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, कई बार उनकी मौत तक हो जाती है।
खुटार-पुवायां हाईवे पर गांव लक्ष्मीपुर के पास तमाम पशु हाईवे पर ही बैठे रहते हैं। रात में काले रंग वाले पशु तब दिखते हैं, जब वाहन बिल्कुल पास पहुंच चुका होता है। ऐसे में कई बार वाहन पशुओं से टकरा जाता है और लोग घायल हो जाते हैं।
बंडा के मुख्य चौराहे पर तमाम पशु डेरा जगाए रहते हैं। इस कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों की तमाम शिकायतों के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। भाकियू सहित कई संगठन पशुओं को गोसदन भिजवाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है।
पुवायां कसबे में हाईवे पर तमाम पशु बैठे रहते हैं। शाम को पशुओं की संख्या बढ़ जाती है। कस्बे के तमाम पशुपालक अपने पशुओं को छुट्टा छोड़ देते हैं। इससे वाहन चालक हादसों का शिकार हो जाते हैं। नगर पालिका के अधिकारी अभियान चलाने की बात कह कर चुप्पी साधकर बैठ जाते हैं।
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गांव, कस्बे, खेत, खलिहान सें लेकर हाईवे तक आवारा पशु बहुतायत में घूमते मिल जाएंगे। पुवायां तहसील क्षेत्र में केवल पुवायां नगर में कान्हा पशु आश्रय बनवाया गया है, इसके अलावा खुटार में राजकीय गोसदन है और गांवों में भी अस्थाई गोशाला बनाई गई है, लेकिन इसके बाद भी आवारा पशुओं की भरमार है। गांवों में बनी गोशालाएं ठप हो चुकी हैं।
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सांड़ों को गोशाला में नहीं रखते लोग
स्थाई और अस्थाई गोशालाओं में ग्वाले किसी भी सांड़ को नहीं रखकर केवल गायों को ही रखते हैं। राजकीय गोसदन से लेकर पुवायां की कान्हा पशु आश्रय तक का सही हाल है। ग्वाले बताते हैं कि अधिकारियों के निर्देश हैं कि सांड़ गोशाला में न रखे जाएं। ऐसे में सांड़ों के साथ ही तमाम गाएं भी खुलेआम घूम रही हैं।
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किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हाइवे पर हादसों का सबब बन रहे हैं। रात में दोनों तरफ से वाहन आ जाने पर तेज रोशनी के कारण पशु नहीं दिख पाते और वाहन इनसे टकरा जाते हैं। पुवायां क्षेत्र में रोजाना ही एक न एक पशु की हादसे में मोत हो रही है और लोग भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, कई बार उनकी मौत तक हो जाती है।
खुटार-पुवायां हाईवे पर गांव लक्ष्मीपुर के पास तमाम पशु हाईवे पर ही बैठे रहते हैं। रात में काले रंग वाले पशु तब दिखते हैं, जब वाहन बिल्कुल पास पहुंच चुका होता है। ऐसे में कई बार वाहन पशुओं से टकरा जाता है और लोग घायल हो जाते हैं।
बंडा के मुख्य चौराहे पर तमाम पशु डेरा जगाए रहते हैं। इस कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों की तमाम शिकायतों के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। भाकियू सहित कई संगठन पशुओं को गोसदन भिजवाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है।
पुवायां कसबे में हाईवे पर तमाम पशु बैठे रहते हैं। शाम को पशुओं की संख्या बढ़ जाती है। कस्बे के तमाम पशुपालक अपने पशुओं को छुट्टा छोड़ देते हैं। इससे वाहन चालक हादसों का शिकार हो जाते हैं। नगर पालिका के अधिकारी अभियान चलाने की बात कह कर चुप्पी साधकर बैठ जाते हैं।