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गोसदन की जमीन के ठेके में बड़ा घपला
पुवायां/शाहजहांपुर
Updated Fri, 20 Mar 2015 12:23 AM IST
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खुटार के गांव सिमरा वीरान स्थित राजकीय गोसदन की जमीन को ठेके पर देने में काफी हेरफरे किया गया है। जमीन लेने वाले दो किसानों ने निर्धारित से अधिक जमीन पर कब्जा कर फसल बोने की बात गोसदन के प्रभारी को शपथ-पत्र देकर स्वीकार किया है।
राजकीय गोसदन के पास लगभग 383 एकड़ जमीन है। इसमें से कुछ पर वन विभाग ने पौधारोपण करा रखा है। शेष जमीन को किसानों को ठेके पर दिया जाता है। हर वर्ष होने वाली नीलामी में गोसदन से जुड़े कुछ अधिकारी लंबा खेल कर लाखों की रकम बटोरते हैं। वर्ष 2013-14 में 156 एकड़ और वर्ष 2014-15 में 140 एकड़ जमीन की नीलामी की गई है। कई किसान ज्यादा जमीन पर गेहूं की फसल बो रखी है।
शिकायत के बाद जमीन की पैमाइश के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक पैमाइश नहीं कराई गई है। गांव टाह खुर्द कलां के बदस्ल हसन और महोलिया वीरान के जोगेंद्र सिंह ने शपथ पत्र देकर बताया कि उन लोगों ने पांच-पांच एकड़ जमीन ज्यादा जोत रखी हैं। यह पूर्व में गोसदन से जुड़े एक अधिकारी की शह पर किया है।
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इसकी एवज में नीलामी दर के कुछ कम की राशि उक्त अधिकारी को भुगतान की है। शपथ पत्र में कहा है कि वह लोग ऐसा कई वर्षों से करते आ रहे हैं।
शपथ पत्र क्यों दे रहे किसान
पुवायां। गोसदन का चार्ज हाल ही में खुटार पशु अस्पताल के प्रभारी डॉ. धीरज गंगवार को मिला है। गंगवार जमीन की पैमाइश कराने के लिए लगे हुए हैं। ज्यादा जमीन पर खड़ी फसल कुर्क हो जाने के डर से किसान उन्हें शपथ पत्र देकर खुद को पाक साफ बताते हुए फसल बचाने के प्रयास में लगे हैं।
ग्वालों को नहीं दिया गया वेतन
खुटार। राजकीय गोसदन के ग्वालों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। बुधवार को सूरजपाल, मंगूलाल, हनीफ, चांदबाबू, राजिद, भगवानदास, रामनरेश आदि ग्वालों ने गोसदन पर प्रदर्शन कर कहा कि यदि शीघ्र उनका वेतन नहीं दिया गया तो वे लोग काम छोड़ देने पर बाध्य होंगे।
एसडीएम को लिखा है पत्र
गोसदन का चार्ज मिलने के बाद वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। नीलाम की गई जमीन की पैमाइश के लिए एसडीएम को पत्र लिखा गया है। ग्वालों का वेतन भुगतान कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. धीरज गंगवार, प्रभारी राजकीय गोसदन सिमरा वीरान, खुटार
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राजकीय गोसदन के पास लगभग 383 एकड़ जमीन है। इसमें से कुछ पर वन विभाग ने पौधारोपण करा रखा है। शेष जमीन को किसानों को ठेके पर दिया जाता है। हर वर्ष होने वाली नीलामी में गोसदन से जुड़े कुछ अधिकारी लंबा खेल कर लाखों की रकम बटोरते हैं। वर्ष 2013-14 में 156 एकड़ और वर्ष 2014-15 में 140 एकड़ जमीन की नीलामी की गई है। कई किसान ज्यादा जमीन पर गेहूं की फसल बो रखी है।
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शिकायत के बाद जमीन की पैमाइश के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक पैमाइश नहीं कराई गई है। गांव टाह खुर्द कलां के बदस्ल हसन और महोलिया वीरान के जोगेंद्र सिंह ने शपथ पत्र देकर बताया कि उन लोगों ने पांच-पांच एकड़ जमीन ज्यादा जोत रखी हैं। यह पूर्व में गोसदन से जुड़े एक अधिकारी की शह पर किया है।
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इसकी एवज में नीलामी दर के कुछ कम की राशि उक्त अधिकारी को भुगतान की है। शपथ पत्र में कहा है कि वह लोग ऐसा कई वर्षों से करते आ रहे हैं।
शपथ पत्र क्यों दे रहे किसान
पुवायां। गोसदन का चार्ज हाल ही में खुटार पशु अस्पताल के प्रभारी डॉ. धीरज गंगवार को मिला है। गंगवार जमीन की पैमाइश कराने के लिए लगे हुए हैं। ज्यादा जमीन पर खड़ी फसल कुर्क हो जाने के डर से किसान उन्हें शपथ पत्र देकर खुद को पाक साफ बताते हुए फसल बचाने के प्रयास में लगे हैं।
ग्वालों को नहीं दिया गया वेतन
खुटार। राजकीय गोसदन के ग्वालों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। बुधवार को सूरजपाल, मंगूलाल, हनीफ, चांदबाबू, राजिद, भगवानदास, रामनरेश आदि ग्वालों ने गोसदन पर प्रदर्शन कर कहा कि यदि शीघ्र उनका वेतन नहीं दिया गया तो वे लोग काम छोड़ देने पर बाध्य होंगे।
एसडीएम को लिखा है पत्र
गोसदन का चार्ज मिलने के बाद वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। नीलाम की गई जमीन की पैमाइश के लिए एसडीएम को पत्र लिखा गया है। ग्वालों का वेतन भुगतान कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. धीरज गंगवार, प्रभारी राजकीय गोसदन सिमरा वीरान, खुटार