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अधर्मी हैं स्वयं को भगवान बताने वाले संत: प्रशांत
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 21 Aug 2015 08:55 PM IST
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खिरनीबाग रामलीला मैदान में चल रही शिव महापुराण कथा के आठवें दिवस कथा व्यास प्रशांत प्रभु ने कहा कि कलयुग में ब्रह्मशक्ति से हीन लोग अपने आपको परमात्मा का अवतार बतलाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने असली संत वही हैं, जो परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। जो स्वयं को भगवान बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, सही मायने में वह अधर्मी हैं और सनातन धर्म को नष्ट कर रहे हैं।
कथा व्यास प्रशांत प्रभु ने राजा हरिश्चंद्र प्रसंग की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपने आप को डोम के हाथों बेच दिया। संत प्रवर ने कहा कि नारी घर, परिवार और समाज में लक्ष्मी का प्रतीक है। जहां नारी का अपमान होता है, वहां समृद्धि अर्थात लक्ष्मी नहीं रुकती। इसलिए समृद्धि के लिए हमें नारियों का सम्मान करना चाहिए। एक अन्य प्रसंग पर उन्होंने कहा कि भटकाव का सबसे बड़ा कारण एक-दूसरे पर अविश्वास है। आपस में विश्वास की कमी ने जीवन को सशंकित कर दिया है।
इस अवसर पर उन्होंने श्रोताओं का आह्वान किया कि वह गाय की रक्षा करें, गंगा को प्रदूषणमुक्त करने में सहयोग करें, बुजुर्गों और नारियों का सम्मान करें। इसी में जीवन का आनंद है। गंगा को प्रदूषित कर हम बीमारियों को आमंत्रण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के दर्शन करने हैं तो महलों की ओर नहीं, अपितु गरीब की झोपड़ी की ओर देखना चाहिए। भगवान के दर्शन नर सेवा नारायण सेवा में ही निहित हैं। एक-दूसरे की मदद कर हम समाज को सुखी रख सकते हैं। प्रसाद वितरण के बाद कथा का विश्राम दिया गया। आयोजन में मुख्य संयोजक हरिशरण वाजपेयी, नीरज वाजपेयी, नरेंद्र सक्सेना, सीमा, पिंकी, शैफाली, रजत सक्सेना, अशोक गुप्ता, विश्व मोहन, सत्यपाल मिश्रा आदि का योगदान रहा।
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संत कृपाल सिंह की पुण्यतिथि पर किया रक्तदान
शाहजहांपुर। सावन कृपाल रूहानी मिशन की ओर से संत कृपाल सिंह की 41वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रक्तदान शिविर लगाया गया, जिसमें 17 महिलाओं-पुरुषों ने रक्तदान कर पुण्य कमाया।
जिला अस्पताल में लगे शिविर का शुभारंभ भजन सुमिरन से किया गया। इसके पश्चात रूहानी मिशन आश्रम के सचिव डॉ. कैलाश चंद्र रस्तोगी के नेतृत्व में अंजुला सिंह, अशोक अग्रवाल, नीरू रस्तोगी, श्वेता रस्तोगी, आदर्श तिवारी, किरन वर्मा, श्यामवती, राहुल मलिक, नरेश मेहता, विनोद मेहता, पूनम धवन, पवन धवन, सोनिया, राजेंद्र मेहता, अनिल अग्रवाल, सोनू गुप्ता, अंकुर अरोरा आदि ने रक्तदान किया। इससे पूर्व संत कृपाल सिंह महाराज के जीवन पर आधारित वीडियो फिल्म भी दिखाई गई। आयोजन में संयोजक विजय प्रजापति, राम प्रकाश सेठी, अनिल, राजाराम अग्निहोत्री, राम सरन वर्मा, राम चरन लाल, सावित्री, मुन्नी, हरनंदी, डायमंड, आदर्श तिवारी, गुरुमीत सिंह बग्गा आदि का योगदान रहा।
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कथा व्यास प्रशांत प्रभु ने राजा हरिश्चंद्र प्रसंग की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपने आप को डोम के हाथों बेच दिया। संत प्रवर ने कहा कि नारी घर, परिवार और समाज में लक्ष्मी का प्रतीक है। जहां नारी का अपमान होता है, वहां समृद्धि अर्थात लक्ष्मी नहीं रुकती। इसलिए समृद्धि के लिए हमें नारियों का सम्मान करना चाहिए। एक अन्य प्रसंग पर उन्होंने कहा कि भटकाव का सबसे बड़ा कारण एक-दूसरे पर अविश्वास है। आपस में विश्वास की कमी ने जीवन को सशंकित कर दिया है।
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इस अवसर पर उन्होंने श्रोताओं का आह्वान किया कि वह गाय की रक्षा करें, गंगा को प्रदूषणमुक्त करने में सहयोग करें, बुजुर्गों और नारियों का सम्मान करें। इसी में जीवन का आनंद है। गंगा को प्रदूषित कर हम बीमारियों को आमंत्रण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के दर्शन करने हैं तो महलों की ओर नहीं, अपितु गरीब की झोपड़ी की ओर देखना चाहिए। भगवान के दर्शन नर सेवा नारायण सेवा में ही निहित हैं। एक-दूसरे की मदद कर हम समाज को सुखी रख सकते हैं। प्रसाद वितरण के बाद कथा का विश्राम दिया गया। आयोजन में मुख्य संयोजक हरिशरण वाजपेयी, नीरज वाजपेयी, नरेंद्र सक्सेना, सीमा, पिंकी, शैफाली, रजत सक्सेना, अशोक गुप्ता, विश्व मोहन, सत्यपाल मिश्रा आदि का योगदान रहा।
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संत कृपाल सिंह की पुण्यतिथि पर किया रक्तदान
शाहजहांपुर। सावन कृपाल रूहानी मिशन की ओर से संत कृपाल सिंह की 41वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रक्तदान शिविर लगाया गया, जिसमें 17 महिलाओं-पुरुषों ने रक्तदान कर पुण्य कमाया।
जिला अस्पताल में लगे शिविर का शुभारंभ भजन सुमिरन से किया गया। इसके पश्चात रूहानी मिशन आश्रम के सचिव डॉ. कैलाश चंद्र रस्तोगी के नेतृत्व में अंजुला सिंह, अशोक अग्रवाल, नीरू रस्तोगी, श्वेता रस्तोगी, आदर्श तिवारी, किरन वर्मा, श्यामवती, राहुल मलिक, नरेश मेहता, विनोद मेहता, पूनम धवन, पवन धवन, सोनिया, राजेंद्र मेहता, अनिल अग्रवाल, सोनू गुप्ता, अंकुर अरोरा आदि ने रक्तदान किया। इससे पूर्व संत कृपाल सिंह महाराज के जीवन पर आधारित वीडियो फिल्म भी दिखाई गई। आयोजन में संयोजक विजय प्रजापति, राम प्रकाश सेठी, अनिल, राजाराम अग्निहोत्री, राम सरन वर्मा, राम चरन लाल, सावित्री, मुन्नी, हरनंदी, डायमंड, आदर्श तिवारी, गुरुमीत सिंह बग्गा आदि का योगदान रहा।