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छात्राओं ने जाना पुलिस के काम करने का तरीका, पूछे सवाल

Wed, 22 Jun 2022 01:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 01:36 AM IST
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Girl students know the work of police, asked questions
शाहजहांपुर के चौक स्थित पुलिस कोतवाली की हवालत को देखती मदरसा नूरुल हुदा की छात्राओं को जानकारी - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। बिजलीपुरा की छात्राओं ने मंगलवार को चौक कोतवाली का भ्रमण किया। इस दौरान वह नए अनुभव से रूबरू हुई। हमेशा खाकी को लेकर मन में डर रखने वाली छात्राओं ने पुलिस के काम-काज करने का तरीका समझा। उन्हें महिला हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई। बताया कि महिलाओं से सिर्फ महिला पुलिस ही पूछताछ करती है।
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मंगलवार को अमर उजाला फांडेशन के कार्यक्रम के तहत करीब 30 छात्राएं दोपहर 12 बजे चौक कोतवाली पहुंचीं। थाने में कदम रखते हुए छात्राएं तमाम अवधारणाआें से आशंकित थीं लेकिन परिसर में पहुंचने पर इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने उनका स्वागत किया तो उनके मन की आशंकाएं काफूर हो गईं। पहले शिक्षा से संबंधित बातें कीं, फिर महिला हेल्प डेस्क पर लेकर गए। छात्राओं ने पूछा कि महिलाओं को दिक्कत आने पर कैसे शिकायत दर्ज करा सकते हैं?
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इंस्पेक्टर ने उन्हें बताया कि 1090 पर शिकायत दर्ज कराने पर महिलाओं की समस्या का हल किया जाता है। पीड़िता का नाम गोपनीय रखा जाता है। छात्राओं के मन में हवालात देखने की जिज्ञासा हुई तो उन्हें हवालात दिखाई गईं। छात्राओं को बताया कि अपराधी को यहीं पर रखा जाता है। थाना कार्यालय में छात्राओं को एफआईआर के बारे में बताया गया। मेस भी देखा। इस दौरान प्रधानाचार्य इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियां, सैयद शारिक, सुबूही खान, सबिया सुल्ताना आदि मौजूद रहीं।
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बेटियों ने ये किए सवाल
सवाल: कोई कॉल कर परेशान करें तो कहां शिकायत दर्ज कराएं?
जवाब: 1090 पर कॉल करने पर तुरंत ही समस्या का समाधान होगा।
सवाल: एफआईआर कैसे दर्ज कराई जाती है?
जवाब : प्रार्थना पत्र देने के बाद एफआईआर पुलिस दर्ज कर ली जाती है।
सवाल : महिलाएं अपनी शिकायत कहां दर्ज करा सकती हैं।
जवाब : हर थाने में महिलाओं के लिए हेल्पडेस्क बनाई गई।
सवाल : तुरंत समाधान के लिए कहां कॉल करें?
जवाब : डायल 112 जनता की सेवा के लिए तत्पर है। फोन करने के बाद पुलिस तुरंत पहुंचती है।
निकल गया खौफ
-पहले हमें पुलिस के नाम से डर लगता था, लेकिन थाने में आने के बाद यह खौफ निकल गया। -रिदा
हम भी बनेंगे पुलिस
-हम भी बड़े होकर पुलिस के अफसर बनेंगे। अच्छे लोगों के लिए पुलिस अच्छी है। -जारा
पुलिस ने अच्छे से बात की
-पुलिस ने बहुत ही अच्छे से बात की है। हमने शिक्षा के बारे में जानकारी ली। -रुशी
नया सीखने को मिला
-पहली बार थाने आकर कुछ नया देखने को मिला है। यहां पर कुछ नया सीखने को भी मिला है। -इकरा
पहरेदार का पता चला
-पता चला कि थाने के गेट पर खड़े पुलिस वाले को पहरेदार कहते हैं। ये आने वाले व्यक्ति से जानकारी लेते हैं। -गुलबहार
हेल्पडेस्क के बारे में बताया
-हमें महिला हेल्प डेस्क के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बारे में पता चला। -हामिया
उपयोगी जानकारी मिली
-हेल्प लाइन नंबरों के बारे में पता चला। उसे लिख लिया है, जिससे जरूरतमंद की मदद कर सकेंगे। -सुम्बुल
अच्छों के लिए अच्छी पुलिस
-यहां आकर पुलिस के प्रति डर निकल गया। पुलिस भी हमारी तरह ही इंसान होती है। -शादमा
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