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दीवार गिरने से दबकर बच्ची की मौत, दो घायल
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में घायल बच्चे के पास शिवराज और पत्नी शिवकौर।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। कांट थाना क्षेत्र के गांव सिमरिया सहसपुर में बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे दीवार गिरने से एक बालिका की मौत हो गई, जबकि उसके भाई-बहन बुरी तरह से घायल हो गए। हादसे के वक्त बच्चे चूल्हे के पास आग ताप रहे थे। तभी दीवार भरभराकर गिर गई।
कांट के गांव सिमरिया सहसपुर का रहने वाला शिवराज तांगा चलाकर परिवार का पालन पोषण करता है। उसके सात बच्चे रुकमिल (10), नीरज (आठ), रूपा (दस माह), रजनी (15), कमला (12), अभिषेक (तीन) और कुंती (17) थे। बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे घर में बड़ी बेटी कुंती खाना बना रही थी। तभी अचानक रसोईघर के पास की दीवार भरभराकर बच्चों के ऊपर गिर गई।
कुंती, अभिषेक और कमला दीवार के मलबे में दब गए। दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी आ गए। सूचना पाकर शिवराज और पत्नी शिवकौर मौके पर आ गए। सभी ने मिलकर बच्चों को मलबे के बाहर निकाला। परिजन किसी तरह बच्चों को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज आए। यहां पर डॉक्टर ने कमला को मृत घोषित कर दिया। बुरी तरह से घायल अभिषेक और कुंती का इलाज किया जा रहा था।
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शिवराज ने बताया कि उसने गांव में खेत बटाई पर लिया हुआ है। हादसे के समय वह और पत्नी शिवकोरा खेत पर गए हुए थे। कुंती चूल्हे पर खाना बना रही थी। सर्दी लगने पर सुभाष और कमला चूल्हे के पास ताप रहे थे। कच्ची दीवार गिरने से तीनों दब गए थे। खाना बनाने से पहले करीब दस माह की बच्ची रूपा को उसकी बड़ी बहन कमरे के अंदर सुलाकर आई थी।
बाकी अन्य बच्चे घर के अंदर ही खेल रहे थे। शिवराज सिंह तांगा चलाते हैं। उनके पास करीब डेढ़ बीघा खेती है। शिवराज ने बताया कि तीन साल पहले उन्होंने पक्का आवास के लिए फार्म भरा था। लेकिन अभी तक उनको पक्का आवास नहीं मिल सका है। बेटी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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कांट के गांव सिमरिया सहसपुर का रहने वाला शिवराज तांगा चलाकर परिवार का पालन पोषण करता है। उसके सात बच्चे रुकमिल (10), नीरज (आठ), रूपा (दस माह), रजनी (15), कमला (12), अभिषेक (तीन) और कुंती (17) थे। बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे घर में बड़ी बेटी कुंती खाना बना रही थी। तभी अचानक रसोईघर के पास की दीवार भरभराकर बच्चों के ऊपर गिर गई।
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कुंती, अभिषेक और कमला दीवार के मलबे में दब गए। दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी आ गए। सूचना पाकर शिवराज और पत्नी शिवकौर मौके पर आ गए। सभी ने मिलकर बच्चों को मलबे के बाहर निकाला। परिजन किसी तरह बच्चों को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेज आए। यहां पर डॉक्टर ने कमला को मृत घोषित कर दिया। बुरी तरह से घायल अभिषेक और कुंती का इलाज किया जा रहा था।
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शिवराज ने बताया कि उसने गांव में खेत बटाई पर लिया हुआ है। हादसे के समय वह और पत्नी शिवकोरा खेत पर गए हुए थे। कुंती चूल्हे पर खाना बना रही थी। सर्दी लगने पर सुभाष और कमला चूल्हे के पास ताप रहे थे। कच्ची दीवार गिरने से तीनों दब गए थे। खाना बनाने से पहले करीब दस माह की बच्ची रूपा को उसकी बड़ी बहन कमरे के अंदर सुलाकर आई थी।
बाकी अन्य बच्चे घर के अंदर ही खेल रहे थे। शिवराज सिंह तांगा चलाते हैं। उनके पास करीब डेढ़ बीघा खेती है। शिवराज ने बताया कि तीन साल पहले उन्होंने पक्का आवास के लिए फार्म भरा था। लेकिन अभी तक उनको पक्का आवास नहीं मिल सका है। बेटी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।