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गौरी जी को विदा कर विसर्जित किए गणपति
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 21 Sep 2015 11:28 PM IST
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मराठा समुदाय के श्री गणेशोत्सव के पांचवें दिवस महिलाओं ने गौरी जी को विदा किया और बाद में श्री गणपति बप्पा को हंसी-खुशी गर्रा नदी में विसर्जित किया।
चौक निवासी सुवर्णा निक्कम बताती हैं कि जहां दरबार में गौरी जी की स्थापना मूर्ति के रूप में नहीं हो पाती है, वहां कलश आदि पर सिंदूर से उनकी आकृति बनाकर स्थापना की जाती है। इस बार उन्होंने मुंबई से श्री गणेश जी के साथ गौरी जी की प्रतिमाएं भी मंगवाई थीं। मान्यता है कि दरबार में गणपति बप्पा के साथ गौरी जी की दो बहनों की भी स्थापना की जाती है। रात में उन्हें अकेले नहीं छोड़ा जाता है। भक्त गौरी मइया से बातें करते हैं और उनसे साथ नहीं छोड़ने, सुहाग की रक्षा करने, बच्चों को दीर्घायु बनाने के साथ सुख-संपन्नता बरकरार रखने आदि की कामना की जाती है। सुवर्णा बताती हैं कि गौरी मइया हमारी मेहमान हैं, इसलिए मेहमानों को वैसे भी अकेला नहीं छोड़ा जाता, इसलिए रात को वह दबार के सामने जमीन पर सोती हैं। गौरी जी का विसर्जन नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें विदा किया जाता है।
उन्होंने बताया कि श्री गणपति बप्पा के आगमन के तीसरे दिन गौरी मइया का अधिवास होता है। उनके विदा करने के बाद ही गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाता है। इसी कड़ी में उन्होंने स्वप्नाली सूर्यवंशी, धनराज मराठा आदि भक्तों के साथ भोग लगाकर आरती उतारी। शाम को संगीता खन्ना, सोनू शर्मा, हनी खन्ना आदि के घरों के विराजे गणपति बप्पा को विदा कर दिया गया। श्रद्धालुओं के जयघोष से गर्रा तट गूंज उठा। तट पर महाआरती के पश्चात गणपति बप्पा को विसर्जित किया गया।
श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुन गदगद हुए श्रद्धालु
चौक स्थित श्री गणेश उत्सव मंडल में श्रीमद्भागवत कथा जारी है। सोमवार को कथा व्यास धर्मवीर महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को गदगद किया। अध्यक्ष अनिल माने की देखरेख में उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है, इधर, लाला रामचरन लाल धर्मशाला, सदर बाजार में महाराष्ट्र मराठा मंडल की ओर से सजाए गए पंडाल में सुबह-शाम गणपति बप्पा के भक्त उमड़ रहे हैं। अर्जुन सूर्यवंशी की देखरेख में आयोजन चलाया जा रहा है। सीता मठिया के समीप उदासीन अखाड़ा में भी गणपति बप्पा का दरबार भक्तों से भरा रहता है। शहर में श्री गणेशोत्सव की धूम मची हुई है।
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धूमधाम से निकली भगवान गणेश की विसर्जन यात्रा
अल्हागंज। गणेश चतुर्थी के अवसर पर कस्बे में जगह-जगह स्थापित हुईं भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया है।
सोमवार को वार्ड शिवपुरी के मंदिर में स्थापित गणेश जी की प्रतिमा को बैंडबाजे के साथ विसर्जन शोभायात्रा कस्बे में धूमधाम से निकाली गई। भक्त धार्मिंक गीतों की धुनों पर नृत्य करते एक-दूसरे के अबीर गुलाल लगाते चल रहे थे। वहीं गणपति बप्पा मोरया अबकी बरस तू जल्दी आ नारे भी लगाए जा रहे थे। इससे नगर का वातावरण भक्तमय हो गया। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को गंगा में विसर्जन कर दिया गया। रात में जागरण हुआ। शोभायात्रा में विसर्जन में अजय गुप्ता, गणेश मिश्रा, आशीष गुप्ता, आनंद, चंद्रकांत मिश्रा, राधेश्याम, रामसेवक, धनपति, जिम्मी गुप्ता आदि का सहयोग रहा।
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चौक निवासी सुवर्णा निक्कम बताती हैं कि जहां दरबार में गौरी जी की स्थापना मूर्ति के रूप में नहीं हो पाती है, वहां कलश आदि पर सिंदूर से उनकी आकृति बनाकर स्थापना की जाती है। इस बार उन्होंने मुंबई से श्री गणेश जी के साथ गौरी जी की प्रतिमाएं भी मंगवाई थीं। मान्यता है कि दरबार में गणपति बप्पा के साथ गौरी जी की दो बहनों की भी स्थापना की जाती है। रात में उन्हें अकेले नहीं छोड़ा जाता है। भक्त गौरी मइया से बातें करते हैं और उनसे साथ नहीं छोड़ने, सुहाग की रक्षा करने, बच्चों को दीर्घायु बनाने के साथ सुख-संपन्नता बरकरार रखने आदि की कामना की जाती है। सुवर्णा बताती हैं कि गौरी मइया हमारी मेहमान हैं, इसलिए मेहमानों को वैसे भी अकेला नहीं छोड़ा जाता, इसलिए रात को वह दबार के सामने जमीन पर सोती हैं। गौरी जी का विसर्जन नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें विदा किया जाता है।
उन्होंने बताया कि श्री गणपति बप्पा के आगमन के तीसरे दिन गौरी मइया का अधिवास होता है। उनके विदा करने के बाद ही गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाता है। इसी कड़ी में उन्होंने स्वप्नाली सूर्यवंशी, धनराज मराठा आदि भक्तों के साथ भोग लगाकर आरती उतारी। शाम को संगीता खन्ना, सोनू शर्मा, हनी खन्ना आदि के घरों के विराजे गणपति बप्पा को विदा कर दिया गया। श्रद्धालुओं के जयघोष से गर्रा तट गूंज उठा। तट पर महाआरती के पश्चात गणपति बप्पा को विसर्जित किया गया।
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श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुन गदगद हुए श्रद्धालु
चौक स्थित श्री गणेश उत्सव मंडल में श्रीमद्भागवत कथा जारी है। सोमवार को कथा व्यास धर्मवीर महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को गदगद किया। अध्यक्ष अनिल माने की देखरेख में उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है, इधर, लाला रामचरन लाल धर्मशाला, सदर बाजार में महाराष्ट्र मराठा मंडल की ओर से सजाए गए पंडाल में सुबह-शाम गणपति बप्पा के भक्त उमड़ रहे हैं। अर्जुन सूर्यवंशी की देखरेख में आयोजन चलाया जा रहा है। सीता मठिया के समीप उदासीन अखाड़ा में भी गणपति बप्पा का दरबार भक्तों से भरा रहता है। शहर में श्री गणेशोत्सव की धूम मची हुई है।
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धूमधाम से निकली भगवान गणेश की विसर्जन यात्रा
अल्हागंज। गणेश चतुर्थी के अवसर पर कस्बे में जगह-जगह स्थापित हुईं भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया है।
सोमवार को वार्ड शिवपुरी के मंदिर में स्थापित गणेश जी की प्रतिमा को बैंडबाजे के साथ विसर्जन शोभायात्रा कस्बे में धूमधाम से निकाली गई। भक्त धार्मिंक गीतों की धुनों पर नृत्य करते एक-दूसरे के अबीर गुलाल लगाते चल रहे थे। वहीं गणपति बप्पा मोरया अबकी बरस तू जल्दी आ नारे भी लगाए जा रहे थे। इससे नगर का वातावरण भक्तमय हो गया। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को गंगा में विसर्जन कर दिया गया। रात में जागरण हुआ। शोभायात्रा में विसर्जन में अजय गुप्ता, गणेश मिश्रा, आशीष गुप्ता, आनंद, चंद्रकांत मिश्रा, राधेश्याम, रामसेवक, धनपति, जिम्मी गुप्ता आदि का सहयोग रहा।