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तापमान में तीन डिग्री की बढ़ोतरी, लोग हुए बेहाल
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शाहजहांपुर। पिछले कई दिन से बादल छाए रहने और मामूली बूंदाबांदी से जहां एक ओर आर्द्रता का स्तर बढ़ा हुआ है, वहीं उमस के साथ गर्मी का प्रकोप भी बढ़ रहा है। रविवार को दिन में अधिकतम तापमान तीन डिग्री बढ़कर 35.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार वातावरण में सुबह के वक्त सामान्य से अधिक नमी धूप निकलने पर उमस बनकर परेशान कर रही है, लेकिन बढ़ती हुई उमस और गर्मी अगले 48 घंटे मेें बारिश होने का संकेत है।
सितंबर माह मेें आखिरी बार सात मिमी बारिश गत छह सितंबर को हुई थी। उस वक्त भी बारिश सिर्फ रोजा, मोहम्मदी रोड और हरदोई रोड बाईपास तक सीमित रही, लेकिन महानगर में बादल छाए रहने के बावजूद बूंदाबांदी तक नहीं हुई। तब से बीते सात दिन में आसमान पर रोजाना बादल उमड़-घुमड़ रहे हैं। दो-तीन बार कुछ मिनट को हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन तेज बारिश नहीं होने से जनजीवन उमस और गर्मी के प्रकोप से बेहाल है। लंबे अंतराल के बाद रविवार को बाजार खुलने पर वहां खरीददारी करने पहुंचे लोग भी पसीने से तर होकर घरों को लौटे।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि बार-बार हो रही बूंदाबांदी से किसी का भला नहीं हो रहा, उल्टे गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। बूंदाबांदी के कारण पिछले 48 घंटे से वातावरण में आर्द्रता का स्तर 90 प्रतिशत से अधिक बना है। उन्होंने कहा कि अगर दिन में धूप नहीं निकले तो आर्द्रता मन को थोड़ा सुकून दे सकती है, लेकिन धूप के प्रभाव से वायुमंडल में घुली नमी वाष्प मेें बदलने से उमस बढ़ रही है और इसी वजह से गर्मी भी ज्यादा महसूस हो रही है। उन्होंने बैरोमीटर की रीडिंग में सुबह से शाम तक चार अंक के उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए कहा कि आर्द्रता की अधिकता और तापमान में वृद्धि को देखते सोमवार से मंगलवार तक बारिश होने की संभावना बढ़ गई है।
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सितंबर माह मेें आखिरी बार सात मिमी बारिश गत छह सितंबर को हुई थी। उस वक्त भी बारिश सिर्फ रोजा, मोहम्मदी रोड और हरदोई रोड बाईपास तक सीमित रही, लेकिन महानगर में बादल छाए रहने के बावजूद बूंदाबांदी तक नहीं हुई। तब से बीते सात दिन में आसमान पर रोजाना बादल उमड़-घुमड़ रहे हैं। दो-तीन बार कुछ मिनट को हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन तेज बारिश नहीं होने से जनजीवन उमस और गर्मी के प्रकोप से बेहाल है। लंबे अंतराल के बाद रविवार को बाजार खुलने पर वहां खरीददारी करने पहुंचे लोग भी पसीने से तर होकर घरों को लौटे।
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गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि बार-बार हो रही बूंदाबांदी से किसी का भला नहीं हो रहा, उल्टे गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। बूंदाबांदी के कारण पिछले 48 घंटे से वातावरण में आर्द्रता का स्तर 90 प्रतिशत से अधिक बना है। उन्होंने कहा कि अगर दिन में धूप नहीं निकले तो आर्द्रता मन को थोड़ा सुकून दे सकती है, लेकिन धूप के प्रभाव से वायुमंडल में घुली नमी वाष्प मेें बदलने से उमस बढ़ रही है और इसी वजह से गर्मी भी ज्यादा महसूस हो रही है। उन्होंने बैरोमीटर की रीडिंग में सुबह से शाम तक चार अंक के उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए कहा कि आर्द्रता की अधिकता और तापमान में वृद्धि को देखते सोमवार से मंगलवार तक बारिश होने की संभावना बढ़ गई है।
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