{"_id":"66ccdc797168c8ef17018206","slug":"ganga-continues-to-swell-for-the-third-day-villages-in-mirzapur-area-surrounded-by-floods-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-125768-2024-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: गंगा में तीसरे दिन बना रहा उफान, बाढ़ से घिरे मिर्जापुर क्षेत्र के गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: गंगा में तीसरे दिन बना रहा उफान, बाढ़ से घिरे मिर्जापुर क्षेत्र के गांव
Tue, 27 Aug 2024 01:20 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 27 Aug 2024 01:20 AM IST
विज्ञापन
गंगा की बाढ़ से घिरा मिर्जापुर क्षेत्र का पैलानी उत्तरी। संवाद
शाहजहांपुर/मिर्जापुर। नरौरा बैराज से भारी मात्रा में पानी की निकासी जारी रहने से गंगा में सोमवार को तीसरे दिन भी उफान बना रहा। कलान तहसील के भैंसार बांध पर सुबह गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़ गया। तीन दिन में करीब 30 सेमी बढ़ चुकी गंगा के फैलाव लेने से मिर्जापुर क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से चौतरफा घिर गए हैं। उधर, फर्रुखाबाद जिले की सीमा में शमशाबाद-जलालाबाद स्टेट हाईवे पर भी पानी बढ़ रहा है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सोमवार सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से गंगा में एक लाख 56 हजार 126 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की निकासी हो रही है। बदायूं के कछला घाट पर भी गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़ा है और वहां गंगा खतरे के निशान से 45 सेमी ऊपर हो गई है। वहां से पानी यहां आने पर मंगलवार शाम तक मिर्जापुर क्षेत्र में बाढ़ से हालात ज्यादा खराब होने की आशंका है। हालांकि, सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है कि भैंसार बांध पर गंगा खतरे के निशान से अभी 35 सेमी नीचे होने से आसपास के गांवों के आबादी क्षेत्र को बाढ़ से कोई खतरा नहीं है।
इसके विपरीत मिर्जापुर के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ से सामान्य जनजीवन में ठहराव आने लगा है। शमशाबाद स्टेट हाईवे पर पानी बढ़ने से आसपास के कई गांवों का फर्रुखाबाद से सीधा संपर्क टूटने लगा है। बाढ़ का पानी ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के चारों ओर भरने के बाद अब आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी, चितार, चौरा, बांसखेड़ा, नगला बसोला, कटैला नगला आदि गांवों में भी बाढ़ का पानी दस्तक दे चुका है। इन गांवों के गंगा किनारे वाले खेतों में धान, उर्द, तिल, शकरकंद, गन्ना आदि की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे का भी संकट गहराने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सोमवार सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा बैराज से गंगा में एक लाख 56 हजार 126 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की निकासी हो रही है। बदायूं के कछला घाट पर भी गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़ा है और वहां गंगा खतरे के निशान से 45 सेमी ऊपर हो गई है। वहां से पानी यहां आने पर मंगलवार शाम तक मिर्जापुर क्षेत्र में बाढ़ से हालात ज्यादा खराब होने की आशंका है। हालांकि, सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है कि भैंसार बांध पर गंगा खतरे के निशान से अभी 35 सेमी नीचे होने से आसपास के गांवों के आबादी क्षेत्र को बाढ़ से कोई खतरा नहीं है।
विज्ञापन
इसके विपरीत मिर्जापुर के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ से सामान्य जनजीवन में ठहराव आने लगा है। शमशाबाद स्टेट हाईवे पर पानी बढ़ने से आसपास के कई गांवों का फर्रुखाबाद से सीधा संपर्क टूटने लगा है। बाढ़ का पानी ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के चारों ओर भरने के बाद अब आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। इस्लामनगर, आजादनगर, कमथरी, चितार, चौरा, बांसखेड़ा, नगला बसोला, कटैला नगला आदि गांवों में भी बाढ़ का पानी दस्तक दे चुका है। इन गांवों के गंगा किनारे वाले खेतों में धान, उर्द, तिल, शकरकंद, गन्ना आदि की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे का भी संकट गहराने लगा है।
विज्ञापन