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Shahjahanpur News: गढि़यारंगीन पीएचसी बनी तबेला... परिसर में पाथे जा रहे उपला
Thu, 27 Apr 2023 01:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 27 Apr 2023 01:21 AM IST
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गढि़या रंगीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खराब पड़ा नल।संवाद
जैतीपुर। मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से बनाई गई गढि़यारंगीन पीएचसी खुद ही बीमार है। पीएचसी में ग्रामीण जानवर बांधने के साथ ही उपले पाथ रहे हैं। प्रसव की व्यवस्था न होने के कारण गर्भवतियों को करीब 20 किलोमीटर दूर जैतीपुर सीएचसी लेकर जाना पड़ता है। अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बेहद खराब है। चहारदीवारी टूटी होने के कारण ग्रामीण पीएचसी के परिसर में उपले पाथ रहे हैं। उपले रखने का स्थान भी बना लिया है। जानवर भी अस्पताल में बांधे जा रहे हैं। जलभराव होने के कारण बीमारी पनपने का खतरा बना रहता है। पीएचसी के अंदर छुट्टा जानवर टहलते रहते हैं। जानवर मरीजों का रास्ता रोककर खड़े हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त बेड, तकिया और चादर तक खराब स्थिति में हैं। सिर्फ एक डॉक्टर हफ्ते में तीन दिन के लिए बैठते हैं। बाकी दिन फार्मासिस्ट मरीजों को दवाई देते हैं। वार्ड ब्वॉय और सफाई कर्मचारी न होने से पीएचसी में गंदगी फैली हुई है।
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शौचालय की सीट धंसी, चोक हो गईं नालियां
पीएचसी को बनाते समय मानक का ध्यान नहीं रखा गया। इसके चलते स्वास्थ्य केंद्र के कमरों का फर्श जमीन में धंस गया है। इसके चलते जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। शौचालय में गंदगी का अंबार है। सीट धंस गईं। नाली भी चोक पड़ी होने के कारण गंदगी के चलते लोग अंदर जाने से घबराते हैं।
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ग्रामीणों की बात-- --
डॉक्टर बहुत कम आते हैं
फोटो नंबर 16
-अस्पताल खुद ही बीमार है। डॉक्टर कभी-कभार बैठते हैं। आयुर्वेदिक काउंटर पर बैठने वाले दवा देने में टाल-मटोल करते रहते हैं।
सोनू सिंह, गांव मौहटीया-- -- -- -- --
अस्पताल में गंदगी दूर से आती नजर
फोटो नंबर 15
-अस्पताल की बाउंड्री की दीवारें न होने की वजह से अस्पताल में गंदगी दूर से नजर आती है। पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। मरीज को संक्रमण होने का खतरा रहता है।
शिवा सिंह, गढि़यारंगीन-- -- -- -- --
भर्ती होने तक की व्यवस्था नहीं
फोटो नंबर 18
-अस्पताल में प्रसव व भर्ती होने की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल के फर्श जमीन में धंस गए हैं। डॉक्टर सप्ताह में तीन दिन दो घंटे बैठते हैं।
यशवीर सिंह, गढि़यारंगीन।
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सप्ताह में तीन दिन बैठते डॉक्टर
फोटो नंबर 17
-अस्पताल में सप्ताह में डॉक्टर तीन दिन बैठते हैं। डॉक्टर नहीं होने पर आयुर्वेदिक वाले फार्मासिस्ट से दवा देने को कहा तो आनाकानी की।
संजीव गुप्ता, गढि़यारंगीन
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-पीएचसी गढि़यारंगीन में सारी व्यवस्था बेहतर हैं। यहां पर स्वास्थ्य मेला भी लगा है। एक डॉक्टर व दो स्टाफ नर्स की तैनाती की थी। प्रसव कराने के सारे इंतजाम करा दिए गए थे। डॉ. आरके गौतम, सीएमओ
वर्जन गढि़यारंगीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन लोगों का स्टाफ मौजूद है। एक डॉक्टर जो तीन दिन बैठते थे, उन्हें लगातार छह दिन बैठने के लिए कहा गया है। एक पुरुष स्टाफ नर्स और एएनएम कार्यरत है। अस्पताल में वॉर्ड ब्वॉय और सफाई कर्मचारी की कमी है। इसे जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। - डॉ. लईक अहमद अंसारी, सीएचसी प्रभारी, जैतीपुर
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बेहद खराब है। चहारदीवारी टूटी होने के कारण ग्रामीण पीएचसी के परिसर में उपले पाथ रहे हैं। उपले रखने का स्थान भी बना लिया है। जानवर भी अस्पताल में बांधे जा रहे हैं। जलभराव होने के कारण बीमारी पनपने का खतरा बना रहता है। पीएचसी के अंदर छुट्टा जानवर टहलते रहते हैं। जानवर मरीजों का रास्ता रोककर खड़े हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त बेड, तकिया और चादर तक खराब स्थिति में हैं। सिर्फ एक डॉक्टर हफ्ते में तीन दिन के लिए बैठते हैं। बाकी दिन फार्मासिस्ट मरीजों को दवाई देते हैं। वार्ड ब्वॉय और सफाई कर्मचारी न होने से पीएचसी में गंदगी फैली हुई है।
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शौचालय की सीट धंसी, चोक हो गईं नालियां
पीएचसी को बनाते समय मानक का ध्यान नहीं रखा गया। इसके चलते स्वास्थ्य केंद्र के कमरों का फर्श जमीन में धंस गया है। इसके चलते जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। शौचालय में गंदगी का अंबार है। सीट धंस गईं। नाली भी चोक पड़ी होने के कारण गंदगी के चलते लोग अंदर जाने से घबराते हैं।
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ग्रामीणों की बात
डॉक्टर बहुत कम आते हैं
फोटो नंबर 16
-अस्पताल खुद ही बीमार है। डॉक्टर कभी-कभार बैठते हैं। आयुर्वेदिक काउंटर पर बैठने वाले दवा देने में टाल-मटोल करते रहते हैं।
सोनू सिंह, गांव मौहटीया
अस्पताल में गंदगी दूर से आती नजर
फोटो नंबर 15
-अस्पताल की बाउंड्री की दीवारें न होने की वजह से अस्पताल में गंदगी दूर से नजर आती है। पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। मरीज को संक्रमण होने का खतरा रहता है।
शिवा सिंह, गढि़यारंगीन
भर्ती होने तक की व्यवस्था नहीं
फोटो नंबर 18
-अस्पताल में प्रसव व भर्ती होने की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल के फर्श जमीन में धंस गए हैं। डॉक्टर सप्ताह में तीन दिन दो घंटे बैठते हैं।
यशवीर सिंह, गढि़यारंगीन।
सप्ताह में तीन दिन बैठते डॉक्टर
फोटो नंबर 17
-अस्पताल में सप्ताह में डॉक्टर तीन दिन बैठते हैं। डॉक्टर नहीं होने पर आयुर्वेदिक वाले फार्मासिस्ट से दवा देने को कहा तो आनाकानी की।
संजीव गुप्ता, गढि़यारंगीन
-पीएचसी गढि़यारंगीन में सारी व्यवस्था बेहतर हैं। यहां पर स्वास्थ्य मेला भी लगा है। एक डॉक्टर व दो स्टाफ नर्स की तैनाती की थी। प्रसव कराने के सारे इंतजाम करा दिए गए थे। डॉ. आरके गौतम, सीएमओ
वर्जन गढि़यारंगीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन लोगों का स्टाफ मौजूद है। एक डॉक्टर जो तीन दिन बैठते थे, उन्हें लगातार छह दिन बैठने के लिए कहा गया है। एक पुरुष स्टाफ नर्स और एएनएम कार्यरत है। अस्पताल में वॉर्ड ब्वॉय और सफाई कर्मचारी की कमी है। इसे जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। - डॉ. लईक अहमद अंसारी, सीएचसी प्रभारी, जैतीपुर

गढि़या रंगीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खराब पड़ा नल।संवाद

गढि़या रंगीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खराब पड़ा नल।संवाद

गढि़या रंगीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खराब पड़ा नल।संवाद

गढि़या रंगीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खराब पड़ा नल।संवाद