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Shahjahanpur News: बीईओ से लेकर संकुल शिक्षक तक बनाएंगे आदर्श विद्यालय, स्कूलों का चिह्नांकन शुरू
Fri, 27 Jun 2025 01:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:04 AM IST
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0 छात्र-छात्राओं का स्कूल में ठहराव के साथ पठन-पाठन का माहौल तैयार करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए बीईओ से लेकर शिक्षकों तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रत्येक ब्लॉक में आदर्श स्कूलों की संख्या बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी, एआरपी व शिक्षकों को आदर्श विद्यालय बनाने के लिए निर्देशित किया। राज्य परियोजना निदेशक का पत्र आने के बाद स्कूलों का चिह्नांकन शुरू कर दिया है।
स्कूलों को निपुण बनाने का प्रयास शिक्षा विभाग लगातार कर रहा है। इसे गति देने के लिए निपुण विद्यालय के लिए वार्षिक लक्ष्य निर्धारण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत बीईओ को बीआरसी परिसर या निकट के प्राथमिक, कंपोजिट स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करना है। डायट मेटर को विकासखंड में एक स्कूल को चुनना होगा। इसी तरह एसआरजी को मूल विद्यालय, एआरपी को विकासखंड के दस चयनित स्कूल, शिक्षक संकुल को मूल विद्यालय, पूर्व में एआरपी पद पर रहे शिक्षक को कार्यरत स्कूल को बेहतर बनाना होगा। दिसंबर और अगले वर्ष फरवरी में डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से आंकलन भी कराया जाएगा।
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यह करने होंगे प्रयास
-स्कूलों में छात्र-छात्राओं के नामांकन में बढ़ोत्तरी, 80 प्रतिशत या उससे अधिक औसत उपस्थिति जरूरी है। कक्षावार और विषयवार पाठ्यक्रम प्रत्येक माह अवश्य पूर्ण कराना होगा। संदर्शिका, कार्य पुस्तिका, प्रिंटरिच सामग्री, टीएलएम, किट्स, तालिका आदि का प्रयोग कर कक्षा को प्रभावी बनाएंगे। कक्षा दो तक के सभी बच्चे कक्षा के अनुरूप निर्धारित दक्षताओं के अनुरूप समझ, स्पष्टता और सहज प्रभाव के साथ पढ़ सकें।
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-महानिदेशक का पत्र प्राप्त हो गया। पत्र में दिए निर्देशों का पालन कराया जाएगा। स्कूलों को आदर्श बनाना शिक्षकों की पहली प्राथमिकता है।
दिव्या गुप्ता, बीएसए
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए बीईओ से लेकर शिक्षकों तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रत्येक ब्लॉक में आदर्श स्कूलों की संख्या बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी, एआरपी व शिक्षकों को आदर्श विद्यालय बनाने के लिए निर्देशित किया। राज्य परियोजना निदेशक का पत्र आने के बाद स्कूलों का चिह्नांकन शुरू कर दिया है।
स्कूलों को निपुण बनाने का प्रयास शिक्षा विभाग लगातार कर रहा है। इसे गति देने के लिए निपुण विद्यालय के लिए वार्षिक लक्ष्य निर्धारण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत बीईओ को बीआरसी परिसर या निकट के प्राथमिक, कंपोजिट स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करना है। डायट मेटर को विकासखंड में एक स्कूल को चुनना होगा। इसी तरह एसआरजी को मूल विद्यालय, एआरपी को विकासखंड के दस चयनित स्कूल, शिक्षक संकुल को मूल विद्यालय, पूर्व में एआरपी पद पर रहे शिक्षक को कार्यरत स्कूल को बेहतर बनाना होगा। दिसंबर और अगले वर्ष फरवरी में डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से आंकलन भी कराया जाएगा।
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यह करने होंगे प्रयास
-स्कूलों में छात्र-छात्राओं के नामांकन में बढ़ोत्तरी, 80 प्रतिशत या उससे अधिक औसत उपस्थिति जरूरी है। कक्षावार और विषयवार पाठ्यक्रम प्रत्येक माह अवश्य पूर्ण कराना होगा। संदर्शिका, कार्य पुस्तिका, प्रिंटरिच सामग्री, टीएलएम, किट्स, तालिका आदि का प्रयोग कर कक्षा को प्रभावी बनाएंगे। कक्षा दो तक के सभी बच्चे कक्षा के अनुरूप निर्धारित दक्षताओं के अनुरूप समझ, स्पष्टता और सहज प्रभाव के साथ पढ़ सकें।
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-महानिदेशक का पत्र प्राप्त हो गया। पत्र में दिए निर्देशों का पालन कराया जाएगा। स्कूलों को आदर्श बनाना शिक्षकों की पहली प्राथमिकता है।
दिव्या गुप्ता, बीएसए