{"_id":"6870098ecc4174251a005c54","slug":"four-lakh-thirty-eight-thousand-children-will-be-given-vitamin-a-supplements-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-147776-2025-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: चार लाख 38 हजार बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन-ए की खुराक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: चार लाख 38 हजार बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन-ए की खुराक
विज्ञापन
शाहजहांपुर। जनपद में विटामिन-ए-संपूर्ण कार्यक्रम के तहत 4,38,536 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर सुरक्षा कवच दिया जाएगा। बच्चों को खुराक पिलाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सूची बनाकर आशाओं को दे दी है। टीकाकरण सत्र वाले दिन ही बच्चे को खुराक पिलाई जाएगी।
नौ अगस्त तक चलने वाले अभियान में नौ से पांच वर्ष तक के बच्चों को चिह्नित कर लिया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.मोहम्मद आसिफ ने बताया कि प्रत्येक बुधवार व शनिवार को शहरी एवं ग्रामीण टीकाकरण सत्रों पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता विटामिन-ए की खुराक पिलाएगी। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को बुलाकर सत्र पर लेकर लाएंगी।
विटामिन-ए की कमी से रतौंधी, अंधापन आदि की समस्या होने का खतरा रहता है। विटामिन-ए की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसके चलते निमोनिया, डायरिया, खसरा और कुपोषण होने की संभावना रहती है। बच्चे की लंबाई भी नहीं बढ़ती है। विकास भी नहीं होता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि विटामिन-ए एक आवश्यक पोषक तत्व है, जो शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। यह न केवल आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। विटामिन-ए त्वचा को स्वस्थ रखने, हड्डियों को मजबूत बनाने में लाभदायक होता है।
विज्ञापन
नौ अगस्त तक चलने वाले अभियान में नौ से पांच वर्ष तक के बच्चों को चिह्नित कर लिया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.मोहम्मद आसिफ ने बताया कि प्रत्येक बुधवार व शनिवार को शहरी एवं ग्रामीण टीकाकरण सत्रों पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता विटामिन-ए की खुराक पिलाएगी। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को बुलाकर सत्र पर लेकर लाएंगी।
विज्ञापन
विटामिन-ए की कमी से रतौंधी, अंधापन आदि की समस्या होने का खतरा रहता है। विटामिन-ए की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसके चलते निमोनिया, डायरिया, खसरा और कुपोषण होने की संभावना रहती है। बच्चे की लंबाई भी नहीं बढ़ती है। विकास भी नहीं होता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि विटामिन-ए एक आवश्यक पोषक तत्व है, जो शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। यह न केवल आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। विटामिन-ए त्वचा को स्वस्थ रखने, हड्डियों को मजबूत बनाने में लाभदायक होता है।