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घना कोहरा और धुंध के साथ बूंदाबांदी ने बढ़ाई ठिठुरन भरी सर्दी
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बुधवार सुबह काफी देर तक कोहरा छाया रहा।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मंगलवार रात से ही आसमान पर बादलों ने घेराबंदी शुरू कर दी। इससे रात में उमस होने के साथ न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री बढ़कर 10.8 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन बुधवार को सुबह बादलों की धुंध समेत कोहरा की घनी चादर छाई और सर्द हवा चलने के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई तो ठिठुरन बढ़ गई और अधिकतम तापमान पांच डिग्री घटकर 18 डिग्री सेल्सियस रह गया। सुबह से मौसम खराब होने के कारण सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अगले 48 घंटे तक कोहरा और बादल छाए रहने के साथ बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी।
सुबह लोग घरों से बाहर निकले तो इतना गाढ़ा कोहरा छा चुका था कि दृश्यता घटकर बमुश्किल 50 मीटर रह गई। यही नहीं, दिन मेें दस बजे से कोहरा हिमीकृत होकर बूंदों की शक्ल में टपकने लगा और वातावरण में आर्द्रता बढ़कर शत-प्रतिशत हो गई। इस कारण पुरवाई के हल्के झोंके भी शीतलहर की तरह लोगों में सिहरन पैदा करते रहे। बेहद ठंड के कारण ज्यादातर लोग घरों के अंदर बने रहे। दोपहर में महीन फुहारों जैसी बूंदाबांदी शुरू हुई तो बाजार भी सुनसान होने लगे। बुधवार को साप्ताहिक बंदी के दिन बहादुरगंज में फुटपाथ पर दुकानें लगीं, लेकिन खरीदारों की संख्या सीमित रही।
बूंदाबांदी और सर्द हवा का प्रकोप शाम को सूर्यास्त के बाद ज्यादा बढ़ गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार वातावरण में आर्द्रता सामान्य से बहुत ज्यादा होने से कोहरा भी बढ़ गया है। उनका कहना है कि बुधवार शाम तक बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से चार अंक अधिक हो गया, लेकिन इससे अगले दो दिन तक मौसम में बदलाव आने के कोई आसार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को पुरवाई की रफ्तार बढ़ने से कोहरा थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन शीतलहर के कहर का सामना करना पड़ सकता है।
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सुबह लोग घरों से बाहर निकले तो इतना गाढ़ा कोहरा छा चुका था कि दृश्यता घटकर बमुश्किल 50 मीटर रह गई। यही नहीं, दिन मेें दस बजे से कोहरा हिमीकृत होकर बूंदों की शक्ल में टपकने लगा और वातावरण में आर्द्रता बढ़कर शत-प्रतिशत हो गई। इस कारण पुरवाई के हल्के झोंके भी शीतलहर की तरह लोगों में सिहरन पैदा करते रहे। बेहद ठंड के कारण ज्यादातर लोग घरों के अंदर बने रहे। दोपहर में महीन फुहारों जैसी बूंदाबांदी शुरू हुई तो बाजार भी सुनसान होने लगे। बुधवार को साप्ताहिक बंदी के दिन बहादुरगंज में फुटपाथ पर दुकानें लगीं, लेकिन खरीदारों की संख्या सीमित रही।
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बूंदाबांदी और सर्द हवा का प्रकोप शाम को सूर्यास्त के बाद ज्यादा बढ़ गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार वातावरण में आर्द्रता सामान्य से बहुत ज्यादा होने से कोहरा भी बढ़ गया है। उनका कहना है कि बुधवार शाम तक बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से चार अंक अधिक हो गया, लेकिन इससे अगले दो दिन तक मौसम में बदलाव आने के कोई आसार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को पुरवाई की रफ्तार बढ़ने से कोहरा थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन शीतलहर के कहर का सामना करना पड़ सकता है।
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